NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन के 175 दिन, किसान सरकारी दमन के साथ ही प्रकृति की क्रूरता का भी कर रहे हैं बहादुरी से सामना
बुधवार को सुबह से ही भारी बारिश से दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं पर लगे मोर्चों में भारी नुकसान हुआ है। लेकिन किसानों के हौसले में कमी नहीं आई है। किसानों ने कहा यह संदेश है कि किसानों के हौसले बुलंद है, उन्हें किसी भी हमले से डर नहीं लगता और वे भाजपा-जजपा को सबक सिखाएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 May 2021
किसान आंदोलन के 175 दिन, किसान सरकारी दमन के साथ ही प्रकृति की क्रूरता का भी कर रहे हैं बहादुरी से सामना
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

किसान आंदोलन 175वे दिन में प्रवेश कर गया है। इस दौरन किसान सरकारी दमन के साथ ही प्रकृति की क्रूरता का भी बड़ी बहदुरी से समाना कर रहे है। कल यानि बुधवार को सुबह से ही भारी बारिश से दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं पर लगे मोर्चों में भारी नुकसान हुआ। किसानों के लंगर व रहने के प्रबंधन में अव्यवस्था हुई है। सड़कों व ढलान वाली जगहों पर पानी भर आया है। लेकिन किसानों के हौसले में कमी नहीं आई।  

 दिल्ली में चक्रवाती तूफान ‘ताउते’ और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड 119.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने मई में बारिश के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहर में बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 16 डिग्री कम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 1951 के बाद से मई में सबसे कम अधिकतम तापमान है। 

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक आर. के. जिनामणि ने कहा, ‘‘मई आमतौर पर सूखा रहता है। सामान्यतः दिल्ली में इस महीने 24 घंटों में अधिकतम 30 मिमी या 40 मिमी बारिश होती है। लेकिन यह अरब सागर से आ रही और पश्चिमी विक्षोभ के संपर्क से पूरी तरह अलग व्यवस्था है। चूंकि इसके विशेष गुण दुर्लभ है तो इतनी बारिश होना हैरानी की बात नहीं है।’’

हालांकि बारिश  कल देर रात तक जारी थी लेकिन अभी बारिश रुकी हुई है  व आने वाले समय में भी मौसम विभाग ने संभावना जताई है। किसानों ने स्थिति को संभालने की कोशिश कर दी है। कल ही सभी किसानों को बारिश की संभावना का संदेश दे दिया गया था। बारिश का असर जितना ज्यादा है, उतना ही बड़ा किसानों का हौंसला है। उपलब्ध संसाधनों की मदद से स्थिति को संभाला जा रहा है। सरकार की तरफ से कोई प्रबंध नहीं होने से किसान खुद ही इन हालातों से लड़ रहे हैं।

किसान संगठनों के संयुक्त मंच किसान संयुक्त मोर्चे ने अपने बयान में कहा "इतने लंबे समय से लड़ रहे संघर्ष में किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा है। सरकार ने किसानों को बदनाम करने की तमाम कोशिशें की परंतु असफल रही। देश में किसी फसल या राज्य में उत्पादन या निर्यात बढ़ने का पूरा श्रेय सरकार लेती है। किसानों के कल्याण का दिखावा करने वाली सरकार आज दिल्ली की सीमाओं पर हो रहे हर मानवीय और अन्य नुकसान की भी जिम्मेदारी ले। भाजपा का यह दोगला चरित्र अब सबने सामने आ गया है।"

आगे उन्होंने कहा किसान आंदोलन में अब तक 470 से ज्यादा किसान शहीद हो गए हैं। अनेक आंदोलनकारियों को अपनी नौकरी, पढ़ाई व काम छोड़ने पड़े हैं। इन सबके बावजूद सरकार का ऐसा रवैया यह बताता है कि सरकार कितनी अमानवीय है व बेफिक्र है। सरकार अगर अपने नागरिकों की फिक्र करती है व उनका कल्याण चाहती है तो किसानों से बातचीत शुरू कर उनकी मांगें मान लेनी चाहिए।

राजस्थान और हरियाणा के शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने हरियाणा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।  युक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए डॉ.संजय "माधव" ने बताया कि हरियाणा के हिसार में जो किसानों पर लाठीचार्ज हुआ और उसके बाद किसानों की गिरफ्तारियां हुई, इससे नाराज़ किसान नेताओं ने हिसार के आजु बाजू सारे हाइवे जाम कर दिए थे। जिससे घबरा कर प्रशासन ने किसानों से समझौता करते हुए सभी किसानों को बिना केस दर्ज करते हुए उन्हें रिहा करना पड़ा था। पर अब प्रशासन अपनी बात से पलटते हुए किसानों पर कार्यवाही करने की बात कह रहा है। इसको लेकर सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक चल रही है। अगर प्रशासन और सरकार ने किसानों से गद्दारी की तो उन्हें मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इस हमले से गुस्साए किसानों ने मय्यड़ टोल प्लाजा, जिला हिसार पर बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग की गाड़ी रोककर भारी विरोध किया। विधायक से दोनों हाथ जुड़वा कर माफी मंगवाई गयी और माफी मांगने के बाद ही विधायक को वहां से जाने दिया गया। किसानों ने कहा यह संदेश है कि किसानों के हौसले बुलंद हैं, उन्हें किसी भी हमले से डर नहीं लगता और वे भाजपा-जजपा को सबक सिखाएंगे।

farmers protest
Farm Bills
heavy rains
Weather and Farmer
Modi government
Samyukt Kisan Morcha

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

मई दिवस: मज़दूर—किसान एकता का संदेश

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License