NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
दिल्ली हिंसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हुई, दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश
देश की राजधानी के कई इलाकों में हिंसा के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पुलिस को उसके आदेशों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है और उसे खुद कार्रवाई करनी चाहिए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
26 Feb 2020
delhi voltion

दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर बुधवार को 20 पर पहुंच गई है। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंगलवार को मरने वाले लोगों की संख्या 13 बताई गई थी।

जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया, ‘मृतकों की संख्या आज बढ़कर 20 हो गई।’ इससे पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल से कम से कम चार शवों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल लाया गया।

पुलिस हमारे आदेश का इंतजार न करे: हाईकोर्ट

देश की राजधानी के कई इलाकों में हिंसा के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पुलिस को उसके आदेशों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है और उसे खुद कार्रवाई करनी चाहिए. अदालत ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। इस याचिका में कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा जैसे भाजपा नेताओं पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है और उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। हाई कोर्ट ने इस पर 12.30 बजे तक दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने आधी रात को सुनवाई कर पुलिस को, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में घायल हुए लोगों को सुरक्षित निकाल कर सरकारी अस्पतालों में ले जाने और उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर मंगलवार देर रात साढ़े 12 बजे यह विशेष सुनवाई शुरू हुई। न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर को एक वकील ने घायलों को छोटे अस्पतालों से जीटीबी अस्पताल ना ले जा पाने की विकट परिस्थितियों के बारे में बताया था, जिसके बाद देर रात को यह सुनवाई हुई।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने पुलिस को इस व्यवस्था के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। साथ ही पीठ ने यह भी व्यवस्था दी कि अगर उसके आदेश के बावजूद, घायलों का दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में तत्काल इलाज ना हो सके तो उन्हें लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल या मौलाना आजाद या किसी अन्य अस्पताल ले जाया जाए।

पीठ ने अनुपालन की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें घायलों और उन्हें दिए गए उपचार के बारे में जानकारी हो। मामले पर आगे की सुनवाई आज बुधवार दो बजकर 15 मिनट पर होगी। व्यवस्था देते हुए पीठ ने कहा कि जीटीबी और एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षकों को भी इस आदेश की जानकारी दी जाए।

वकील सुरूर मंडेर ने न्यायधीश से सम्पर्क कर घायलों के लिए एम्बुलेंस का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करने का आदेश देने की अपील की थी। दिल्ली पुलिस और सरकार का पक्ष यहां अतिरिक्त स्थायी वकील संजय घोष ने रखा।

सुनवाई के दौरान न्यू मुस्तफाबाद स्थित अल-हिंद अस्पताल के डॉक्टर अनवर से फोन पर बात की गई, जिन्होंने अदालत को बताया कि दो शव और 22 घायल वहां हैं और वह मंगलवार शाम चार बजे से पुलिस की मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है।

अदालत ने फिर वरिष्ठ अधिकारियों से तुरन्त अस्पताल जाने और घायलों को तत्काल प्रभाव से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने का काम शुरू करने का ओदश दिया। उसने इस आदेश की जानकारी दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी देने का निर्देश दिया।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में हिंसा में 200 से ज्यादा घायल

इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के उत्तरपूर्वी इलाके में तनाव के दूसरे दिन हिंसा चांदबाग और भजनपुरा सहित कई क्षेत्रों में फैल गई। इस दौरान पथराव किया गया, दुकानों को आग लगायी गयी। दंगाइयों ने गोकलपुरी में दो दमकल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ भड़काऊ नारे लगा रही थी और मौजपुर और अन्य स्थानों पर अपने रास्ते में आने वाले फल की गाड़ियों, रिक्शा और अन्य चीजों को आग लगा दी।

पुलिस ने दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इन दंगाइयों ने अपने हाथों में हथियार, पत्थर, रॉड और तलवारें भी ली हुई थीं। कई ने हेलमेट पहन रखे थे। पुलिस को अर्धसैनिक कर्मी सहयोग कर रहे थे। सड़कों पर क्षतिग्रस्त वाहन, ईंट और जले हुए टायर पड़े थे जो सोमवार को हुई हिंसा की गवाही दे रहे थे जिसमें 48 पुलिसकर्मियों सहित लगभग 200 लोग घायल हो गए थे।

हिंसा जारी रहने के बीच पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और भजनपुरा, खजूरी खास और अन्य स्थानों पर फ्लैग मार्च किए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली पुलिस प्रमुख अमूल्य पटनायक और अन्य के साथ बैठक की।

बैठक में यह तय हुआ कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को शांति बहाली के लिए हाथ मिलाना चाहिए और सभी क्षेत्रों में शांति कमेटियों को फिर से सक्रिय किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऐसा दृश्य दशकों से नहीं देखा गया, उन्मादी समूहों ने सड़कों पर लोगों की पिटायी की और वाहनों में तोड़फोड़ की। मीडिया पर भी हमला किया गया।

जेके 24/7 न्यूज के पत्रकार अक्षय को गोली लगी और वह गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। साथ ही एनडीटीवी के दो पत्रकारों को दंगाइयों ने पीटा और घूसे मारे। कई अन्य पत्रकारों से वापस जाने के लिए कहा गया। स्कूल बंद हैं और भयभीत निवासी घरों के भीतर रहे क्योंकि उन्मादी भीड़ सड़कों पर घूम रही थी। ऐसे लोगों को सोमवार को लगाई गई निषेधाज्ञा के तहत चार से अधिक लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक की परवाह नहीं लग रही थी।

