NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
खोज ख़बर: कौन बना रहा हमें 'बलि का बकरा', मीलॉर्ड !
खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट के तब्लीगी जमात से जुड़ी सारी FIR रद्द करने के फैसले को आस की किरण बताया। साथ ही प्रशांत भूषण और जस्टिस कर्णन से जुड़े मसलों पर चर्चा करते हुए न्यायपालिका की जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ जाति का सवाल भी उठाया।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
23 Aug 2020

खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट के तब्लीगी जमात से जुड़ी सारी FIR रद्द करने के फैसले को आस की किरण बताया और इसमें मीडिया सहित सरकार के रवैये पर की गई तीखी टिप्पणी पर चर्चा की। साथ ही प्रशांत भूषण और जस्टिस कर्णन से जुड़े मसलों पर चर्चा करते हुए न्यायपालिका की जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ जाति का सवाल भी उठाया।

Bhasha singh
KHOJ-KHABAR
tabligi
tabligi jamat
Nizamuddin Markaz
Jamaat
Bombay High Court
prashant bhushan
justice karnan

Related Stories

प्रशांत भूषण मामला और बदलाव की उम्मीद

भारत में ओ'डायरवाद: गांधी और प्रशांत भूषण के साहस और 'अवमानना'

निराशा के माहौल में उम्मीद की किरण है बॉम्बे हाई कोर्ट का फ़ैसला

ज़रा मेरी भी सुन लीजिए, मी लॉर्ड!

खोज ख़बर: आत्मनिर्भर भारत = 1 महीने में 50 लाख बेरोज़गार

प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अवमानना का नोटिस हमारे लोकतंत्र का निर्णायक पल हो सकता है

कोरोना लॉकडॉउन मौतों पर देश को जगाते रोडस्कॉलर्स

बात बोलेगी : किसने आख़िर ऐसा समाज रच डाला है...!


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!
    27 Mar 2022
    पुनर्प्रकाशन : यही तो दिन थे, जब दो बरस पहले 2020 में पूरे देश पर अनियोजित लॉकडाउन थोप दिया गया था। ‘इतवार की कविता’ में पढ़ते हैं लॉकडाउन की कहानी कहती कवि-पत्रकार मुकुल सरल की कविता- ‘लॉकडाउन—2020’।
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    लीजिए विकास फिर से शुरू हो गया है, अब ख़ुश!
    27 Mar 2022
    ये एक सौ तीस-चालीस दिन बहुत ही बेचैनी में गुजरे। पहले तो अच्छा लगा कि पेट्रोल डीज़ल की कीमत बढ़ नहीं रही हैं। पर फिर हुई बेचैनी शुरू। लगा जैसे कि हम अनाथ ही हो गये हैं। जैसे कि देश में सरकार ही नहीं…
  • सुबोध वर्मा
    28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?
    27 Mar 2022
    मज़दूर और किसान आर्थिक संकट से राहत के साथ-साथ मोदी सरकार की आर्थिक नीति में संपूर्ण बदलाव की भी मांग कर रहे हैं।
  • अजय कुमार
    महंगाई मार गई...: चावल, आटा, दाल, सरसों के तेल से लेकर सर्फ़ साबुन सब महंगा
    27 Mar 2022
    सरकारी महंगाई के आंकड़ों के साथ किराना दुकान के महंगाई आकड़ें देखिये तो पता चलेगा कि महंगाई की मार से आम जनता कितनी बेहाल होगी ?
  • जॉन पी. रुएहल
    क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?
    27 Mar 2022
    अपने सैन्य गठबंधन, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के जरिये संभावित हस्तक्षेप से रूस को एक राजनयिक जीत प्राप्त हो सकती है और अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उसके पास एक स्वीकार्य मार्ग प्रशस्त…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License