NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
खेल
केशव दत्त : भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग का एक और स्तंभ ढहा
भारतीय हॉकी के सर्वश्रेष्ठ हाफ बैक में से एक केशव दत्त ने बुधवार को कोलकाता में अंतिम सांस ली। वह 95 वर्ष के थे ।
भाषा
07 Jul 2021
keshaw

नयी दिल्ली: ब्रिटेन का मानमर्दन करते हुए ओलंपिक में स्वर्ण पदक के साथ स्वतंत्र भारत को नयी पहचान दिलाने वाली 1948 लंदन ओलंपिक टीम के सदस्य केशव दत्त के निधन के साथ ही भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग का आखिरी स्तंभ भी ढह गया।

भारतीय हॉकी के सर्वश्रेष्ठ हाफ बैक में से एक केशव दत्त ने बुधवार को कोलकाता में अंतिम सांस ली। वह 95 वर्ष के थे ।

लाहौर में 1925 में जन्में दत्त 1952 हेलसिंकी ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के उपकप्तान थे। पिछले साल बलबीर सिंह सीनियर के निधन के बाद वह स्वतंत्र भारत की पहली ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हॉकी टीम के आखिरी सदस्य थे ।

भारत ने लंदन के वेम्बले स्टेडियम पर अपने पूर्व शासक ब्रिटेन को 4 . 0 से हराकर ओलंपिक में ऐतिहासिक पीला तमगा जीता था। उस जीत ने भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर का सूत्रपात किया जो अगले दो ओलंपिक में भी जारी रहा। हेलसिंकी में 1952 में भारत ने नीदरलैंड को 6 . 1 से हराकर लगातार पांचवां स्वर्ण पदक जीता था ।

इससे पहले ध्यानचंद के उम्दा खेल के दम पर भारत ने तीन बार स्वर्ण जीते थे लेकिन वह आजादी से पहले की टीम थी। लंदन खेलों से पहले दत्त ने ध्यानचंद की कप्तानी में पूर्वी अफ्रीका का दौरा किया ।

मेजर ध्यानचंद और केडी सिंह बाबू जैसे दिग्गजों से हॉकी का ककहरा सीखने वाले दत्त ने पश्चिमी पंजाब शहर में अपनी पढाई पूरी की। वह अविभाजित भारत में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में पंजाब के लिये खेलते थे। विभाजन के बाद वह बांबे (मुंबई) आ गए और फिर 1950 में कोलकाता में बस गए। उन्होंने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में बांबे और बंगाल के लिये खेला।

मोहन बागान के लिये हॉकी खेलते हुए उन्होंने कलकत्ता लीग छह बार और बेटन कप तीन बार जीता। उन्हें 2019 में मोहन बागान रत्न सम्मान भी प्रदान किया गया और यह सम्मान पाने वाले वह पहले गैर फुटबॉलर थे।

hockey player keshaw dutt
keshaw dutt gold medal
britain vs inda and keshaw dutt
Indian hockey

Related Stories

हारकर भी भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता देशवासियों का दिल

निराश होने का समय नहीं, कांस्य पदक के मुकाबले पर ध्यान लगाना होगा: कप्तान मनप्रीत और श्रीजेश

टोक्यो ओलंपिक: सिंधू ने जीता कांस्य, पुरुष हॉकी टीम सेमीफाइनल में


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 10,197 नए मामले, 301 मरीज़ों की मौत
    17 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 28 हज़ार 555 हो गयी है।
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    मीडिया नहीं, लोकतंत्र के ख़िलाफ़ जंग छेड़ी भाजपा ने
    16 Nov 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से भाजपा ने केवल मीडिया ही नहीं लोकतंत्र के खिलाफ ही जंग छेड़ दी है। एक तरफ जहां दो नौजवान महिला पत्रकारों को त्रिपुरा रिपोर्टिंग के लिए…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    वायु प्रदूषण की बदतर होती स्थिति, एमसीडी अस्पताल के कर्मचारियों की हड़ताल और अन्य ख़बरें
    16 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी दिल्ली में बदतर होती वायु प्रदूषण की स्थिति, हिन्दूराव अस्पताल के कर्मचारियों की हड़ताल और अन्य ख़बरों पर।
  • stop
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप
    16 Nov 2021
    शौच के लिए घर से निकली नाबालिग लड़की को तीन युवक अपहरण कर गोरखपुर ले गए और एक महीने तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
  • inflation
    अजय कुमार
    बढ़ती थोक महंगाई दर और बदहाल होती भारत की अर्थव्यवस्था 
    16 Nov 2021
    कुछ लोग अमीर हो रहे हैं। लेकिन उसके मुक़ाबले अनगिनत लोग गरीब हो रहे हैं। जो लोग अमीर हो रहे हैं उनका एकाधिकार बढ़ता जा रहा है। यह एकाधिकार की प्रवृत्ति भी भारत में बढ़ती महंगाई का एक कारण है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License