NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा चुनाव: नया मोटर व्हीकल एक्ट राज्य में चुनावी मुद्दा बन गया है!
ग्राउंड रिपोर्ट: 'मैंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को वोट दिया था लेकिन बीजेपी ने हमारे पेट पर लात मार दी है। हमारी कमाई पहले से ही बहुत कम थी। अब पेट भरना मुश्किल है। इस कानून की आड़ में पुलिस का जुल्म बढ़ गया है। इस बार बीजेपी को वोट देना संभव नहीं है।'
अमित सिंह
12 Oct 2019
haryana elections and motor act
Image courtesy: News State

हिसार: हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। फतेहाबाद सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डूडाराम बिश्नोई ने दावा किया है कि अगर इस चुनाव में वो जीतते हैं तो न सिर्फ नशे और शिक्षा से संबंधित समस्याओं का निदान करेंगे, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आए दिन चालान कटने जैसी समस्यााएं तो अपने आप ही खत्म हो जाएंगी।

बिश्नोई ने कहा, 'नशा बिकना, बाइक का चालान कटना और ऐसी ही कई और समस्याएं छोटी-मोटी समस्याएं हैं। एक बार आपका बेटा एमएलए बन गया तो फिर सब खत्म हो जाएंगी। मेरे विधायक बनने के बाद कोई बाइक का चालान नहीं कटेगा।'

हालांकि विश्नोई के बयान को लेकर आलोचना शुरू हो गई लेकिन वास्तविकता में नया मोटर व्हीकल एक्ट हरियाणा में चुनावी मुद्दा बन गया है। ज्यादातर लोग चालान को लेकर परेशान और बीजेपी सरकार से नाराज नजर आए।

गौरतलब है कि मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2019 में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से काफी कठोर प्रावधान रखे गए हैं। किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद हरियाणा में काटे जा रहे भारी-भरकम चालान पर सॉफ्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और फिर से सरकार बनने पर इस एक्ट में संशोधन किया जाएगा।

लेकिन खट्टर की इस बात से जनता की नाराजगी कम नही हो रही है। हिसार के भाईचारा टैक्सी यूनियन के प्रधान 45 वर्षीय राजकुमार जांगू कहते हैं, 'नए मोटर व्हीकल एक्ट के आने के बाद टैक्सी चालकों का जीवन तबाह हो गया है। हमारी पूरी बचत एक बार चालान कटने में ही खत्म हो जाती है। यह कानून इतना कठोर है कि कई दूसरे राज्य सरकारों ने इसमें ढील दी या बदलाव किया लेकिन चुनाव होने के बावजूद खट्टर सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। सिर्फ 45 दिन जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है, लेकिन चालान अब भी कट रहे हैं। चुनाव खत्म होते ही यह अवधि भी खत्म हो जाएगी तब क्या होगा?'
IMG-20191012-WA0009.jpgभाई चारा टैक्सी यूनियन हिसार के सदस्य

वो आगे कहते हैं,'मैंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को वोट दिया था लेकिन बीजेपी ने हमारे पेट पर लात मार दी है। यहां ज्यादातर टैक्सी चालकों को अपने परिवार का पेट पालना पड़ता है। हमारी कमाई पहले से ही बहुत कम थी। अब पेट भरना मुश्किल है। इस कानून की आड़ में पुलिस का जुल्म बढ़ गया है। इस बार बीजेपी को वोट देना संभव नहीं है।'

कुछ ऐसा ही कहना 35 वर्षीय टैक्सी चालक बिजेंदर कुमार का है। वो कहते हैं, 'ये कानून सिर्फ गरीब लोगों को परेशान करने के लिए बनाया गया है। इसकी आड़ में पुलिस की घूसखोरी बढ़ गई है। हरियाणा के टैक्सी ड्राइवरों की कमाई पर पहले से ही टोल टैक्स की मार पड़ी हुई थी। इस कानून के लागू होने के बाद हम ड्राइवरों का खर्च नहीं निकल पा रहा है। सड़क पर सब नियम से चले हम इसकी वकालत करते हैं लेकिन इसके लिए जुर्माने की राशि इतनी ज्यादा बढ़ा देना कहीं से भी जायज नहीं है। सरकार जुर्माने की राशि दोगुनी या तीन गुनी कर देती तब भी समझ में आता लेकिन इतना ज्यादा इजाफा ज्यादती है।'

हिसार के ही रहने वाले और ट्रैक्टर चालक 50 वर्षीय संपत लाल कहते हैं,'नए कानून के तहत पुलिस किसानी में काम आने वाले ट्रैक्टर पर भी जुर्माना लगा रही है। इसके चलते खेती और माल ढुलाई का काम प्रभावित हो रहा है। हरियाणा में चौधरी देवी लाल की सरकार ने ट्रैक्टर को टैक्स मुक्त किया था लेकिन खट्टर सरकार चालान करा रही है। किसान इसका जवाब अपने मतदान के जरिए देंगे।'

तो वहीं 45 वर्षीय प्रभू दयाल कहते हैं, 'इस चुनाव में वोट करते समय हम टैक्सी चालक इस कानून का भी ध्यान रखेंगे। इससे सब परेशान है। बाइक वाले से लेकर ट्रक चलाने वालों को इस कानून का खामियाजा उठाना पड़ा है। अभी चुनाव का टाइम है तो प्रशासन ने थोड़ी ढील दे रखी है लेकिन अगर ये फिर से जीतकर आ गए तो हम लोगों को धंधा बदल लेना पड़ेगा नहीं तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।'

गौरतलब है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद गुरुग्राम में एक स्कूटी चालक का 23 हजार रुपये का चालान काटने की खबर मीडिया में सुर्खियां बनी थी। इसी तरह हरियाणा के ही झज्झर में बाइक पर भी 22 हज़ार का चालान काटा गया था।

इसके अलावा हरियाणा के रेवाड़ी में एक ट्रक का 1.16 लाख रुपये का चालान किया गया था। गुरुग्राम में एक ट्रैक्टर चालक का 59 हजार रुपये का चालान कटा था। फरीदाबाद में एक बुलेट चालक का 41000 रुपये का चालान हुआ। फरीदाबाद में ही एक बुलेट चालक का 35 हजार रुपये का चालान हो चुका है।

हालांकि हरियाणा के विपक्षी दल इसे चुनाव में मुद्दा बना रहे हैं। जननायक जनता पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह चौटाला अपनी चुनावी रैलियों में नए मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव की बात कर रहे हैं। वो इसी बहाने भाजपा की मनोहर लाल खट्टर सरकार को लोगों पर अत्याचार करने वाला बता रहे हैं। तो वहीं, कांग्रेस नेता और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपिंदर सिंह हुड्डा भी अपनी रैलियों में भाजपा सरकार को आड़े हाथों ले रहे हैं। उनका कहना है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट जनता विरोधी है और अगर कांग्रेस की सरकार सत्ता में आती है तो वह जुर्माने में कटौती करेंगे।

आपको बता दें कि हरियाणा परिवहन विभाग के मुताबिक 2010 में प्रदेश में कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या 47,91,825 है। जानकारों का कहना है कि इसके बाद के 9 सालों में इसमें करीब डेढ़ गुना इजाफा हो गया होगा। गौरतलब है कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा और 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे।

Haryana Assembly Elections
New motor vehicle act_2019
BJP
Congress
Bhaichara Taxi Union
Motor act Election issue

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License