NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
भारत
4 मिनट में मंगल ग्रह परिक्रमा मिशन को समझे
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
26 Sep 2014

24 सितंबर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की  अंतिम कक्षा में मंगलयान को स्थापित किया। न्यूज़क्लिक के प्रबीर पुरकायस्थ ने मंगलयान की इस 653,000,000 किलोमीटर लंबी यात्रा के बारे में समझाते हुए इसरो के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

न्यूज़क्लिक में आपका स्वागत है। 24 सितम्बर, 2014  को, भारतवर्ष का 'मंगलयान' जो कि मॉम(MOM) के नाम से भी पुकारा जा रहा है, मार्स (मंगल ग्रह) की कक्षा (ऑर्बिट) में अपनी सही जगह पर पहुँच गया है और इसरो (ISRO) की जो मनौवर्स थे, उसको इधर-उधर करके जहाँ ले जाना था, यह पूरी प्रक्रिया सफ़ल हो गई है। यह इसरो के द्वारा बनाया हुआ काल्पनिक चित्र है जिस में मार्स ऑर्बिटर अंतरिक्ष यान को सफ़लतापूर्वक मार्स के चारों ओर घूमते हुए दिखाया गया है। आप देख सकते हैं कि पहले मंगलयान यहाँ पर था और उसका रास्ता यह था, और अगर उसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जाता तो यह अंतरिक्ष यान मंगल के बगल से गुज़र कर, सूरज के चारों ओर घूमता रहता।इसरो का उद्देश्य यह था कि इसको मार्स के चारों ओर कैसे घुमाया जाए और जिस के लिए इसकी रफ़्तार को कम करने की ज़रूरत थी। जैसा कि आप देख सकते हैं, पहले इसे थोड़ा सा घुमाया, फिर उसके रॉकेट का इंजन चालू किया, साथ-साथ इसकी रफ़्तार घटती गई और वह अपना ओरिजिनल पथ छोड़ कर मार्स के चारों ओर घूमने लगा। यह प्रक्रिया 5 नवंबर, 2013 को शुरू हुई थी।पहले, इसरो ने अपने पीएसएलवी (PSLV) रॉकेट के सहारे मंगलयान को पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाले ऑर्बिट में छोड़ा, फिर धीरे-धीरे उसके ऑर्बिट की परिधि बढ़ाई गई, उसकी रफ़्तार बढ़ाई गई और आप देख सकते हैं कि वह और भी दूरी पर पृथ्वी के चारों ओर घूमने लगा। इसकी रफ़्तार बढ़ कर एक वख़्त पर ऐसी जा पहुँची कि वह पृथ्वी की जो माध्यकर्षण शक्ति है, उसकी परिधि को छोड़ कर वह सूरज की ओर जाने लगा, सूरज के ऑर्बिट में पहुँच गया। इसको हम कहते हैं हीलिओ सेंट्रिक ऑर्बिट या सूरज के चारों ओर घूमने वाला ऑर्बिट। तो इसकी यात्रा यहाँ से शुरू हुई और 24 तारीख़ को यह यहाँ तक पहुँच गया, जब कि मंगल उस वख़्त यहाँ पर था और अब मंगल यहाँ पर है। इस तरह से अंतरिक्ष यान को मंगल के पास भेजने से, इस में फ़्यूल की मात्रा बहुत कम लगती है। जैसा कि हम ज़िक्र कर चुके हैं, उसकी रफ़्तार बाद में घटाई गई और इसी वजह से मंगलयान मंगल की ग्रैविटी (माध्यकर्षण शक्ति) की पकड़ में आ गया और मार्स के चारों ओर घूमने लगा। आप देख सकते हैं, यह मार्स के चारों ओर मंगलयान का ऑर्बिट है, यहाँ पर, मार्स से इसकी न्यूनतम दूरी करीब 450 किलोमीटर है, और अधिक्तम दूरी करीब 80,000 किलोमीटर होगी। अगले 6 महीनों तक मंगलयान मार्स के चारों ओर घूमता रहेगा और इसके अंदर जो इंस्ट्रूमेंट्स हैं, उनके सहारे हमें तस्वीरें भेजेगा। मार्स ऑर्बिटर मिशन को हम आगे भी कवर करते रहेंगे। देखते रहिये न्यूज़क्लिक।

 

 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)
मंगल ग्रह

Related Stories


बाकी खबरें

  • Lebanon
    पीपुल्स डिस्पैच
    लेबनान में ड्राइवरों और परिवहन कर्मचारियों को लेकर सरकारी उदासीनता के ख़िलाफ़ हड़ताल
    15 Jan 2022
    हड़ताली श्रमिकों ने कई प्रमुख राजमार्गों और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और सरकार से बढ़ती महंगाई के मद्देनज़र ईंधन और दूसरी वस्तुओं पर दी जा रही पिछली सब्सिडी को बहाल करने की मांग की।
  • Akhilesh
    रवि शंकर दुबे
    स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले ‘’हिट विकेट हो गए बाबा’’
    14 Jan 2022
    यूपी चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी बिसात बिछा रही हैं, ऐसे में अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई विधायकों को पार्टी में शामिल कराकर बीजेपी करारा झटका दिया है।  
  • nato
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमेरिका-नेटो के निशाने पर रूस, उक्रैन पर खलबली
    14 Jan 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अमेरिका व रूस और नेटो पर रूस के शीर्ष नेताओं की बैठक, उक्रैन को लेकर चल रहे विवाद पर न्यूज़ क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की।…
  • Privatization
    न्यूज़क्लिक टीम
    बैंक निजीकरण का खेल
    14 Jan 2022
    बैंकों के निजीकरण के लिए तर्क दिया जाता है कि सरकारी बैंक ठीक तरह से काम नहीं कर रहे और वे नुकसान झेल रहे हैं हैं। आखिर क्यों सरकारी बैंक घाटे में चलते हैं? क्या है इसका कारण ? जानते हैं ऑनिंद्यो से
  • YATI NARSINGHANAND
    रवि शंकर दुबे
    यति नरसिंहानंद से क्यों डर रही है सरकार? आज भी खुलेआम दे रहा चुनौती
    14 Jan 2022
    डासना मंदिर का महंत यति नरसिंहानंद हरिद्वार संसद के बाद से अभी तक आज़ाद घूम रहा है और लगातार दूसरे धर्मों पर कीचड़ उछाल रहा है, ऐसे में सवाल है कि अभी तक उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, आखिर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License