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राजनीति
2006 मालेगांव धमाका: चार आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली जमानत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मालेगांव 2006 विस्फोट मामले में चार मुख्य आरोपियों लोकेश शर्मा, मनोहर नावरिया, राजेंद्र चौधरी और धन सिंह को गिरफ्तारी के लगभग सात साल बाद जमानत दे दी है।

न्यूजक्लिक रिपोर्ट
14 Jun 2019
फाइल फोटो

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2006 के मालेगांव धमाके मामले के चार आरोपियों को शुक्रवार को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति आईए महंती और न्यायमूर्ति एएम बदर की एक खंडपीठ ने धन सिंह, लोकेश शर्मा, मनोहर नरवारिया और राजेन्द्र चौधरी को जमानत दे दी।


पीठ ने कहा, ‘याचिकाएं मंजूर की जाती हैं। याचिकाकर्ताओं को 50,000 रुपये नकद पर जमानत दी जाती है। सुनवाई के दौरान उन्हें हर दिन विशेष अदालत में पेश होना होगा और वे सबूतों से छेड़छाड़ या चश्मदीदों से कोई सम्पर्क ना करें।’

गिरफ्तारी के बाद 2013 से जेल में बंद चारों आरोपियों ने विशेष अदालत के जून 2016 में उनकी जमानत याचिका खारिज करने के बाद उसी साल उच्च न्यायालय का रुख किया था।

नासिक के नजदीक मालेगांव में हमीदिया मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान के बाहर आठ सितम्बर 2006 को सिलसिलेवार धमाके हुए थे। इसमें 37 लोगों की जान चली गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे।

महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने शुरुआती जांच में अल्संख्यक समुदाय के लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई और उसने भी इस आधार पर ही जांच की।

इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच को अपने हाथ में लिया और वह इस नतीजे पर पहुंचा की हमलों को बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने अंजाम दिया था।

एनआईए ने नौ लोगों के खिलाफ आरोप वापस लेने का फैसला किया और सिंह, शर्मा, नवरिया और चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया। विशेष सनुवाई अदालत ने 2016 एनआईए के इस रुख को स्वीकार करते हुए नौ आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया।

इन चारों आरोपियों ने जमानत की मांग करते हुए इन नौ लोगों को रिहा किए जाने के फैसले को भी चुनौती दी थी। उन्होंने उन्हें आरोपमुक्त करने से इनकार करने के विशेष अदालत के फैसले को भी चुनौती दी है। हाई कोर्ट इस पर बाद में सुनवाई करेगा।

आपको बता दें कि 29 सितंबर 2008 को शहर को एक और धमाके से हिला दिया गया था, जिसके लिए हिंदू कट्टरपंथी समूहों पर आरोप लगा, जिसको लेकर मुकदमा अभी चल रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, तीन साल पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लोकेश शर्मा और धन सिंह को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में बरी कर दिया था। अब, इन्हें 2006 के विस्फोट को लेकर जमानत मिली है।
 

Lokesh Sharma
Dhan Singh
Rajendra Chaudhary
Manohar Narwariya
Malegaon blasts case
Bombay High Court

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