NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
झारखंड के 12 हजार पारा मेडिकल स्टाफ हड़ताल पर, कोविड जांच की प्रक्रिया ठप  
ये लोग बीते 12 सालों से अनुबंध कर्मी के तौर पर काम कर रहे हैं. कुछ लोग तो राज्य बनने के पहले से ही अनुबंध पर काम कर रहे हैं. उन्हें अब तक स्थाई नहीं किया गया है. किसी को 12,000 तो किसी को 15,000 रुपया मिल रहा है. 
आनंद दत्त
06 Aug 2020
मेडिकल स्टाफ हड़ताल पर

झारखंड के 12 हजार से अधिक पारा मेडिकल स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इससे कोविड जांच की प्रक्रिया पूरे राज्य में लगभग ठप पड़ गई है. क्योंकि जांच करने के लिए स्वाब लेने का काम लैब टेक्नीशियन कर रहे थे. इसके अलावा सभी जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से कोविड जांच चल रही थी. यह लगभग पूरी तरह बंद हो गया है. एएनएम कर्मियों के हड़ताल पर होने की वजह से सबसे अधिक परेशानी उन गर्भवती महिलाओं को हो रही है जिनके डिलीवरी का समय नजदीक आ गया है. क्योंकि सरकार की ओर से डिलिवरी से पहले कोविड जांच अनिवार्य कर दिया गया है.  

हड़ताल करनेवाले अन्य कर्मियों में फार्मासिस्ट, एक्स-रे टेक्निशियन, एएनएम-जीएनएम, आयुष मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं. सभी राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर धरना दे रहे हैं. झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी संघ के मुताबिक बीते चार अगस्त को पहले संघ के कर्मी सांकेतिक हड़ताल पर गए. लेकिन सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई गई. इसके बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्यभर के कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. 

संघ के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बताया कि, ‘’वो लोग बीते 12 सालों से अनुबंध कर्मी के तौर पर काम कर रहे हैं. कुछ लोग तो राज्य बनने के पहले से ही अनुबंध पर काम कर रहे हैं. उन्हें अब तक स्थाई नहीं किया गया है. किसी को 12,000 तो किसी को 15,000 रुपया मिल रहा है. न तो उन्हें काम के समान वेतन मिल रहा है, न ही उनकी नौकरी को स्थाई किया जा रहा. यहां तक कि सरकार मानदेय भी नहीं बढ़ा रही है.’’ 

वहीं संघ की उपाध्यक्ष सुमन केरकेट्टा ने कहा कि, ‘’झारखंड में कोविड-19 में लगे कर्मियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिले. यह राशि बिहार, ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों में मिल रही हैं. इसके अलावा अनुबंध कर्मियों की मौत पर वो सारे लाभ मिले, जो स्थाई कर्मियों को मिलता है.’’ 

para medical  (2).jpeg

राज्य में कोविड जांच के लिए अब तक कुल 3,64,887 सैंपल लिए गए हैं. जिसमें 3,51,197 सैंपल की जांच हो चुकी है. यानी 13,690 सैंपल के रिपोर्ट आने बाकि हैं. हालात ये हैं कि लोगों को दस दिन बीत जाने पर भी रिपोर्ट नहीं मिल पा रहे हैं. देश का रिकवरी रेट जहां 65.73 प्रतिशत है, वहीं झारखंड का मात्र 38.71 प्रतिशत रह गया है. वहीं अब तक कुल 142 लोगों की मौत हो चुकी है. बीते बुधवार को एक दिन में सबसे अधिक एक हजार से अधिक पॉजिटिव केस सामने आए. 

क्या हड़ताल का समय सही है? 

राज्य सरकार ने 29 जुलाई से एक अगस्त तक एक लाख लोगों के टेस्ट करने का लक्ष्य रखा था. लेकिन 50 हजार का आंकड़ा ही छू पाई. स्वास्थ्य विभाग ने इसे आगे बढ़ाया. ये लक्ष्य बिना इन कर्मियों को हासिल नहीं किया जा सकता. ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या ये सही वक्त है अपनी मांग मनवाने का, हड़ताल का? विनय कुमार सिंह कहते हैं, ‘’हम इसके लिए राज्य की जनता से माफी मांगते हैं. लेकिन इस महामारी के दौरान हमारे चार साथी मर गए हैं. सरकार की तरफ से उनके लिए किसी तरह की सहायता नहीं दी गई है. काम का रिस्क हमें भी डॉक्टरों के बराबर ही है, लेकिन न तो पैसा मिलता है, न ही सुरक्षा का आश्वासन.’’ 

उन्होंने कहा कि, ‘’बातचीत के बजाय सरकार ने अल्टीमेटम दिया है कि काम पर नहीं लौटने पर हमें नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा. जाहिर है सरकार हमारी समस्याओं को सुनने के बजाए, खुद हड़ताल को बढ़ावा दे रही है. यही नहीं, खूंटी जिले में तो जिलाधिकारी ने काम पर न लौटने पर कार्रवाई करने संबंधित पत्र भी दे दिया है.’’ 

इस पूरे मसले पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना से बात करने की कोशिश की. उनके प्रेस सलाहकार संजय ठाकुर ने कहा कि, ‘’सीएम हेमंत सोरेन खुद इस मामले को देख रहे हैं. ऐसे में अधिकारिक बयान के बारे में फिलहाल कुछ कहना संभव नहीं है. जब जो फैसला होगा, वह प्रेस को बता दिया जाएगा.’’ 

para medical  (3).jpeg

पारा मेडिकल कर्मियों के मांगों का समर्थन सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के नेताओं ने भी किया है. झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, जेएमएम विधायक समीर कुमार मोहंती ने पत्र लिखकर सरकार को इनकी मांग पर विचार करने का अनुरोध किया है. 

