NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईजिप्ट : पुलिस स्टेशन पर 2013 के हमले के मामले में एक ही दिन में 17 लोगों को फांसी
कई मानवाधिकार समूहों द्वारा इस मुकदमे पर सवाल उठाए जाने के बाद भी फांसी की ये सजा हुई और इसे घोर अनुचित बताया।
पीपल्स डिस्पैच
29 Apr 2021
ईजिप्ट : पुलिस स्टेशन पर 2013 के हमले के मामले में एक ही दिन में 17 लोगों को फांसी

इजिप्ट में साल 2013 में गीज़ा प्रांत के केर्दासा उपनगर में एक पुलिस स्टेशन पर हमले के सिलसिले में 17 लोगों को फांसी देने के बाद मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जाहिर की है। ये रिपोर्ट मिड्ल ईस्ट आई ने कल प्रकाशित किया। रिपोर्ट के अनुसार फांसी की ये सजा सोमवार 26 अप्रैल की सुबह में दी गई।

इजिप्ट के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को 13 पुलिसकर्मियों की हत्याओं के लिए दोषी केवल नौ लोगों की फांसी का उल्लेख किया था। हालांकि, मंगलवार को 17 प्रतिवादियों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने खुलासा किया कि इन लोगों के परिवारों को पहले सूचित किए बिना सभी 17 लोगों को गुप्त तरीके से फांसी पर लटका दिया गया।

कई मानवाधिकार समूहों ने इजिप्ट के अधिकारियों द्वारा दी गई फांसी की कड़ी निंदा की। इजिप्ट कमीशन फॉर राइट्स एंड फ्रीडम (ईसीआरएफ) के अनुसार 2021 की शुरुआत से कम से कम 39 लोगों को मौत की सजा हो चुकी है। जिन 17 लोगों को फांसी दी गई उनमें से एक 82 साल के बीमार कुरान के उस्ताद थे जिन पुलिस थाना में घुसने और आग लगाने का आरोप था।

इजिप्ट को हाल ही में ऐसा देश घोषित किया गया जहां मौत की सजा सबसे ज्यादा दी जाती है। साल 2019 की तुलना में 2020 में मौत की सजा में तीन गुना वृद्धि हुई थी।

इन लोगों के दोषों पर संदेह जताया गया। अरब ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स (एओएचआर) ने कहा था कि इन लोगों को किसी भी ठोस सबूत के अभाव में दोषी ठहराया गया था और अधिकारियों द्वारा प्राप्त कई स्वीकारोक्तिओं को यातना पहुंचा कर हासिल की गई थी।

इस मामले के अभियुक्तों की मूल सूची में 188 प्रतिवादी शामिल थे जिनमें से अधिकांश मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्य या सहानुभूति रखने वाले थे। इन सभी को शुरू में मौत की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद, कई अपीलों और सुनवाई के दौरान उनमें से 20 लोगों की मौत की सजा को बरकरार रखा गया था, जबकि अन्य को जेल में कैद की लंबी सजा सुनाई गई थी। एक आरोपी जो उस समय किशोर था उसको 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

वर्षों से मानवाधिकार समूहों ने नियमित रूप से इस मुद्दे को उठाया है, हमेशा जोर देकर कहा कि ये सजा राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के अधीन इजिप्ट सरकार द्वारा किए जा रहे दमन और उत्पीड़न के व्यापक और व्यवस्थित चल रहे अभियान का हिस्सा हैं।

egypt
Human Rights
death penalty

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा

मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल


बाकी खबरें

  • एजाज़ अशरफ़
    दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान
    12 May 2022
    जाने-माने एक्टिविस्ट बताते हैं कि कैसे वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी दलित को जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और आस्था से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत
    12 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के एक हज़ार से कम यानी 970 नए मामले दर्ज किए गए है, जबकि इस दौरान 1,230 लोगों की ठीक किया जा चूका है |
  • सबरंग इंडिया
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल
    12 May 2022
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ एमपी के आदिवासी सड़कों पर उतर आए और कलेक्टर कार्यालय के घेराव के साथ निर्णायक आंदोलन का आगाज करते हुए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की।
  • Buldozer
    महेश कुमार
    बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग
    11 May 2022
    जब दलित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के दलित समुदाय में गुस्सा है।
  • Professor Ravikant
    न्यूज़क्लिक टीम
    संघियों के निशाने पर प्रोफेसर: वजह बता रहे हैं स्वयं डा. रविकांत
    11 May 2022
    लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ आरएसएस से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता हाथ धोकर क्यों पड़े हैं? विश्वविद्यालय परिसरों, मीडिया और समाज में लोगों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License