NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
शिमला: हर मज़दूर को मिलेगा राशन; डीसी के आश्वासन पर माकपा विधायक का धरना ख़त्म
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने इस आश्वासन के बाद धरना खत्म किया कि शिमला और उसके आसपास हरेक मज़दूर को चिह्नित कर राशन देने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। एक भी मज़दूर भूखा नहीं रहेगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Apr 2020
rakesh singha

देशव्यापी लॉकडाउन में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में फँसे सभी मज़दूरों को राशन न मिलने के कारण धरने पर बैठे ठियोग से माकपा विधायक राकेश सिंघा ने 40 घंटे के बाद प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना ख़त्म कर दिया।

सभी मज़दूरों को राशन देने की मांग को लेकर विधायक राकेश सिंघा सोमवार को एसडीएम शहरी के दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गए थे। इस दौरन उन्होंने  सोमवार की रात एसडीएम दफ्तर के गेट पर ही गुजारी। उन्होंने जमीन पर बिस्तर लगाया और वहीं सो गए। उनका यह धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच सोमवार देर रात ही शिमला के उपायुक्त (डीसी) अमित कश्यप भी विधायक से मिलने पहुंचे थे। कल मंगलवार देर शाम प्रशासन ने आश्वस्त किया की प्रदेश के सभी मज़दूरों को राशन दिया जाएगा। इसके बाद सिंघा ने अपना धरना ख़त्म किया, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी अगर फिर मज़दूरों को राशन नहीं दिया गया तो वो फिर से प्रशासन की घेराबंदी करेंगे।


विधायक राकेश सिंघा ने धरना समाप्त करने के बाद बातचीत में कहा कि लॉकडाऊन की शुरुआत से ही मज़दूरों को व्यवस्थित ढंग से राशन का वितरण नहीं हो रहा था। हालांकि कई एनजीओ  शहर में रात-दिन इस कार्य में लगे हुए थे लेकिन किसी एनजीओ की ऐसी क्षमता नहीं है जो सभी मजदूरों को लगातार राशन उपलब्ध करवा सके, फिर भी एनजीओ बधाई के पात्र हैं। जो दिन रात लगे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि मज़दूरों को राशन मिले यह उनका संवैधनिक अधिकार है और सरकार उन्हें राशन दे ये सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने संविधान के आर्टिकल 21 का हवाला दिया और कहा कि 'देश में रहने वाले हर व्यक्ति को जीने का अधिकार है और यह सरकार और सरकार के तंत्र की जिम्मेदारी बनती थी कि कोई मज़दूर भूखा न रहे।'
उन्होंने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को डीसी शिमला अमित कश्यप ने बैठक बुलाई थी, जिसमें तय हुआ है कि जो भी मज़दूर व ज़रूरतमंद लोग इस शहर में हैं उन्हें चिह्नित कर विभाग द्वारा राशन दिया जाएगा। बैठक में शिमला के पूर्व मेयर और माकपा नेता संजय चौहान, कुलदीप टंडन, एसडीएम और वितरण नोडल एजेंसी के लोग मौजूद थे। उन्होंने बताया की बताया जा रहा है कि आज शिमला में राशन के वितरण में तेज़ी आई है। जहाँ अभी तक राशन नहीं पहुंचा था वहां राशन पहुंचा है।
 
इसके साथ ही विधायक ने मज़दूरों से भी आग्रह किया अगर उन्हें राशन नहीं मिला तो वे हमें या अपने कांउसलरों को जानकारी दें। हम उन्हें भूखा नहीं रहने देंगे और सरकार का यह दायित्व बनता है कि वे उनके खाने का इंतज़ाम करे। यदि इस बात को अमल में नहीं लाया गया तो पुन: धरना दिया जाएगा।

माकपा हिमाचल प्रदेश की कमेटी भी अपने विधायक के समर्थन में है और उसने भी सरकार को मज़दूरों को राशन पहुंचने को कहा है। कमेटी ने सरकार से कहा कि 'भाषण नहीं राशन दो'

माकपा का कहना है कि 'इस वैश्विक महामारी के संकट में सबसे ज्यादा मज़दूर, किसान और गरीब को मार पड़ रही है। देश भर में मज़दूर सड़कों पर धकेला गया है बिना भोजन के, बिना रोजगार के। हिमाचल में हज़ारों मज़दूर जगह जगह बिना काम के लॉकडाउन के चलते फंस गए हैं। ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, ओडिशा और कश्मीर से हैं। ये प्रदेश के आर्थिकी में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आए हैं। आज जब विश्व संकट के गुजर रहा है तो सरकार ने उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया है। माकपा संकट के इस दौर में इन मज़दूरों के साथ खड़ी है और उनके हक़ की लड़ाई में उनके साथ है। उन्होंने सरकार से कहा कि  इन सभी मजदूरों के लिए भोजन के साथ रोजगार का भी प्रबन्ध करना होगा। इस संकट में सरकार को जनता के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों को भी विश्वास में लेना चाहिए। 

इसे भी पढ़े:हिमाचल: मज़दूरों को राशन न मिलने के विरोध में माकपा विधायक का धरना

Himachal Pradesh
Lockdown
migrants . Migrant workers
CPIM
Ration Distribution scam
Rakesh Singha
shimla

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

कोलकाता: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 29वीं बरसी पर वाम का प्रदर्शन

अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल: वामपंथी पार्टियों ने मनाया नवंबर क्रांति दिवस

भारत बंद को सफल बनाने के लिए हर वर्ग से समर्थन मिल रहा हैः सीपीआई (एम)

हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन

त्रिपुरा में भाजपा द्वारा वाम मोर्चे और मीडिया संस्थानों पर बर्बर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में माकपा का रोष प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,259 नए मामले, 35 मरीज़ों की मौत
    29 Mar 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.75 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 85 हज़ार 534 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • ब्रेंडा हास
    ऑस्कर थप्पड़ विवाद: विल स्मिथ को ज़बरदस्त ऑनलाइन प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा
    29 Mar 2022
    ऑस्कर विजेता विल स्मिथ के ऑस्कर अवॉर्ड्स में क्रिस रॉक को थप्पड़ जड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है। हालांकि, इस पर क़रीब-क़रीब सभी सहमत हैं कि किसी घटिया मज़ाक का जवाब हिंसा नहीं है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • तान्या वाधवा
    क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?
    29 Mar 2022
    बोलीविया के राष्ट्रपति लुइस एर्स ने कैलामा की लड़ाई के स्मरणोत्सव के मौके पर, चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक से चिली के पूर्व राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे के शब्दों की याद दिलाते हुए पूछा कि क्या…
  • रवि शंकर दुबे
    पंजाब के पूर्व विधायकों की पेंशन में कटौती, जानें हर राज्य के विधायकों की पेंशन
    29 Mar 2022
    आपके आसपास सरकार भले ही काम न करे, लेकिन चुने हुए विधायकों के आराम की पूरी व्यवस्था की जाती है, उनके रिटायर होने पर भी उनका पूरा ख़याल रखा जाता है। हालांकि पंजाब सरकार ने इसमें कटौती का फ़ैसला लिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License