NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
24 घंटे लेट हो गई ट्रेन, छूट गई परीक्षा, रेल मंत्री बिज़ी हैं अपने प्रचार में
रेल मंत्री के ट्वीटर हैंडल पर जाइये। पता चलेगा कि वे अपनी छवि बनाने में कितना व्यस्त हैं। रेलवे में बदलाव की ख़बरें ट्वीट कर रहे हैं। मगर जनता उनसे मदद मांगती है कि ट्रेन टाइम पर चलवा दें, परीक्षा छूट जाएगी तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।
रवीश कुमार
21 Jan 2019
railway minister piyush goyal
Image Courtesy: India.com

18 जनवरी की आधी रात से पहले राजस्थान के अलग अलग हिस्सों से नौजवान आनंद विहार स्टेशन पर जमा हो गए थे। इसलिए कि 19 जनवरी को सुबह साढ़े छह बजे भुवनेश्वर जाने वाली नंदनकानन एक्सप्रेस छूट न जाए। यह ट्रेन चलने से पहले ही 9 घंटे लेट हो जाती है। दोपहर तीन बजे दिल्ली से रवाना होती है। निर्धारित समय के अनुसार इसे 20 जनवरी को सुबहर 10 बजकर 40 मिनट पर पहुंचना था मगर यह पहुंचती है 21 जनवरी को 8 बज कर 50 मिनट पर। नौ बजे से रेलवे की परीक्षा थी। पचास साठ छात्रों की परीक्षा छूट गई। महीनों की तैयारी और सपने बर्बाद हो गए।

इन सबने पहले चरण की परीक्षा पास कर ली थी। दूसरे चरण की परीक्षा देने के लिए जोधपुर से भुवनेश्वर के लिए निकले थे। पूरी ट्रेन छात्रों से भरी थी। मिर्ज़ापुर में छह घंटे के लिए खड़ी कर दी गई। भुवनेश्वर के लिए यही गाड़ी थी। छात्रों ने सबसे मदद की अपील की। परीक्षा की नहीं उनकी ज़िंदगी की गाड़ी छूटने जा रही थी। वे स्टेशन मास्टर से गिड़गिड़ाते गए कि हमारी गाड़ी निकलवा दो। हमारा इम्तहान छूट जाएगा। किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा।

आपकी ट्रेन 24 घंटे लेट हो जाए और आपका इम्तहान छूट जाए। आप उस वक्त क्या क्या सोच रहे होंगे? रेल मंत्री के ट्वीटर हैंडल पर जाइये। पता चलेगा कि वे अपनी छवि बनाने में कितना व्यस्त हैं। रेलवे में बदलाव की ख़बरें ट्वीट कर रहे हैं। मगर जनता उनसे मदद मांगती है कि ट्रेन टाइम पर चलवा दें, परीक्षा छूट जाएगी तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। छात्रों ने कितनी अपील की कि परीक्षा के केंद्र नज़दीक दें। उनकी बात नहीं सुनी गई। इन छात्रों को किसने फेल किया है? रेल मंत्री पीयूष गोयल ने फेल किया है। अब क्या किया जा सकता है? क्या रेल मंत्री इन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दे सकते हैं?

बहुतों की नज़र में यह ख़बर मामूली होगी। बड़ी-बड़ी ख़बरों के बीच पचास साठ लड़कों के लिए बड़ी ख़बर क्या होगी, ये जानने के लिए एक बार आप उनसे बात कर लें। अच्छी बात है कि भारत में किसी की ज़िंदगी बर्बाद करने वाला कभी ज़िम्मेदार नहीं होता है। पीयूष गोयल का क्या है, वे किसी और मीडिया कान्क्लेव में भाषण देते मिल जाएंगे। उन्हें ऊर्जावान मंत्री बुलाने वाले एंकरों की कमी नहीं होगी लेकिन इन छात्रों की ज़िंदगी का यह चांस दोबारा नहीं लौट पाएगा।

नोट- समाज का क्या हाल हो गया है इसे समझने के लिए एक बार कमेंट बाक्स में झांक लें। सरकार के भक्त बने बैठे लोग इस पोस्ट पर गालियां दे रहे हैं। उन्हें उन नौजवानों से कोई सहानुभूति नहीं कि 24 घंटे लेट होने से उनकी परीक्षा छूट गई है। मुमकिन है कि इनमें से ज़्यादातर बीजेपी को ही वोट देने वाले हों मगर उनकी कोई समस्या होगी तो उनके साथ भी भीड़ वही बर्ताव करेगी। मेसेज साफ है। भूखे मर जाओ मगर मोदी मोदी करते रहो।

(रवीश कुमार वरिष्ठ पत्रकार और टीवी एंकर हैं। ये टिप्पणी उनके फेसबुक पेज से साभार ली गई है।)

railway minister
railway minister piyush goyal
indian railways
Railway ministry
railway exam
train time table
train late status

Related Stories

ट्रेन में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट बहाल करें रेल मंत्री: भाकपा नेता विश्वम

केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार

कोयले की किल्लत और बिजली कटौती : संकट की असल वजह क्या है?

रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक

भारतीय रेल के निजीकरण का तमाशा

निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!

भारत में नौकरी संकट जितना दिखता है उससे अधिक भयावह है!

रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!

रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन कल!

कोलकाता मेट्रो ने 2500 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों की छंटनी की


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License