NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
29 अक्टूबर को होगी डीटीसी कर्मचारियों की ऐतिहासिक हड़ताल
वेतन कटौती व लगातार बढ़ते शोषण के खिलाफ 29 अक्टूबर को डीटीसी कर्मचारी हड़ताल पर जाएँगे, ऐसा डीटीसी के इतिहास में दूसरी बार हो रहा है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Oct 2018
DTC Workers' Strike

डीटीसी कर्मचारियों की एक ऐतिहासिक हड़ताल होने वाली हैI ये हड़ताल 29 अक्टूबर को होगीI डीटीसी कर्मचारियों का 25-28 सितम्बर के बीच एक स्ट्राइक बैलट हुआ था, जिसका नतीजा 29 सितम्बर को आयाI इसमें 10,069 लोगों ने हड़ताल के पक्ष में मत दिया, यह कुल मतदान का लगभग 98 प्रतिशत था। लंबे समय से वेतन में कटौती, बसों के निजीकरण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद, स्ट्राइक बैलेट करवाया गया, एक लोकतांत्रिक तरीके से लोगों से उनकी राय जानने के लिए कि वो हड़ताल के खिलाफ हैं या पक्ष मेंI

एक्टू (AICCTU),दिल्ली के महासचिव अभिषेक ने कहा कि, "हमें खुशी है कि नतीजे हमारे पक्ष में आये। हमने एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने का फैसला किया, जहां लोगों को हड़ताल के पक्ष या इसके खिलाफ वोट देने की छूट थी और अधिकांश वोट हड़ताल के पक्ष में पड़े, इसलिए हम अपने इसे संघर्ष को आगे ले जा रहे हैं|"

इस हड़ताल का एक मुख्य मुद्दा संविदात्मक श्रमिकों (ठेके पर काम करने वाले श्रमिक) की कम मजदूरी भी है। डीटीसी के एक कर्मचारी संतोष ने कहा कि,"संविदात्मक श्रमिक वही काम करते हैं,परन्तु उन्हें स्थायी श्रमिकों से कम भुगतान मिलता जाता है।" हाल ही में,डीटीसी ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ठेके पर काम कर रहे श्रमिकों की मजदूरी कम कर दीI यह उच्च न्यायालय के आदेश आने के बाद किया गया जिसमें मार्च 2017 की दिल्ली सरकार की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया गया था जिसके तहत अकुशल,अर्द्ध कुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गयी थी| इस अधिसूचना के बाद डीटीसी ने एक परिपत्र पारित कर अपने कर्मचारियों को बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने का फैसला किया था। लेकिन न्यायालय के आदेश के बाद इसमें कटौती कर दी गयी हैI

संतोष ने कहा कि, "यह दूसरी बार है जब डीटीसी में स्ट्राइक होने जा रही है। आखिरी हड़ताल मार्च,1988 में हुई थी और यह एक बड़ी हड़ताल और ऐतिहासिक थी। हड़ताल के बाद लगभग 15 कर्मचारी श्रमिक जेल गए थे और लगभग 3,000 लोगों को टर्मिनेट किया गया था|" 1988 में हुई हड़ताल को याद करते हुए संतोष ने कहा कि, “हालांकि, श्रमिकों द्वारा तीन प्रमुख मांगों की पृष्ठभूमि में हड़ताल की जाएगी - समान काम के लिए समान वेतन, वेतन कटौती को वापस लिया जाए और डीटीसी में निजीकरण को रोका जाए|

डीटीसी कर्मचारियों की मुख्य माँगें

• वर्तमान में जो वेतन मार्च की अधिसूचना के बाद से मिल रहा है वो मिलना चाहिए।

• इस नये सर्कुलर को तुरंत वापस लिया जाए।

• दिल्ली सरकार और निगम के सभी सविंदा कर्मचारियों के लिए ‘समान काम के लिए, समान वेतन’ को लागू किया जाए।

• प्राइवेट बसों को लाकर डीटीसी का निजीकरण नहीं चलेगा। डीटीसी के लिए नई बसों की खरीद की जाए।

