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शिक्षा
भारत
12वीं के रिज़ल्ट में गड़बड़ी की न्यायिक जांच हो : सीपीआई
तेलंगाना में रिज़ल्ट में गड़बड़ी के चलते 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। सीपीआई ने इसके लिए शिक्षा मंत्री को निलंबित करने और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ की सहायता राशि देने की मांग की है।
भाषा
10 May 2019
Telangana Student Suicide

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने शुक्रवार को तेलंगाना सरकार से मांग की कि वह 12वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करे। इस गड़बड़ी के कारण राज्य में 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी।

सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने कहा कि राज्य सरकार को ग्लोबरीना टेक्नोलॉजी कंपनी को प्रतिबंधित कर देना चाहिए जिसे जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद (जेएनटीयूएच) ने 12वीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का काम सौंपा था।

उन्होंने केवल राज्य के शिक्षा मंत्री को निलंबित करने की ही मांग नहीं की, बल्कि सरकार से अनुरोध किया कि परिणाम की घोषणा के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के शोक-संतप्त परिवारों को भी एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए।

नारायण ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कम से कम 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। एक छात्र जिसे 99 प्रतिशत अंक मिले थे, परिणाम की घोषणा में उसे शून्य अंक मिले दिखाए गए और 33 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों के अंक भी शून्य दिखाए गए। ग्लोबरीना की इस गलती के कारण छात्रों ने आत्महत्या कर ली।’’

सीपीआई नेता ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दावा किया कि पार्टी ने राज्य के राज्यपाल को 2015 में सूचित कर दिया था कि ग्लोबरीना ‘‘फर्जी’’ कंपनी है और इसके बाद जेएनटीयूएच के साथ समझौता रद्द कर दिया गया था।

उन्होंने कहा,‘‘ यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तेलंगाना सरकार ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इसी कंपनी के साथ करार किया।’’

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश वाली एक उच्च स्तरीय समिति का तत्काल गठन किया जाना चाहिए।

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12th class exams
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