विपक्षी पार्टी बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि, ‘’स्वास्थ्य कर्मी जीवन हथेली पर लेकर काम कर रहे हैं. इनकी जायज मांगों को सरकार नहीं मान रही है. हमारी सरकार धीरे-धीरे ऐसे लोगों की मांग मान रही थी. एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी दिया था. दो लाख और लोगों को नौकरी देने का वादा था.’’  
 
जेल में फैल चुका है कोविड, पूर्व मंत्री सहित 54 लोग पॉजिटिव 

इधर रांची के होटवार जेल में राज्य के दो पूर्व मंत्रियों राजा पीटर और एनोस एक्का सहित कुल 40 कैदी और 14 जेलकर्मी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं. वहीं रिम्स के कैदी वार्ड में भर्ती राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का वार्ड बदल दिया गया है. संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब उन्हें रिम्स निदेशक के बंगले में शिफ्ट कर दिया गया है. 

इधर हजारीबाग के पत्रकार प्रसन्न मिश्र ने बताया कि यहां ट्रूनेट मशीन बंद है, स्वाब नहीं लिया जा रहा, एक्सरे नहीं हो पा रहा है, नंबर लगाने के लेकर बिल बनाने तक का काम ठप पड़ा है. वहीं पलामू के पत्रकार सतीश सुमन ने बाताय कि एनआईसीयू बुरी तरह से प्रभावित हो गया. मेंटल हेल्थ वाला हॉस्पिटल पूरी तरह ठप है. महिलाओं की डिलिवरी पर काफी असर पड़ा है. ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत बुरा असर पड़ा है. वहीं चाईबासा के पत्रकार ऋषि ने भी यही बात दुहराई. 

कोविड के इस संकट की घड़ी में पारा मेडिकल कर्मियों से पहले मनरेगा कर्मी भी हड़ताल पर चल रहे हैं. लगभग इन्हीं सब मांगों को लेकर वह भी बीते आठ दिनों से हड़ताल कर रहे हैं. झारखंड नरेगा वाच के स्टेट कन्वीनर जेम्स हेरेंज ने बताया कि, ‘’बीते 27 जुलाई से पांच हजार से अधिक मनरेगा कर्मी हड़ताल पर हैं. इससे लगभग 50 प्रतिशत मजदूरों को काम मिलना बंद हो चुका है. ऐसे में हरित ग्राम योजना, मेड़बंदी योजना, शहीद निलांबर पितांबर जल संरक्षण योजना, मैदान निर्माण योजना बुरी तरीके से प्रभावित हो रही है.’’ 

उन्होंने बताया कि, ‘’सरकार इनसे बात करने के बजाए सखी मंडल, प्रधानमंत्री आवास योजना के कंप्यूटर ऑपरेटर को काम सौंप दिया है. लेकिन वार्ता नहीं कर रही है.’’ ऐसे में अब देखना होगा सरकार किस तरह इस स्थिति से निपटती है.

Jharkhand
Paramedical staff
Medical Staff on Strike
Coronavirus
COVID-19
Fight Against CoronaVirus
Jharkhand government
Hemant Soren

Related Stories

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी

झारखंड: राज्य के युवा मांग रहे स्थानीय नीति और रोज़गार, सियासी दलों को वोट बैंक की दरकार

झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध


बाकी खबरें

  • farmers
    बादल सरोज
    किसान आंदोलन के नौ महीने: भाजपा के दुष्प्रचार पर भारी पड़े नौजवान लड़के-लड़कियां
    25 Aug 2021
    आज यदि देश भर में किसान आंदोलन के प्रति हमदर्दी और एकजुटता का भाव है, दुनिया के अनेक देशों की संसदों में इसे लेकर चर्चा हो रही है तो उसके पीछे यह डिजिटल अभियान है जिसकी रीढ़ और भुजाएं ही नहीं जिसका…
  • afghanistan
    मोहम्मद सज्जाद
    अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े पर भारत के ‘ग़ैर-बुद्धिजीवी’ मुस्लिम का रुख
    25 Aug 2021
    यह ढोंग लगता है जब भारत का मुस्लिम बुद्धिजीवी तबक़ा अफ़ग़ानिस्तान में बहुलवाद, न्याय, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र का पक्ष नहीं लेता है। क्योंकि भारत में तो वे यही चाहते हैं।
  • Corona
    भाषा
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,457 नए मामले, 375 मरीज़ों की मौत
    25 Aug 2021
    पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 37,593 नए मामले सामने आए हैं और 648 मरीज़ों की मौत हुई है।
  • Punjab farmers
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    आंदोलन कर रहे पंजाब के किसानों की बड़ी जीत, 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी गन्ने की कीमत
    25 Aug 2021
    पंजाब के मुख्यमंत्री ने 360 रुपये प्रति क्विंटल पर गन्ना खरीद की घोषणा कर दी है, जिसे किसान संगठनों ने भी स्वीकार कर लिया है। हालांकि किसान संगठनों की मांग 400 रूपए क्विंटल की थी। फिलहाल 50 रुपये की…
  • afghanistan
    एम. के. भद्रकुमार
    अफ़गानिस्तान के घटनाक्रमों पर एक नज़र- VII
    25 Aug 2021
    यूएस-तालिबान के बीच का रिश्ता नाज़ुक स्थिति में है। ऐसे में चीन विजेता साबित हो सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License