अभिषेक यह भी कहते हैं कि, “पिछले माह न्यायालय ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए इस न्यूनतम वेतन की अधिसूचना, जो दिल्ली सरकार द्वारा जारी की गई थी, उसे खारिज़ कर दिया| यहाँ ध्यान देने वाली यह बात है कि सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भी यह माना था कि वृद्धि के बावजूद न्यूनतम वेतन बहुत ही कम है, इसमें दिल्ली जैसे शहर में गुज़ारा कर पाना बहुत ही मुश्किल है। परन्तु फिर भी न्यायालय ने मज़दूरों के खिलाफ अपना निर्णय सुनायाI परन्तु इस आदेश में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि सरकार या निगम को बढ़ा हुए वेतन को वापस लेना ही होगा|”

श्रमिकों को डीटीसी के निजीकरण का डर सता रहा है। डीटीसी कार्यकर्ता राजेश ने न्यूज़क्लिक को बताया कि, "हमारा डीटीसी द्वारा शोषण किया जा रहा है। देखें, निजी बसों के पास अपने कर्मचारी नही हैं –डीटीसी के कंडक्टर और ड्राइवर को उसमें लगाया जा रहा है। हमें निजी बसों के साथ कोई समस्या नहीं है लेकिन हमें उनमें निजी कर्मचारियों के रूप में क्यों भेजा जा रहा है, यह मूल सवाल है। हमें डीटीसी द्वारा शोषण किया जा रहा है।"

DTC
DTC workers
DTC Strike
Workers' Strike
minimum wage

Related Stories

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

तमिलनाडु के चाय बागान श्रमिकों को अच्छी चाय का एक प्याला भी मयस्सर नहीं

DTC ठेका कर्मचारियों ने अभियान चलाकर केजरीवाल सरकार को दी चेतावनी, 'शवयात्रा' भी निकाली

दिल्ली में 25 नवंबर को श्रमिकों की हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने कहा - 6 लाख से अधिक श्रमिक होंगे हड़ताल में शामिल

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

लॉकडाउन ने लम्बी खींची बेरोज़गारी, अनौपचारिक क्षेत्र में बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • Bulli Bai', 'Sully Deals
    न्यूज़क्लिक टीम
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स क्या दर्शाते हैं?
    16 Jan 2022
    बुल्ली बाई और सुल्ली डील जैसे ऐप्स के आने के बाद कई नयी चीज़ें सामने आयीं. क्या ऐसा पहली बार हुआ? 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन बताते हैं कि दक्षिणपंथी विचार ने…
  • पीपल्स डिस्पैच
    ऑस्ट्रेलिया : बढ़ते मामलों के बीच ट्रेड यूनियनों ने मुफ़्त कोविड टेस्टिंग की मांग की
    16 Jan 2022
    ऑस्ट्रेलिया में सिर्फ़ 2 हफ़्तों में कोविड के क़रीब 10 लाख मामले सामने आए हैं, जो दुनिया भर में ओमिक्रोन के मामलों के सबसे बड़े आंकड़ों में से एक है। इस बीच, स्कॉट मॉरिसन सरकार क्लोज़ कांटैक्ट श्रमिकों के…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: सभी से पूछता हूं मैं… मुहब्बत काम आएगी कि झगड़े काम आएंगे
    16 Jan 2022
    हमारे दौर के बेहतरीन शायर अशोक रावत हमारे समय की सच्चाइयों को बहुत ही बेबाकी से अपनी ग़ज़लों के ज़रिये पेश कर रहे हैं। इतवार की कविता में पढ़ते हैं उनकी ऐसी ही एक नई ग़ज़ल।  
  • education
    अजय कुमार
    यूपी चुनाव: बदहाल शिक्षा क्षेत्र की वे ख़ामियां जिन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए लेकिन नहीं होती!
    16 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के सभी दलों के राजनीतिक कार्यकर्ता शिक्षा के महत्व पर बात करते हैं। प्रचार प्रसार करते समय बच्चों को स्कूल भेजने की बात करते हैं। लेकिन राजनीति अंतिम तौर पर केवल चुनाव से जुड़ी हुई…
  • bjp punjab
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...
    16 Jan 2022
    यह एक बहुत ही सुखद समाचार रहा। सरकार जी पर हमला किसने किया, कब किया, कैसे किया, किसी को भी नहीं पता। परन्तु सरकार जी सकुशल लौट आए, यह सबको पता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License