NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
2017 में रोज़गार में सिर्फ 0.5 % की बढ़ोतरी
भारत आर्थिक संकट का गढ़ बनता जा रहा है I ये बात उद्योगों से जुड़े लोगों से लेकर अनियमित मज़दूरों तक सब को मालूम है I
सुबोध वर्मा
10 Jan 2018
unemployment

हरियाणा के जीन्द ज़िले में 8 चपरासी और एक प्रोसेस सर्वर के पदों की वेकेंसी निकली जिसके लिए विज्ञापन दिया गया I अधिकारियों के पास चपरासी के पद के लिए 14836 और दुसरे पद के लिए 3662 अर्जियां आयीं . यानि कि हर वेकेंसी के लिए कुल मिलकार 2055 अर्जियां I वैसे तो चपरासी के पद के लिए सिर्फ 10वीं पास लोगों की आवश्यकता थी पर इसके लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और यहाँ तक की पीएचडी किये गए लोगों ने भी आवेदन दिए थे I इसी तरह राजस्थान विधान सभा सचिवालय में भी चपरासी के 18 पदों के लिए 12453 ने अप्लाई किया था I इनमें 129 इंजिनियर, 23 वकील , एक CA और 393 आर्टस के पोस्ट ग्रेजुएट शामिल थे I पर इस पद के लिए जिसे चुना गया वो था बीजेपी विधायक का बेटा ,इसके बाद इस विधायक पर अपने पद का दुरुपियोग करने के आरोप लगे I

ये दोनों घटनाएँ दिखाती हैं प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के 4 साल बाद देश में रोज़गार की स्थिति कितनी ख़राब है , ख़ासकर तब जब मोदी ने कम से कम 1 करोड़ रोज़गार देने का वादा किया था I   

इस साल करीबन 2.46 करोड़ लोगों की श्रम बल (15 वर्ष की आयु से ऊपर ) में बढ़ोतरी हुई I पर ये सभी लोग काम नहीं ढूँढेंगे I भारत में श्रम बल के कुल 44% लोग काम करने के लिए उपलब्ध होते हैं I पर काम ढूँढने वालों की दर भी कम होती जा रही है ,पिछले साल जनवरी में ये दर 47% थी और ये दर्शाता है कि युवाओं में हताशा बढ़ती जा रही है और अच्छी नौकरी की उम्मीद भी कम होती जा रही है I

यानी 2017 में करीब 1.15 करोड़ लोग नौकरी ढूंढ रहे थे I पर CMIE के आंकलन के अनुसार भारत का कार्य बल 2016 में 40.53 करोड़ से बढ़कर 2017 में 40.74 करोड़ हो गया था I इसका मतलब 1 साल में सिर्फ 20 लाख लोगों को नौकरी मिली I यानी नौकरियों में सिर्फ 0.5% की बढौतरी हुई है I इसीलिए ये कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि जयपुर और जींद में हजारों लोगों ने एक छोटे सरकारी पद के लिए एप्लाय किया है I 

CMIE के आंकड़ों को और गौर से देखा जाए तो पता चलता है कि शहरी इलाकों में सिर्फ 2% नौकरियों की बढ़ौतरी हुई है और ग्रामीण इलाकों में 0.3% नौकरियों की गिरावट हुई है I ये फिर से साबित करता है कि भारत में कृषि संकट कितना गंभीर है I CSO के द्वारा किये गए आंकलन के हिसाब से कृषि क्षेत्र की समस्या को आंकड़ों में दर्शाते हुए कहा गया है कि 2017-18 में सिर्फ 2.1% की बढ़ौतरी हुई है Iभारत में 64% लोग चूँकि कृषि पर निर्भर है इसीलिए इतनी कम लोगों की ज़िन्दगी बर्बाद ही कर रही है I

