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आंदोलन
भारत
राजनीति
जामिया और एएमयू छात्रों के साथ आए दुनिया भर के 10,000 शिक्षाविद और विद्वान
इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में दुनिया भर के शिक्षाविद, विद्वान,  छात्र और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं।
आईसीएफ़
18 Dec 2019
jamia violence

जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई की निंदा करते दुनिया भर से 10,000 से अधिक नागरिक और बौद्धिक समाज के लोगों ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी किया है।

इस बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में दुनिया भर के शिक्षाविद, विद्वान,  छात्र और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं। भारत और विदेशों के लगभग 1100 से अधिक विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों ने इस पर हस्ताक्षर किए। इनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, यूसी बर्कले, हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, साइंस पीओ, येल यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, टोक्यो यूनिवर्सिटी, कैंब्रिज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

भारत के सभी प्रमुख संस्थानों जैसे- जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, सभी आईआईटी, भारतीय सांख्यिकी संस्थान, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च सहित कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के विद्वानों ने इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।

हस्ताक्षर करने वालों की इस सूची में रोमिला थापर, नोआम चॉम्स्की, जूडिथ बटलर, निवेदिता मेनन, सुदीप्तो कविराज, वीना दास, उमा चक्रवर्ती, पार्थ चटर्जी, होमी भाभा, अकील बिलग्रामी, तानिका सरकार, महमूद ममदानी, शेलडन पोलॉक सहित प्रमुख विद्वान शामिल हैं।

देश विदेश की संस्थानों और संबंधित संस्थाओं के विद्वानों, शिक्षाविदों, छात्रों और नगारिक समाज के गणमान्य लोगों द्वारा बिल्कुल कम समय इतने बड़ी संख्या में किए गए हस्ताक्षर से पता चलता है कि उन्होंने महसूस किया कि कॉलेज के छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की।

पूरा बयान और हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम यहाँ देख सकते हैं।

Jamia Milia Islamia
Jamia Violence
AMU
AMU-Jamia Protest
CAA
NRC

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