NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
2006 मालेगांव धमाका: चार आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली जमानत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव 2006 विस्फोट मामले में चार मुख्य आरोपियों लोकेश शर्मा, मनोहर नावरिया, राजेंद्र चौधरी और धन सिंह को गिरफ्तारी के लगभग सात साल बाद जमानत दे दी है।

न्यूजक्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2019
फाइल फोटो

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 के मालेगांव धमाके मामले के चार आरोपियों को शुक्रवार को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति आईए महंती और न्यायमूर्ति एएम बदर की एक खंडपीठ ने धन सिंह, लोकेश शर्मा, मनोहर नरवारिया और राजेन्द्र चौधरी को जमानत दे दी।


पीठ ने कहा, ‘याचिकाएं मंजूर की जाती हैं। याचिकाकर्ताओं को 50,000 रुपये नकद पर जमानत दी जाती है। सुनवाई के दौरान उन्हें हर दिन विशेष अदालत में पेश होना होगा और वे सबूतों से छेड़छाड़ या चश्मदीदों से कोई सम्पर्क ना करें।’

गिरफ्तारी के बाद 2013 से जेल में बंद चारों आरोपियों ने विशेष अदालत के जून 2016 में उनकी जमानत याचिका खारिज करने के बाद उसी साल उच्च न्यायालय का रुख किया था।

नासिक के नजदीक मालेगांव में हमीदिया मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान के बाहर आठ सितम्बर 2006 को सिलसिलेवार धमाके हुए थे। इसमें 37 लोगों की जान चली गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुरुआती जांच में अल्संख्यक समुदाय के लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई और उसने भी इस आधार पर ही जांच की।

इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच को अपने हाथ में लिया और वह इस नतीजे पर पहुंचा की हमलों को बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने अंजाम दिया था।

एनआईए ने नौ लोगों के खिलाफ आरोप वापस लेने का फैसला किया और सिंह, शर्मा, नवरिया और चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया। विशेष सनुवाई अदालत ने 2016 एनआईए के इस रुख को स्वीकार करते हुए नौ आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया।

इन चारों आरोपियों ने जमानत की मांग करते हुए इन नौ लोगों को रिहा किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी थी। उन्होंने उन्हें आरोपमुक्त करने से इनकार करने के विशेष अदालत के फैसले को भी चुनौती दी है। हाई कोर्ट इस पर बाद में सुनवाई करेगा।

आपको बता दें कि 29 सितंबर 2008 को शहर को एक और धमाके से हिला दिया गया था, जिसके लिए हिंदू कट्टरपंथी समूहों पर आरोप लगा, जिसको लेकर मुकदमा अभी चल रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, तीन साल पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लोकेश शर्मा और धन सिंह को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में बरी कर दिया था। अब, इन्हें 2006 के विस्फोट को लेकर जमानत मिली है।
 

Lokesh Sharma
Dhan Singh
Rajendra Chaudhary
Manohar Narwariya
Malegaon blasts case
Bombay High Court

Related Stories

"पॉक्सो मामले में सबसे ज़रूरी यौन अपराध की मंशा, न कि ‘स्किन टू स्किन’ टच!"

क्रूज ड्रग्स पार्टी केस: बंबई उच्च न्यायालय ने आर्यन खान को दी जमानत

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब क्या करेंगे राज्यपाल कोश्यारी?

आज भी न्याय में देरी का मतलब न्याय न मिलना ही है

एल्गार परिषद मामले में पुणे के न्यायाधीश का क्षेत्राधिकार होने के कागजात पेश करिए :उच्च न्यायालय

गुलशन कुमार हत्याकांड: अदालत ने निर्माता रमेश तौरानी को बरी करने का फैसला रखा बरकरार

फ़र्ज़ी टीकाकरण के मामलों में 'बड़ी मछली' को न छोड़ें: उच्च न्यायालय

एल्गार मामला: अदालत ने स्टेन स्वामी को अस्पताल में रखने की अवधि बढ़ाई

स्टैन स्वामी को 18 जून तक अस्पताल में भर्ती रखने का निर्देश

उच्च न्यायालय ने अमरावती से सांसद नवनीत राणा का जाति प्रमाणपत्र रद्द किया


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License