NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूकेः टेनेंट्स यूनियन ने कहा न ख़ाली कराया जाए और न किराया ऋण हो
लोगों को एकजुट होने का आह्वान एसीओआरएन यूनियन ने किया था। इस यूनियन ने COVID-19 के प्रकोप के दौरान ख़ाली कराने और ऋण से किरायेदारों, लॉज में रहने वालों और गिरवी रखने वालों के संरक्षण के लिए एक पिटीशन की भी शुरूआत की है।
पीपल्स डिस्पैच
27 May 2020
यूकेः टेनेंट्स यूनियन ने कहा न ख़ाली कराया जाए और न किराया ऋण हो

25 मई को, एसीओआरएन टेनेंट्स यूनियन द्वारा यूके भर में सभाएं आयोजित की गई थीं जिसमें सरकार से COVID-19 संकट के दौरान किराया ऋण सहित बेघरों और शिकायतों को तुरंत हल करने की मांग की गई थी। #HousingIsHealth अभियान के हिस्से के रूप में इंग्लैंड और वेल्स के 17 शहरों और नगरों में COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभा का आयोजन किया गया था।

ख़बरों के अनुसार, ये लामबंदी एबरिसविथ, ब्राइटन, ब्रिस्टल, कार्डिफ, कोवेंट्री, हेस्टिंग्स, लैंकेस्टर एंड मोरेकम्बे, लीड्स, लिवरपूल, मैनचेस्टर, न्यूकैसल, नॉर्विच, नॉटिंघम, ऑक्सफोर्ड, शेफ़ील्ड, लाइम के अधीन स्टोक और न्यूकैसल और स्विंडन में हुई।

एसीओआरएन ने कहा है कि “संकट ख़त्म हो जाने के बाद, इसमें कोई संदेह नहीं हो सकता है कि COVID-19 संकट के दौरान और इसके चलते किराए के बकाया के कारण किराएदारों को ख़ाली करा दिया जाएगा। इस आपातकालीन अवधि के ख़त्म होने पर बकाया का मामला सामने आएगा और कभी भी ख़ाली कराने के मामले में वृद्धि होगी।"

एसीओआरएन ने कहा, “एक महीने में ख़ाली कराने पर प्रतिबंध हटा दिया जाना है। हम ख़ाली कराने को समाप्त करने और इस प्रतिबंध को बढ़ाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन यदि आवश्यक हो तो हम अपने सदस्यों और समुदायों की रक्षा करेंगे और देश भर में ख़ाली कराने का विरोध करेंगे।"

एसीओआरएन ने एक पिटीशन की भी शुरूआत की है, “आवास स्वास्थ्य है! COVID-19 के प्रकोप के दौरान ख़ाली कराने और ऋण से किरायेदारों, लॉज में रहने वालों और गिरवी रखने वालों की रक्षा के लिए कोई बेघर, कोई किराया ऋण न हो।” इस पिटीशन में एसीओआरएन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरी जॉनसन से छह मांग की है, जिसमें शामिल हैं (1) कम से कम 6 महीने के लिए ख़ाली कराने के प्रतिबंध को बढ़ाया जाए या कोरोनवायरस से लोगों की सेहत की रक्षा के लिए जब तक ज़रुरत हो (2) धारा 21 का तत्काल और स्थायी अंत (3) संकट की अवधि के लिए किराया माफी का मतलब है कि इस संकट के परिणामस्वरूप हुए किसी भी बकाया राशि की उम्मीद नहीं की जा सकती है या ख़ाली कराने के लिए भविष्य के किसी भी आधार में शामिल नहीं किया जा सकता है (4) एक बार अदालती कार्यवाही पर लगी रोक हट जाने के बाद संयोग से रुकी बेदखली के लिए भूस्वामी को इस प्रक्रिया को शुरू करना चाहिए (5) संकट के समय ख़ाली कराने की रक्षा के साथ सरकारी विधायी गिरवी (गवर्नमेंट लेडिस्लेटेड मोर्टगेज) और ब्याज भुगतान पर रोक (6) लॉज में रहने वालों के लिए ख़ाली कराने के ख़िलाफ़ संरक्षण को बढ़ाना।

 

 

UK
Tenants Union
Tenants Union protest
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License