NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संस्कृति
कला
रंगमंच
भारत
20वां भारत रंग महोत्सव 1 से 21 फरवरी तक
महोत्सव के दौरान विभिन्न रंग टोलियों के 111 शो व अन्य संबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आईएएनएस
30 Jan 2019
BHARANGAM

देश की राजधानी दिल्ली में 20वां अंतर्राष्ट्रीय नाट्य समारोह 'भारत रंग महोत्सव' 1 फरवरी से शुरू होगा, जो 21 फरवरी तक चलेगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न रंग टोलियों के 111 शो व अन्य संबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जैसे- 'डायरेक्टर से मुलाकात', 'लिविंग लेजेंड' और मास्टर क्लास। एशिया के इस सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल का आयोजन मंडी हाउस स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) करता है। 

उद्घाटन समारोह 1 फरवरी को शाम 6 बजे कमानी ऑडिटोरियम में होगा। इसके बाद आमोद भट्ट द्वारा निर्देशित 'करंत के रंग' प्रस्तुत की जाएगी। 50 मिनट की यह प्रस्तुति कन्नड़ और हिंदी थिएटर के पुरोधा बी.वी. करंत के लिखे गीतों का सम्मिश्रण होगी।
BHARANGAM2.jpg
देश महात्मा गांधी की 150वां जयंती वर्ष मना रहा है, इसलिए गांधी जी के जीवन, उनकी धारणा और सिद्धांतों पर आधारित चार नाटकों की प्रस्तुति दी जाएगी। फेस्टिवल के दौरान 69 भारतीय और 15 विदेशी नाटकों का मंचन पूरे भारत में किया जाएगा, जिन्हें स्क्रीनिंग के बाद चुना गया है। इसके अलावा 9 लोक प्रोडक्शन, एनएसडी डिप्लोमा के छात्रों द्वारा 5 नाटक, एनएसडी के सिक्किम केंद्र द्वारा एक प्रोडक्शन, एनएसडी के कोश से तीन नाटक और जाने-माने थिएटर प्रैक्टिशनरों के 5 आमंत्रित नाटकों की प्रस्तुति की तैयारी है। 

महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में 89 नाटक आयोजित होंगे। हिंदी में 25 नाटक, बांग्ला में 16, कन्नड़ में 5, ओड़िया में 2, गुजराती में 2, मणिपुरी में 2, अंग्रेजी में 3, असमिया में 2, मलयालम में 2 और मैथिली, तेलुगू, नेपाली व संस्कृत में 1-1 नाटक होगा, 15 विदेशी नाटकों के अलावा यह फेस्टिवल शहर के थिएटर प्रेमियों के लिए 8 लोक प्रस्तुतियां भी लेकर आ रहा है। 

21
दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में इस साल हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय प्रोडक्शन जैसे बांग्लादेश, पोलैंड, रूस, श्रीलंका, चेक रिपब्लिक, इटली, नेपाल, रोमानिया और सिंगापुर के नाटकों के साथ-साथ अमौखिक, लोक और बहुभाषी नाटकों की प्रस्तुतियां होंगी। 

दिल्ली में ये प्रस्तुतियां बहुमुख और चहुंमुख में (शाम 7:30), ओपेन लॉन (शाम 6:00 बजे) और अभिमंच (शाम 8 : 30 बजे) एनएसडी के बहावलपुर हाउस कैम्पस और श्रीराम सेंटर के आस-पास (शाम 4:00 बजे), एलटीजी (शाम 5:30 बजे) और कमानी ऑडिटोरियम में (शाम 7:00 बजे) आयोजित होंगी। 

इन प्रस्तुतियों व विश्व थिएटर के नाटक कलाकारों व जानी-मानी हस्तियों के साथ मुलाकात के अलावा दिल्ली में थिएटर के संबंध में 2 अंतर्राष्ट्रीय और 2 राष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली में जिस सेमिनार का आयोजन होगा, उसका विषय है 'इज मॉडर्न थिएटर इन्क्लूसिव?' और 'नेशन ऑफ स्टेट एंड रिप्रजेंटेशन', 'अनरिप्रजेंटेड फॉर्म', और 'नॉन गवर्नमेंटल क्युरेटिंग व फंडिंग पॉलिसी' पर आधारित सत्रों का आयोजन भी होगा। 

इसके साथ ही, महोत्सव के दौरान एनएसडी कैम्पस स्ट्रीट प्ले, एम्बिएंस शो और थिएटर बाजार से भी गुलजार रहेगा। यूथ फोरम शो में दिल्ली के करीब 50 कॉलेजों की ड्रैमेटिक सोसायटियों की प्रस्तुतियां शामिल होंगी, जबकि एम्बिएंस प्रस्तुतियों के तहत लोक नृत्य और अन्य परंपरागत कलाएं पेश की जाएंगी। 

लोगों के बीच थिएटर को बढ़ावा देने और चयनित प्रस्तुतियों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए एनएसडी समानांतर महोत्सवों का आयोजन डिब्रूगढ़ में (4 से 10 फरवरी), वाराणसी (7 से 13 फरवरी), रांची (9 से 15 फरवरी), मैसूर (11 से 17 फरवरी) और राजकोट में (13 से 19 फरवरी) कर रहा है। 

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के डायरेक्टर इन-चार्ज सुरेश शर्मा कहते हैं, "कला और थिएटर मानवीय भावनाओं को प्रस्तुत करने का सबसे प्राचीन और सशक्त माध्यम है जो हर प्रकार की लौकिक सीमाओं को खारिज कर देता है। भारत रंग महोत्सव अपने 20वें सत्र में प्रवेश करने जा रहा है, इस बात को लेकर हमें बेहद खुशी है और हमने पूरा प्रयत्न किया है कि इस साल के सत्र में भी बेहतरीन नाटकों का चयन हो, इसके लिए 960 सबमिशन में से सबसे अच्छी प्रस्तुतियों का चयन किया गया है।"

एनएसडी सोसायटी के एक्टिंग चेयरमैन डॉ. अर्जुन देव चरन ने कहा, "थिएटर एक ऐसी कला है, जिसका उत्सव दुनियाभर में मनाया जाता है और मुझे प्रसन्नता है कि इस महोत्सव के जरिए हमें उन नाटकों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, जिन्हें वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है।"

NSD
BHARAT RANG MAHOTSAV
BHARANGAM
THETRE FESTIVAL
20Th International Theater Festival
रंगमंच

Related Stories


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License