मौजपुर के एक निवासी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, ‘इलाके में शायद ही कोई पुलिस की मौजूदगी है। दंगाई इधर उधर घूम रहे हैं और लोगों को धमका रहे हैं, दुकानों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। परिवारों को वहां से निकालने की जरूरत है। हम अपने घरों में असुरक्षित हैं।’

एक अन्य ने कहा कि 35 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, संभवतः 1984 के सिख विरोधी दंगों के बाद से उसने इस तरह की स्थिति देखी है। उसने पीटीआई से कहा, ‘क्षेत्र हमेशा से शांतिपूर्ण रहा है।’ उपद्रव दिनभर चलता रहा।

मिसाल के तौर पर चांदबाग में शाम पांच बजे के आसपास सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को खदेड़ा लेकिन कुछ अन्य ने उन पर ताजा हमला किया जो पेट्रोल बम से लैस थे। यमुना विहार और जाफराबाद के कुछ निवासियों ने बताया कि उन्होंने दंगाइयों के हाथों में तलवारें देखीं।

मारे गए व्यक्तियों में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल भी शामिल हैं। लाल की मौत गोली लगने से हुई। मारे गए लोगों में घोंडा निवासी विनोद कुमार भी शामिल था जिसे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसका शव जग परवेश अस्पताल के मुर्दाघर में है।

जाफराबाद के पास कर्दमपुरी से मोहम्मद फुरकान की भी मौत हो गई है जिसकी 2014 में शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। उसके भाई मोहम्मद इमरान ने कहा के दोनों भाई हस्तशिल्प व्यवसाय में थे।

उन्होंने अस्पताल के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘वह अपने बच्चों के लिए कुछ खाने के लिए लेने गया था। किसी ने मुझसे कहा कि उसे गोली मार दी गई है। मुझे विश्वास नहीं हुआ क्योंकि मैं उससे मुश्किल से एक घंटे पहले मिला था। मैं उसे फोन करता रहा ... मैं फिर जीटीबी अस्पताल पहुंचा। मुझे बताया गया कि वह मर चुका है।’

इमरान ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा के ट्वीट को दोषी ठहराया जिन्होंने दिल्ली पुलिस को प्रदर्शनकारियों को सड़कों से हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि लोग ट्रंप के भारत में रहने तक ही शांत रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘उससे पहले तक सब कुछ शांतिपूर्ण था।’

सोमवार को पुलिस के सामने पिस्तौल लहराते दिखे व्यक्ति की पहचान शाहरुख के रूप हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि 11 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

केजरीवाल ने स्थिति पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और सभी दलों के विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने लोगों से हिंसा से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि सभी मुद्दों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने जीटीबी अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद कहा, ‘इस पागलपन को रोकें।’

उन्होंने कहा, ‘मैं घायलों से मिला हूं, साथ ही उन लोगों से भी मिला हूं जो गोलियां लगने से घायल हुए हैं। सबसे बड़ी चिंता हिंसा रोकना है। मैं सभी से हिंसा रोकने की अपील करता हूं।’

इस बीच दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर पांच मेट्रो स्टेशन मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बंद रहे। पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) अमित शर्मा का सोमवार रात एक आपरेशन किया गया जिन्हें झड़पों के दौरान सिर में चोट लगी थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Delhi
Delhi Violence
orders to shoot at rioters
delhi police
Delhi Police Special Cell

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मुंडका अग्निकांड : 27 लोगों की मौत, लेकिन सवाल यही इसका ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली में गिरी इमारत के मलबे में फंसे पांच मज़दूरों को बचाया गया

दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे

गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया

जेएनयू परिसर में 26 वर्षीय महिला की मौत, पुलिस को आत्महत्या का संदेह


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के मामलों में क़रीब 25 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई
    04 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,205 नए मामले सामने आए हैं। जबकि कल 3 मई को कुल 2,568 मामले सामने आए थे।
  • mp
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सिवनी : 2 आदिवासियों के हत्या में 9 गिरफ़्तार, विपक्ष ने कहा—राजनीतिक दबाव में मुख्य आरोपी अभी तक हैं बाहर
    04 May 2022
    माकपा और कांग्रेस ने इस घटना पर शोक और रोष जाहिर किया है। माकपा ने कहा है कि बजरंग दल के इस आतंक और हत्यारी मुहिम के खिलाफ आदिवासी समुदाय एकजुट होकर विरोध कर रहा है, मगर इसके बाद भी पुलिस मुख्य…
  • hasdev arnay
    सत्यम श्रीवास्तव
    कोर्पोरेट्स द्वारा अपहृत लोकतन्त्र में उम्मीद की किरण बनीं हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं
    04 May 2022
    हसदेव अरण्य की ग्राम सभाएं, लोहिया के शब्दों में ‘निराशा के अंतिम कर्तव्य’ निभा रही हैं। इन्हें ज़रूरत है देशव्यापी समर्थन की और उन तमाम नागरिकों के साथ की जिनका भरोसा अभी भी संविधान और उसमें लिखी…
  • CPI(M) expresses concern over Jodhpur incident, demands strict action from Gehlot government
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
    04 May 2022
    माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल
    04 May 2022
    भारत का विवेक उतना ही स्पष्ट है जितना कि रूस की निंदा करने के प्रति जर्मनी का उत्साह।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License