NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
मनरेगा में 200 दिन का काम और न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाए जाने की मांग
उच्च सदन में शून्यकाल में कांग्रेस सदस्य छाया वर्मा और पी एल पुनिया ने लॉकडाउन के कारण श्रमिकों के सामने आयी गंभीर समस्या का जिक्र किया।
भाषा
15 Sep 2020
मनरेगा
Image courtesy: Hawabaaz

नयी दिल्ली: राज्यसभा में मंगलवार को कई सदस्यों ने कोरोना वायरस के कारण लोगों की आजीविका प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए मनरेगा योजना में कार्यदिवस की मौजूदा 100 दिनों की सीमा को बढ़ाने की मांग की।

उच्च सदन में शून्यकाल में कांग्रेस सदस्य छाया वर्मा ने लॉकडाउन के कारण श्रमिकों के सामने आयी गंभीर समस्या का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि अभी मनरेगा योजना में 100 दिनों के काम का प्रावधान है और मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए इसे बढ़ाकर 200 दिन किया चाहिए और इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए। कांग्रेस सदस्य ने यह भी मांग की कि मजदूरों को समय से उनकी मजदूरी मिलनी चाहिए।

शून्यकाल में ही कांग्रेस के पी एल पुनिया ने भी लॉकाडाउन के कारण अपने गांव लौटे श्रमिकों को मनरेगा योजना के तहत काम मिलने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर उन्हें 100 दिनों का काम मिल गया है। ऐसे में उन्हें अब और काम नहीं मिल सकेगा।

पुनिया ने मौजूदा महामारी के मद्देनजर मनरेगा कानून में जरूरी संशोधन करने और न्यूनतम मजदूरी कम से कम 300 रुपये करने की मांग की।

शून्यकाल में वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी ने पोलावरम परियोजना से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए केंद्र से बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की। वहीं टीआरए सदस्य के आर सुरेश रेड्डी ने विभिन्न राज्यों के बीच नदियों के जल के बंटवारे का मुद्दा उठाया। द्रमुक सदस्य एम षणमुगन ने प्रधानमंत्री किसान योजना से जुड़ा मुद्दा उठाया।

मनोनीत शंभाजी छत्रपति और कांग्रेस के राजीव सातव ने मराठा आरक्षण का मुद्दा उठाया। सातव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक हालिया फैसले के कारण मराठा आरक्षण पर खतरा पैदा हो गया है।

कांग्रेस के रिपुन बोरा ने असम में दो पेपरमिल बंद हो जाने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बेरोजगार हो जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस संबंध में विगत में आश्वासन भी दिया था।

बोरा ने कहा कि सरकार अपना वादा पूरा कर दोनों इकाइयों को पुन: चालू कर कर्मचारियों को उनके बकाए वेतन का भुगतान करे।

शून्यकाल में ही भाजपा सदस्य केसी राममूर्ति ने विशेष उल्लेख के जरिए ऑनलाइन रमी खेल से जुडा मुद्दा उठाया वहीं शिवसेना के अनिल देसाई ने रेलवे द्वारा प्लेटफार्म टिकट की कीमत 10 रूपए से बढ़ाकर 50 रूपए किए जाने का विरोध किया।

बीजद के प्रसन्न आचार्य और सस्मित पात्रा, द्रमुक के टी शिवा, तृणमूल कांग्रेस के शांतनु सेन ने भी विशेष उल्लेख के जरिए लोक महत्व के विभिन्न मुद्दे उठाए।

MGNREGA
Minimum wage increase
Congress
BJP
Parliament of India
Rajya Sabha

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • इज़रायल ने एक बार फिर गाज़ा पर बमबारी की
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल ने एक बार फिर गाज़ा पर बमबारी की
    24 Aug 2021
    क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्र पर सोमवार को इज़रायल द्वारा की गई बमबारी एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी घटना थी।
  • नौ महीने से चल रहे किसान आंदोलन की वे पांच विशेषताएं, जिनसे सरकार डरी हुई है!
    बादल सरोज
    नौ महीने से चल रहे किसान आंदोलन की वे पांच विशेषताएं, जिनसे सरकार डरी हुई है!
    24 Aug 2021
    इस किसान आंदोलन की विशेषता है कि ये अपने असली गुनहगारों को भलीभांति पहचानता है इसलिए इनके निशानों  में सिर्फ नेता ही नहीं हैं, अडानी के शोरूम और अम्बानी के पेट्रोल पम्प और संस्थान भी हैं। उन्हें पता…
  • covid
    पीपल्स डिस्पैच
    राजनीतिक कारणों से लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वैक्सीन की असमानता बढ़ रही
    24 Aug 2021
    वैश्विक के मामले में वैक्सीन असमानता के बीच ये क्षेत्र कई अन्य कारणों जैसे अमेरिकी प्रतिबंधों, राजनीतिक अस्थिरता आदि के चलते और अधिक असमानता का सामना कर रहा है।
  • पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पंजाब के किसानो का गन्ने के मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी, दी पंजाब बंद की चेतावनी
    24 Aug 2021
    पंजाब के किसान, गन्ना के राज्य परामर्श मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। वे पहले ही पंजाब सरकार द्वारा घोषित प्रति क्विंटल पर 15 रूपये की वृद्धि ठुकरा चुके हैं।
  • निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई
    पीपल्स डिस्पैच
    निज़ार बनात के लिए न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पीए की कार्रवाई
    24 Aug 2021
    सुरक्षा बलों ने कई प्रसिद्ध फ़िलीस्तीनी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और नागरिक समाज के लोगों को गिरफ़्तार किया जिनमें पूर्व राजनीतिक क़ैदी शामिल हैं जिन्हें पहले इज़रायल ने गिरफ़्तार कर रखा था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License