NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जामिया और एएमयू छात्रों के साथ आए दुनिया भर के 10,000 शिक्षाविद और विद्वान
इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में दुनिया भर के शिक्षाविद, विद्वान,  छात्र और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं।
आईसीएफ़
18 Dec 2019
jamia violence

जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई की निंदा करते दुनिया भर से 10,000 से अधिक नागरिक और बौद्धिक समाज के लोगों ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी किया है।

इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में दुनिया भर के शिक्षाविद, विद्वान,  छात्र और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं। भारत और विदेशों के लगभग 1100 से अधिक विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों ने इस पर हस्ताक्षर किए। इनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, यूसी बर्कले, हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, साइंस पीओ, येल यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, टोक्यो यूनिवर्सिटी, कैंब्रिज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

भारत के सभी प्रमुख संस्थानों जैसे- जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, सभी आईआईटी, भारतीय सांख्यिकी संस्थान, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च सहित कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के विद्वानों ने इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।

हस्ताक्षर करने वालों की इस सूची में रोमिला थापर, नोआम चॉम्स्की, जूडिथ बटलर, निवेदिता मेनन, सुदीप्तो कविराज, वीना दास, उमा चक्रवर्ती, पार्थ चटर्जी, होमी भाभा, अकील बिलग्रामी, तानिका सरकार, महमूद ममदानी, शेलडन पोलॉक सहित प्रमुख विद्वान शामिल हैं।

देश विदेश की संस्थानों और संबंधित संस्थाओं के विद्वानों, शिक्षाविदों, छात्रों और नगारिक समाज के गणमान्य लोगों द्वारा बिल्कुल कम समय इतने बड़ी संख्या में किए गए हस्ताक्षर से पता चलता है कि उन्होंने महसूस किया कि कॉलेज के छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की।

पूरा बयान और हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम यहाँ देख सकते हैं।

Jamia Milia Islamia
Jamia Violence
AMU
AMU-Jamia Protest
CAA
NRC

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को पांच राज्यों में नागरिकता

नताशा नरवाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए मिली ज़मानत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?

विरोध-प्रदर्शन और चुनावी रणनीति बिगड़ने के डर से भाजपा ने सीएए को लटकाया?

किसानों के प्रदर्शन में मुसलमानों की शिरकत का सवाल कितना वाजिब?


बाकी खबरें

  • अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: अधिकारियों ने जामिया मस्जिद में महत्वपूर्ण रमज़ान की नमाज़ को रोक दिया
    29 Apr 2022
    प्रशासन का कहना है कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जामिया में इबादत गुजारों के लिए व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद सामूहिक इबादत को रोकने का ये निर्णय लिया गया है।
  • लाल बहादुर सिंह
    किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम
    29 Apr 2022
    गहराता रोज़गार संकट और कठिन होती जीवन-स्थितियां भारत में फ़ासीवाद के राज्यारोहण का सबसे पक्का नुस्खा है। लेकिन तमाम फ़ासीवाद-विरोधी ताकतें एकताबद्ध प्रतिरोध में उतर पड़ें तो यही संकट समाज को रैडिकल…
  • ज़ाहिद खान
    इरफ़ान ख़ान : अदाकारी की इब्तिदा और इंतिहा
    29 Apr 2022
    29 अप्रैल 2020 को हमसे जिस्मानी तौर पर जुदा हुए इरफ़ान ख़ान अपनी लासानी अदाकारी से अपने चाहने वालों के दिलो ज़ेहन में हमेशा ज़िंदा रहेंगे।
  • एजाज़ अशरफ़
    क्यों धार्मिक जुलूस विदेशी भूमि को फ़तह करने वाले सैनिकों जैसे लगते हैं
    29 Apr 2022
    इस तरह के जुलूस, मुसलमानों पर हिंदुओं का मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व स्थापित करने और उन्हें अपने अधीन करने के मक़सद से निकाले जा रहे हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,377 नए मामले, 60 मरीज़ों की मौत
    29 Apr 2022
    दिल्ली में आज फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई, दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1,490 नए मामले दर्ज़ किए गए |
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License