NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लॉकडाउन के दौरान बर्थ-डे पार्टी मना रहे भाजपा पार्षद समेत 11 गिरफ़्तार
पुलिस ने बताया कि पनवेल नगर निगम के भाजपा पार्षद अजय बहिरा (42) का जन्मदिन मनाने के लिए सभी तक्का गांव में एक रिहायशी इमारत की छत पर एकत्र हुए थे।
भाषा
11 Apr 2020
बर्थ-डे पार्टी मना रहे भाजपा पार्षद

ठाणे : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के पनवेल में लॉकडाउन के बावजूद जन्मदिन की पार्टी मनाने के लिए एक जगह एकत्र होने के चलते भाजपा के पार्षद और दस अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, घटना शुक्रवार देर रात की है। हालांकि, बाद में सभी ज़मानत पर रिहा कर दिए गए।

पुलिस ने बताया कि पनवेल नगर निगम के भाजपा पार्षद अजय बहिरा (42) का जन्मदिन मनाने के लिए सभी तक्का गांव में एक रिहायशी इमारत की छत पर एकत्र हुए थे।

पनवेल थाने के वरिष्ठ निरीक्षक अजय कुमार ने कहा, '' पुलिस को सूचना मिली थी कि पार्षद का जन्मदिन मनाने के लिए उनके बंगले की छत पर कुछ लोग एकत्र हुए हैं। पुलिस दल मौके पर पहुंचा तो कार्यक्रम जारी था और पार्षद समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया।''

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पार्टी में शराब भी परोसी जा रही थी। उन्होंने कहा, '' वे मास्क नहीं पहने हुए थे और सामाजिक दूरी के नियमों का भी उल्लंघन कर रहे थे। एक सतर्क नागरिक ने नवी मुंबई के नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पनवेल पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी को हिरासत में ले लिया।''

उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया। आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

Lockdown
Corona virus epidemic
Coronavirus
BJP councilor
Celebrating Birthday

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना मामलों में 17 फ़ीसदी की वृद्धि

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

दिवंगत फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी को दूसरी बार मिला ''द पुलित्ज़र प्राइज़''

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License