NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
33वें अफ़्रीकन यूनियन शिखर सम्मेलन ने ट्रंप के फ़िलिस्तीन समझौते को ख़ारिज किया
'बंदूक राज ख़त्म करके अफ़्रीका के विकास के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करना' के विषय पर अफ़्रीकन यूनियन(एयू) का शिखर सम्मेलन एथियोपिआ की राजधानी अदीस अबाबा में हो रहा है। एयू में फ़िलिस्तीन को प्रेक्षक का दर्जा मिला हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
10 Feb 2020
African Union Summit

अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा फ़िलिस्तीन प्रस्तावित किए गए तथाकथित "शांति योजना" को अदीस अबाबा में चल रहे एयू के 33वें शिखर सम्मेलन ने नकार दिया है। अफ़्रीकन कमीशन के चेयरमैन मूसा फकी महामत ने कहा कि यह प्रस्ताव एयू के चार्टर का उल्लंघन करता है, और इसे फ़िलिस्तीनी जनता से कोई मशविरा किए बग़ैर पेश किया गया है। एयू में फ़िलिस्तीन को प्रेक्षक का दर्जा मिला हुआ है।

9 फरवरी को एयू शिखर सम्मेलन के उदघाटन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोहम्मद शती ने कहा, "हमें गर्व है कि अफ़्रीका फ़िलिस्तीनी जनता के साथ राजसी तरीक़े से खड़ा है। हम मानते हैं कि इसे 1967 की सरहदों के हिसाब से होना चाहिए जिसमें यरूशलम को राजधानी माना जाए।"

इस शिखर सम्मेलन का विषय "बंदूक राज ख़त्म करके अफ़्रीका के विकास के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करना" है।

दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा एयू के नए चेयरमैन हैं, इससे पहले इसके चेयरमैन इजिप्ट के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी थे। उनके अनुसार, इस साल एयू की प्राथमिकताओं में लिबया में युद्ध ख़त्म करना और दक्षिणी सुडान में संघर्ष और लड़ाई ख़त्म करना शामिल होगा। 

लिबया में पिछले 2011 यानी पिछले 9 साल से जंग जारी है। 2011 में नैटो सुरक्षा बलों लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे मुअम्मर गद्दाफ़ी को सत्ता से हटा कर देश में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था। दक्षिण सूडान 2013 से राष्ट्रपति स्लावा कीर और रीक मचर के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों में लड़ाई जारी है।

एयू में अफ़्रीका महाद्वीप के सभी 55 देश शामिल हैं। इसकी स्थापना 1999 में लिबया में हुई थी, अदीस अबाबा में इसका मुख्यालय बनाया गया था।

शिखर सम्मेलन के उदघाटन में बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल अंटोनिओ गटरेस ने कहा कि अफ़्रीका के सामने 3 बड़ी चुनौतियाँ हैं - ग़रीबी ख़त्म करना, जलवायु संकट के बारे में क़दम उठाना और बंदूक राज को ख़त्म करना। अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, "बंदूक राज ख़त्म करने का मतलब सिर्फ़ शांति और सुरक्षा नहीं है, बल्कि इसके साथ भविष्य के लिए विकास और मानवाधिकार का सवाल भी शामिल है।"

साभार : पीपल्स डिस्पैच

African Union Summit
Palestine Agreement
Palestine
Donand Trump
African Union
South Africa
Cyril Ramaphosa

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

गुटनिरपेक्षता आर्थिक रूप से कम विकसित देशों की एक फ़ौरी ज़रूरत

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

यूरोपीय संघ दुनियाभर के लोगों के स्वास्थ्य से बढ़कर कॉर्पोरेट मुनाफे को प्राथमिकता देता है 

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

कोविड-19 : दक्षिण अफ़्रीका ने बनाया अपना कोरोना वायरस टीका


बाकी खबरें

  • farmers
    चमन लाल
    पंजाब में राजनीतिक दलदल में जाने से पहले किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए
    10 Jan 2022
    तथ्य यह है कि मौजूदा चुनावी तंत्र, कृषि क़ानून आंदोलन में तमाम दुख-दर्दों के बाद किसानों को जो ताक़त हासिल हुई है, उसे सोख लेगा। संयुक्त समाज मोर्चा को अगर चुनावी राजनीति में जाना ही है, तो उसे विशेष…
  • Dalit Panther
    अमेय तिरोदकर
    दलित पैंथर के 50 साल: भारत का पहला आक्रामक दलित युवा आंदोलन
    10 Jan 2022
    दलित पैंथर महाराष्ट्र में दलितों पर हो रहे अत्याचारों की एक स्वाभाविक और आक्रामक प्रतिक्रिया थी। इसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया था और भारत की दलित राजनीति पर भी इसका निर्विवाद प्रभाव…
  • Muslim Dharm Sansad
    रवि शंकर दुबे
    हिन्दू धर्म संसद बनाम मुस्लिम धर्म संसद : नफ़रत के ख़िलाफ़ एकता का संदेश
    10 Jan 2022
    पिछले कुछ वक्त से धर्म संसदों का दौर चल रहा है, पहले हरिद्वार और छत्तीसगढ़ में और अब बरेली के इस्लामिया मैदान में... इन धर्म संसदों का आखिर मकसद क्या है?, क्या ये आने वाले चुनावों की तैयारी है, या…
  • bjp punjab
    डॉ. राजू पाण्डेय
    ‘सुरक्षा संकट’: चुनावों से पहले फिर एक बार…
    10 Jan 2022
    अपने ही देश की जनता को षड्यंत्रकारी शत्रु के रूप में देखने की प्रवृत्ति अलोकप्रिय तानाशाहों का सहज गुण होती है किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री का नहीं।
  • up vidhan sabha
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी: कई मायनों में अलग है यह विधानसभा चुनाव, नतीजे तय करेंगे हमारे लोकतंत्र का भविष्य
    10 Jan 2022
    माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर नए political alignments को trigger करेंगे। यह चुनाव इस मायने में भी ऐतिहासिक है कि यह देश-दुनिया का पहला चुनाव है जो महामारी के साये में डिजिटल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License