NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल के अवैध प्रशासनिक हिरासत के ख़िलाफ़ 10 फ़िलीस्तीनियों की भूख हड़ताल
दस क़ैदियों में से चार क़ैदी एक महीने से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं जिसके कारण उनका स्वास्थ्य तेज़ी से गिर रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Aug 2021
इज़रायल के अवैध प्रशासनिक हिरासत के ख़िलाफ़ 10 फ़िलीस्तीनियों की भूख हड़ताल

इजरायल द्वारा प्रशासनिक हिरासत में रखे गए दस फिलिस्तीनी अवैध तरीके से कैद किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल पर हैं और जेल से अपनी तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। पैलेस्टिनियन प्रिजनर्स सोसाइटी के अनुसार, चार कैदी एक महीने से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं, जबकि अन्य ने 2 से 28 दिनों की बीच की अवधि से अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है।

रिपोर्ट के अनुसार हड़ताली कैदियों की सेहत में काफी गिरावट आई है, और वे थकान, सिरदर्द और वजन घटने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

भूख हड़ताल करने वाले दस कैदियों के नाम इस तरह हैंः सलेम जैदात, मुजाहिद हमीद, कायद फासफौस, रफत दरवेश, मुकदाद कासमी, युसेफ आमीर, अहमद हमामरा, अकरम फासफौस, फदी अम्मोर और आला अल-अराज।

फिलिस्तीनियों को नियमित रूप से इज़रायल द्वारा गिरफ्तार किया जाता है और प्रशासनिक हिरासत की अवैध और अमानवीय नीति के तहत हिरासत में लिया जाता है, जो कि फिलिस्तीन के ब्रिटिश औपनिवेशिक कब्जे के समय की है। इस नीति का उपयोग कैदियों को बिना किसी आरोप के अनिश्चित काल तक जेल में रखने और न ही मुकदमे का सामना करने देने के लिए किया जाता है।

कैदियों को भी गुप्त साक्ष्य के आधार पर जेल में रखा जाता है, जिसका खुलासा उनके वकीलों तक को नहीं किया जाता है। कैदियों की प्रशासनिक हिरासत को भी अक्सर बढ़ाया जाता है। कई फिलिस्तीनी वर्षों से जेल में बंद हैं। इस साल, 40 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों ने अपनी प्रशासनिक हिरासत के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर रखी है।

मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल से कई बार प्रशासनिक हिरासत की उसकी अपनी नीति के उपयोग को समाप्त करने का आग्रह किया है। इसमें कहा गया है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और साथ ही कैदियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

Israel
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली में रह रहे अफ़ग़ान रिफ़्यूजियों का प्रदर्शन, इंदौर में मुस्लिम युवक को पीटा और अन्य ख़बरें
    23 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी दिल्ली के अफ़ग़ान नागरिकों का प्रदर्शन, इंदौर में मुस्लिम युवक को पीटा और अन्य ख़बरों पर।
  • भाजपा की तमिलनाडु के विभाजन की मांग के पीछे क्या वजह है?
    ओंकार पुजारी
    भाजपा की तमिलनाडु के विभाजन की मांग के पीछे क्या वजह है?
    23 Aug 2021
    तमिलनाडु के कई भाजपा नेताओं ने एक अलग ‘कोंगु नाडु’ की मांग का जोरदार समर्थन किया है।
  • दिल्ली: अफ़ग़ान रिफ़्यूजियों ने बेहतर भविष्य के लिए उठाई आवाज़
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली: अफ़ग़ान रिफ़्यूजियों ने बेहतर भविष्य के लिए उठाई आवाज़
    23 Aug 2021
    आज दिल्ली में अफ़ग़ान नागरिकों ने भारत में रहने के लिए रिफ्यूजी कार्ड को और मजबूत करने की मांग की ताकि वे कारोबार कर सके और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें|
  • nizamuddin markaz
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    निज़ामुद्दीन मरकज़: अदालत ने पुलिस को आवासीय हिस्से की चाबियां सौंपने का निर्देश दिया
    23 Aug 2021
    अदालत ने कहा, ‘‘धारा 60 (मौखिक साक्ष्य पर साक्ष्य अधिनियम), धारा 310 (स्थानीय निरीक्षण पर दंड प्रक्रिया संहिता) क्या है? आपने कौन सी धाराएं रखी हैं? किसी जगह को निगरानी में रखने का मतलब यह नहीं है कि…
  • शादी का झांसा देकर बलात्कार वाले मामलों में महिलाओं की आवाज़ को अहमियत देने की ज़रूरत
    अवंतिका तिवारी
    शादी का झांसा देकर बलात्कार वाले मामलों में महिलाओं की आवाज़ को अहमियत देने की ज़रूरत
    23 Aug 2021
    शादी का झांसा देकर किये जाने वाले बलात्कार के मामलों में अदालतों को पीड़िता और अपराधी की निजी धारणाओं में और ज़्यादा गहराई से खोजबीन की कोशिश करनी चाहिए।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License