NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
200 यूनिट तक बिजली मुफ़्त करेगी दिल्ली सरकार
केजरीवाल ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल कर रहे दिल्ली के उपभोक्ताओं को पूरी सब्सिडी देगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Aug 2019
AAP

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल कर रहे दिल्ली के उपभोक्ताओं को बिल के रूप में कोई भुगतान नहीं करना होगा।

केजरीवाल ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल कर रहे दिल्ली के उपभोक्ताओं को पूरी सब्सिडी देगी।

उन्होंने बताया कि 201 से 401 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर भी सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी देती रहेगी।

केजरीवाल ने ये जानकारी गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में दी।

From today, Delhi to get cheapest electricity in India: Arvind Kejriwal

Read here: https://t.co/QOW8y3WsjH pic.twitter.com/NikKmWAOSR

— NDTV Videos (@ndtvvideos) August 1, 2019

बता दें कि दिल्ली में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। और बीजेपी के नेताओं ने इसे "चुनावी स्ट्रेटजी" कहा है। बीजेपी से सांसद मनोज तिवारी ने इस क़दम को केजरीवाल का क़दम ना बताते हुए, बीजेपी के संघर्ष का नतीजा कहा है।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली देश का पहला सबसे सस्ती बिजली वाला राज्य बनने वाला है।

हालांकि ये फ़ैसला चुनावी स्ट्रेटजी कहा जा सकता है, लेकिन यदि इस स्ट्रेटजी से जनता का भला होता है, तो जनता इसका समर्थन ही करेगी।

(भाषा से इनपुट के साथ) 

AAP Govt
Arvind Kejriwal
Free electricity in Delhi up to 200 units
Delhi

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

ख़बरों के आगे-पीछे: राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा से लेकर ख़ाली होते विदेशी मुद्रा भंडार तक

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा
    20 May 2022
    एक तरफ भारत की बहुसंख्यक आबादी बेरोजगारी, महंगाई , पढाई, दवाई और जीवन के बुनियादी जरूरतों से हर रोज जूझ रही है और तभी अचनाक मंदिर मस्जिद का मसला सामने आकर खड़ा हो जाता है। जैसे कि ज्ञानवापी मस्जिद से…
  • अजय सिंह
    ‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार
    20 May 2022
    मौजूदा निज़ामशाही में असहमति और विरोध के लिए जगह लगातार कम, और कम, होती जा रही है। ‘धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाना’—यह ऐसा हथियार बन गया है, जिससे कभी भी किसी पर भी वार किया जा सकता है।
  • India ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेता
    20 May 2022
    India Ki Baat के दूसरे एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, भाषा सिंह और अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं ज्ञानवापी विवाद, मोदी सरकार के 8 साल और कांग्रेस का दामन छोड़ते नेताओं की। एक तरफ ज्ञानवापी के नाम…
  • gyanvapi
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?
    20 May 2022
    अचानक मंदिर - मस्जिद विवाद कैसे पैदा हो जाता है? ज्ञानवापी विवाद क्या है?पक्षकारों की मांग क्या है? कानून से लेकर अदालत का इस पर रुख क्या है? पूजा स्थल कानून क्या है? इस कानून के अपवाद क्या है?…
  • भाषा
    उच्चतम न्यायालय ने ज्ञानवापी दिवानी वाद वाराणसी जिला न्यायालय को स्थानांतरित किया
    20 May 2022
    सर्वोच्च न्यायालय ने जिला न्यायाधीश को सीपीसी के आदेश 7 के नियम 11 के तहत, मस्जिद समिति द्वारा दायर आवेदन पर पहले फैसला करने का निर्देश दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License