अगर आंकड़ों को मोटे तौर पर भी देखा जाए तो कम आमदनी वाले,मौसमी और अनियमित रोज़गार पाने वाले लोगों को जोड़ने के बाद भी 2017 में 2 करोड़ लोग बेरोज़गार थे I इसमें 40% यानी 80 लाख लोग शहरी इलाकों से हैं , क्योंकि हजारों लोग लगातार गाँवों से शहरों में काम की तलाश में पलायन कर रहे हैं I इससे ये साफ़ है कि जॉब ग्रोथ की बातें सिर्फ एक जुमला है I

2018 का ये नया साल अन्धकारमय दिखाई पड़ रहा है क्योंकि सरकार के पास रोज़गार बढ़ाने की कोई योजना दिखाई नहीं पड़ रही साथ ही अर्थव्यवस्था की हालत में सुधार के लिए भी कोई योजना हो ऐसा लग नहीं रहा है I ऐसा लग रहा है कि मोदी और अमित शाह की जोड़ी सिर्फ चुनावों को जीतते जाने की योजना के बारे में ही गंभीर है I इसी दौरन CMIE के आंकलन दिखा रहे हैं कि “ नए निवेश प्रस्ताव इस साल कम होकर 8 ख़रब रुपये हो गये जो कि पिछले दो साल से 15 ख़रब रुपये थे” I साल 2016-17 के निवेश प्रस्ताव के हिसाब से ये सिर्फ 60% है I इतने निचले स्तर का निवेश इससे पहले 2004-05 में देखा गया था I इसका मलतब ये है कि संगठित क्षेत्र में भी निवेश न आने की वजह से  नए रोज़गार में पैदा होने के आसार बहुत कम हैं I 

न सिर्फ नया निवेश कम हो रहा है बल्कि नयी योजनायें भी सामने नहीं आ रही है I इस साल जिन योजनाओं को रोक दिया गया उनका कुल मूल्य बढ़कर 13.6 ख़रब हो गया है ,जबकी 2016 –17 में इसका मूल्य 12.8 ख़रब था I दूसरे शब्दों में कहा जाए तो न सिर्फ नए रोज़गार पैदा नहीं हो रहे बल्कि पुरानी योजनायों के अंतर्गत काम कर रहे लोगों के भी रोज़गार खतरे में हैं I

भारत आर्थिक संकट का गढ़ बनता जा रहा है I ये बात उद्योगों से जुड़े लोगों से लेकर अनियमित मज़दूरों तक सब को मालूम है I लेकिन फिर भी हमारी सरकार लगातार बेकार की स्कीमों पर पैसे खर्च कर रही है और नकली राष्ट्रवाद की राजनीति का सहारा ले रही है I

unemployment
Narendra modi
BJP
Jobless growth
economic crises

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • food
    रश्मि सहगल
    अगर फ़्लाइट, कैब और ट्रेन का किराया डायनामिक हो सकता है, तो फिर खेती की एमएसपी डायनामिक क्यों नहीं हो सकती?
    18 May 2022
    कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा का कहना है कि आज पहले की तरह ही कमोडिटी ट्रेडिंग, बड़े पैमाने पर सट्टेबाज़ी और व्यापार की अनुचित शर्तें ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों के पीछे की वजह हैं।
  • hardik patel
    भाषा
    हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया
    18 May 2022
    उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए त्यागपत्र को ट्विटर पर साझा कर यह जानकारी दी कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
  • perarivalan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजीव गांधी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पेरारिवलन की रिहाई का आदेश दिया
    18 May 2022
    उम्रकैद की सज़ा काट रहे पेरारिवलन, पिछले 31 सालों से जेल में बंद हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद उनको कभी भी रिहा किया जा सकता है। 
  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में कोरोना मामलों में 17 फ़ीसदी की वृद्धि
    18 May 2022
    देश में कोरोना के मामलों में आज क़रीब 17 फ़ीसदी मामलों की बढ़ोतरी हुई है | स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में 24 घंटो में कोरोना के 1,829 नए मामले सामने आए हैं|
  • RATION CARD
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी
    18 May 2022
    लखनऊ: ऐसा माना जाता है कि हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के पीछे मुफ्त राशन वित
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License