NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
केवल कम्युनिस्ट ही भाजपा का विकल्प तैयार कर सकते हैं : करात
भाकपा के गठन के सौ वर्ष पूरे होने को लेकर आयोजित एक सम्मेलन में करात ने यहां बृहस्पतिवार को कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस की जो विचारधारा थी उसे उसने खो दिया है।इस  परिप्रेक्ष्य में केवल कम्युनिस्ट ही मोदी-शाह के शासन का विकल्प तैयार कर सकते हैं।’’
भाषा
18 Oct 2019
CPI M

माकपा पोलितब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने कहा है कि केंद्र में केवल कम्युनिस्ट ही भाजपा का विकल्प तैयार कर सकते हैं।भाकपा के गठन के सौ वर्ष पूरे होने को लेकर आयोजित एक सम्मेलन में करात ने नेताजी इंडोर स्टेडियम कोलकत्ता में बृहस्पतिवार को कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस की जो विचारधारा थी उसे उसने खो दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस परिप्रेक्ष्य में केवल कम्युनिस्ट ही मोदी-शाह के शासन का विकल्प तैयार कर सकते हैं।’’

माकपा नेता ने कहा कि कम्युनिस्ट देश भर में किसानों, श्रमजीवी लोगों, छात्रों और युवकों को साथ लेकर भाजपा नीत शासन के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों का उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़ने का इतिहास रहा है। करात ने कहा कि ब्रिटिश भारतीय कम्युनिस्टों से भयभीत थे और 1920 से 1925 के बीच उन्हें षड्यंत्र के पांच मामलों में फंसाया था।

करात ने कहा, ‘‘कम्युनिस्टों को कई मामलों में फंसाया गया और हमारे नेताओं की हत्या की गई लेकिन हमारे आंदोलन को तब भी नहीं दबाया जा सका और न अब दबाया जा सकेगा।’’

राज्य में भाजपा-आईआरएफटी सरकार पर बरसते हुए त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने उस पर आतंक का शासन कायम करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘कम्युनिस्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और गलत मामलों में उन्हें फंसाया जा रहा है। अब जन विरोधी सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।’’

CPI(M)
100years of communist movement
Prakash karat
Kolkata Rally
Karl Marx
BJP
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में कोरोना के 10 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    22 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 18 हज़ार 443 हो गयी है।
  • Mahapanchayat in Lucknow
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखनऊ में महापंचायत: लखीमपुर मामले में न्याय और एमएसपी की गारंटी की मांग बुलंद कर रहे किसान
    22 Nov 2021
    देश के किसानों ने सरकारों से इतने धोखे खाए हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री के मौखिक वादे पर विश्वास करना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने जब तक लिखित में कानून वापसी और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं मिलती…
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    श्री नरेंद्र मोदी जी... राष्ट्र के नाम आपका संदेश और आपके नाम किसानों का संदेश
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को सिंघु मोर्चा के किसान आंदोलन कार्यालय में बैठक की। 19 नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के उनकी सरकार के फैसले की घोषणा के बाद यह बैठक प
  • nehru
    एन.डी.जयप्रकाश
    गुटनिरपेक्ष आंदोलन और नेहरू का सैद्धांतिक रुख़: II
    22 Nov 2021
    नेहरू के लिए आम तौर पर निरस्त्रीकरण और ख़ास तौर पर परमाणु हथियारों का उन्मूलन गुटनिरपेक्षता के सिद्धांत के अटूट हिस्से थे।
  • cotton farmers
    तृप्ता नारंग
    मालवा के किसान और खेतिहर मज़दूर कई संघर्षों से जूझ रहे हैं
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद चारों ओर मनाई जा रही ख़ुशी और जश्न किसानों के हालात में सुधार नहीं कर सकते हैं और न ही उनकी तकलीफ़ों को कम कर सकते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License