NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
21 राजनीतिक पार्टियों ने किसान मुक्ति बिल को दिया समर्थन
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Apr 2018
kisan andolan

दोनों किसान मुक्ति बिलों “The Farmers Freedom from Indebtedness Bill 2018 और ““Farmers’ Right to Guaranteed Remunerative Minimum Support Price for Agricultural Commodities Bill 2018” को 21 राजनीतिक पार्टियों से समर्थन दिया है I उन्होंने आल इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमिटी नामक एक संगठन बनाया है जिसमें 192 किसान संगठन जुड़े हुए हैं I

25 अप्रैल को AIKSCC और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने मुलाकात की, 21 राजनीतिक पार्टियों ने इस बिल का समर्थन किया है I 10 मई को AIKSCC ने देश भर में विरोध प्रदर्शन करने का आवाहन किया है, उनकी माँग है कि सरकार उनके द्वारा बनाये गए बिल पर संसद में एक विशेष सत्र बुलाकर बात करे I

AIKSCC के कन्वीनर वी एम सिंह  ने न्यूज़क्लिक ने बताया “दो किसान मुक्ति बिल प्राइवेट मेम्बर बिल की तरह महाराष्ट्र से स्वाभिमाना पक्ष से महाराष्ट्र से संसद राजू शेट्टी और CPI(M) से राज्य सभा सांसद के.के राजेश द्वारा लाया जायेगा I देश भर से किसानों ने लोक सभा और राज्य सभा अध्यक्षों को पत्र भेजेंगे जिसमें वह ये बताएँगे कि किसान मुक्ति बिल उनके लिए किस तरह ज़रूरी हैं I “

देश भर में होने वाले किसानों के विरोध प्रदर्शन पर आगे बोलते हुए सिंह ने कहा “10 मई का  दिन था जब अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ भारत का विद्रोह शुरू हुआ था I उसी जज़्बे के साथ आगे बढ़ते हुए इस 10 मई को देश भर के किसान अपने ज़िला कलेक्टरों को विरोध पत्र देंगे , जिसमें ये माँग होगी कि संसद के एक विशेष सत्र में किसान मुक्ति बिलों पर बात हो I”

जिन राजनीतिक दलों ने इन बिलों का समर्थन किया है उनमें से वो हैं NCP, JDU-S, INC (Congress), CPI(M), RJD, BJD, शिव सेना , तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, RLD, जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस , स्वभिमाना पक्ष, TDP, समाजवादी पार्टी , BSP, DMK, AIDMK, जनता दल सेक्युलर, झारखण्ड विकास मोर्चा और CPI I

जून 2017 को AIKSCC ने करीबन 25 राज्यों में किसान मुक्ति यात्रायें निकली और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किये I नवम्बर 2017 में इस संगठन ने किसान मुक्ति संसद आयोजित की जिसमें देश भर से 200000 किसान जमा हुए और उन्होंने दिल्ली के संसद मार्ग पर अपना डेरा डाला I इस संघर्ष से ही किसान मुक्ति बिल निकले I

The Farmers’ Freedom From Indebtedness Bill, 2018

ये बिल किसानों को पूरी कर्ज़ माफ़ी पाने का हक देता है और उन्हें ये भी हक़ देता है कि वह संस्थागत कर्ज़ पा सकें I इसके साथ ही इसमें ये प्रावधान है कि अगर किसानों का प्राकृतिक आपदाओं की वजह से नुक्सान होता है तो वह कर्ज़ के जाल से बच सकते हैं I इसके आलावा एक राज्य और राष्ट्र स्तरीय कमीशन बनाने की बात करता है जो किसानों को विपदा के समय  राशि और उपाय देने का काम करे और उन्हें सुलझाने में मदद करे I

ये बिल अगर पास हो जाता है तो ये राष्ट्रीय कानून बन जायेगा और वह ऋणग्रस्तता के मूल कारणों को सुलझाने की कोशिश करेगा और लगातार मौसम के बदलाव से हो प्राकृतिक आपदाओं की वजहों को भी समझने का प्रयास करेगा I ये बिल राष्ट्रस्तरीय खांचे के साथ राज्यों के समर्थन से आपदा में राहत प्रदान करने का कार्य करेगा , इसके लिए उसे केंद्र से संसाधनों की ज़रुरत पड़ेगी I

The Farmers’ Right To Guaranteed Remunerative Minimum Support Price For Agricultural Commodities, 2018

इस बिल का लक्ष्य है कि सभी किसानों को कृषि उत्पाद बेचने पर उत्पादन लागत के ऊपर कमसे कम 50% न्यूनतम समर्थन मूल्य के तौर पर मिले I

 वह ये भी प्रस्ताव रखता है कि National and State Farmers Agricultural Costs और Remunerative Price Guarantee Commissions के स्वतंत्र मंडल बनाये जाएँ जो ये निर्धारित करे कि उत्पादन की लागत पर 50% मुनाफा हो और ये न्यूनतम समर्थन मूल्य सभी कृषि उत्पादों पर अनिवार्य हो I

अगर ये बिल पास होता है तो इससे किसानों का हौसला बढ़ेगा और वह न सिर्फ आराम से जी सकेंगे बल्की कृषि में निवेश भी कर सकेंगे जिससे उत्पादन बढ़ेगा , देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान होगी , देश को संप्रभुता प्रदान होगी और किसान कर्ज़ के जाल से बचेंगे I

AIKSCC
CPI(M)
Narendra modi
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License