NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायली जेल में 23 साल के फ़िलिस्तीनी क़ैदी की मौत
जब क़ैदी कथित तौर पर बाथरूम में गिर कर बेहोश हो गया, उसके बाद इज़रायली जेल गार्ड ने उसे हॉस्पिटल तक पहुंचाने में देरी की।
पीपल्स डिस्पैच
23 Apr 2020
क़ैदी की मौत

22 अप्रैल की सुबह को दक्षिणी इज़रायल के नेगेव क्षेत्र की केतज़ियोत जेल में एक फ़िलिस्तीनी क़ैदी संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। यह जानकारी विभिन्न फ़िलिस्तीनी समाचार एजेंसियों ने दी। क़ैदी की पहचान नूर जबर के रूप में हुई है, जो नेगेव जेल के सेक्शन 25 के बाथरूम में गिर कर बेहोश हो गया और अचानक उसकी मौत हो गई।

23 साल का नूर अबदौब्द गांव का रहने वाला था जो रमाल्लाह के पश्चिमी क्षेत्र वेस्ट बैंक में स्थित है। नूर को इज़रायली क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में विद्रोही गतिविधियों के लिये 8 साल की सज़ा दी गई थी, जिसमें से वो 4 साल पूरे कर चुका था।

फ़िलिस्तीनी क़ैदी समाज(पीपीएस) के अनुसार नूर के बाथरूम में गिरने से क़ैदियों और सुरक्षा बलों के बीच शोरगुल पैदा हो गया और जब क़ैदी दरवाज़ा नहीं तोड़ पाए तो गार्ड को बुलाया गया। लेकिन गार्ड ने जल्द प्रतिक्रिया नहीं दी और वो 30 मिनट बाद आया जब क़ैदी विरोध में चिल्लाने लगे थे।
. 
जेल अधिकारियों ने क़ैदी को सीपीआर दिया लेकिन उसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ। उसके बाद वो उसे पास के एक अस्पताल में ले गए जहाँ उसकी मौत हो गई।
.
पीपीएस ने कहा है कि क़ैदी की मौत जेल गार्ड की तरफ़ से हुई देरी की वजह से हुई है। अब्दुल्लाह ज़ग़ारी ने दावा किया कि क़ैदी 'जवान, स्वस्थ था और उसे कोई बीमारी नहीं थी।' पीपीएस मांग कर रहा है कि इज़रायली अधिकारी क़ैदी की लाश की ऑटोप्सी करें ताकि मौत की वजह का पता चल सके। पीपीएस ने देरी करने वाले गार्ड के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की मांग की है।

1967 से अब तक इज़रायली जेलों में 273 फ़िलिस्तीनी क़ैदियों की मौत हो चुकी है। इसी साल में 6 दिन की जंग के बाद इज़रायल ने वेस्ट बैंक, यरूशलम और ग़ाज़ा स्ट्रिप पर क़ब्ज़ा किया था।

2019 में इज़रायली हिरासत में 3 क़ैदियों की मौत हुई थी। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 3 क़ैदियों और 1980 और 2018 में मरे दो अन्य क़ैदियों की लाशें इज़रायल ने अभी तक अपने पास रखी हुई हैं। यह इज़रायल के उस डरावने नियम के तहत हुआ है कि क़ैदी को अपनी सज़ा पूरी करनी होगी, चाहे वो मर हो क्यों न जाये। इसका मतलब ये है कि चूंकि नूर की सज़ा के 4 साल अभी बचे थे इसलिये उसके परिवार को उसकी मौत का मातम मनाने के लिये लाश नहीं दी जाएगी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Israel
Palestine
Israel jail
Palestinian Prisoner Society
PPS
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • Jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : ‘भाषाई अतिक्रमण’ के खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मगही-भोजपुरी-अंगिका को स्थानीय भाषा का दर्जा देने का किया विरोध
    02 Feb 2022
    पिछले दिनों झारखंड सरकार के कर्मचारी चयन आयोग द्वारा प्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों की नियुक्तियों के लिए भोजपुरी, मगही व अंगिका भाषा को धनबाद और बोकारो जिला की स्थानीय भाषा का दर्जा…
  • ukraine
    पीपल्स डिस्पैच
    युद्धोन्माद फैलाना बंद करो कि यूक्रेन बारूद के ढेर पर बैठा है
    02 Feb 2022
    मॉर्निंग स्टार के संपादक बेन चाकों लिखते हैं सैन्य अस्थिरता बेहद जोखिम भरी होती है। डोंबास में नव-नाजियों, भाड़े के लड़ाकों और बंदूक का मनोरंजन पसंद करने वाले युद्ध पर्यटकों का जमावड़ा लगा हुआ है।…
  • left candidates
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: मज़बूत विपक्ष के उद्देश्य से चुनावी रण में डटे हैं वामदल
    02 Feb 2022
    “…वामदलों ने ये चुनौती ली है कि लूट-खसोट और उन्माद की राजनीति के खिलाफ एक ध्रुव बनना चाहिए। ये ध्रुव भले ही छोटा ही क्यों न हो, लेकिन इस राजनीतिक शून्यता को खत्म करना चाहिए। इस लिहाज से वामदलों का…
  • health budget
    विकास भदौरिया
    महामारी से नहीं ली सीख, दावों के विपरीत स्वास्थ्य बजट में कटौती नज़र आ रही है
    02 Feb 2022
    कल से पूरे देश में लोकसभा में पेश हुए 2022-2023 बजट की चर्चा हो रही है। एक ओर बेरोज़गारी और गरीबी से त्रस्त देश की आम जनता की सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं हैं, तो
  • 5 election state
    रवि शंकर दुबे
    बजट 2022: क्या मिला चुनावी राज्यों को, क्यों खुश नहीं हैं आम जन
    02 Feb 2022
    पूरा देश भारत सरकार के आम बजट पर ध्यान लगाए बैठा था, खास कर चुनावी राज्यों के लोग। लेकिन सरकार का ये बजट कल्पना मात्र से ज्यादा नहीं दिखता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License