NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन का 43वां दिन  :  ट्रैक्टर मार्च शुरू, किसान नेता ने कहा यह 26 जनवरी परेड की झांकी
राजधानी दिल्ली में पिछले 43 दिनों से किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आज दिल्ली के चारों तरफ़ संयुक्त किसान मोर्चा की ट्रैक्टर रैली शुरू हो गयी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jan 2021
किसान आंदोलन का 43वां दिन

पिछले 43 दिनों से किसान दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यह किसान भारी बारिश और भीषण ठंड में भी डटे हुए हैं। यह आंदोलन कमज़ोर पड़ने के बजाय और मज़बूत होता जा रहा है। आज यानी गुरुवार को हज़ारों ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने दिल्ली के चारों तरफ़ अपना ट्रैक्टर मार्च शुरू कर दिया है। इस ट्रैक्टर मार्च को अगले दौर की वार्ता से पहले सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। अभी तक सरकार के साथ किसानों की सात दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, इसलिए किसानों ने अपने आंदोलन को तेज कर दिया है और आज राजधानी की सीमाओं पर ट्रैक्टर मार्च कर रहे हैं। 

गाजियाबाद के यूपी गेट पर प्रदर्शन कर रहे किसान ने कहा कि आज का ये 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मार्च गणतंत्र दिवस के लिए उनकी  'ट्रैक्टर मार्च' का 'ड्रेस रिहर्सल' भर है। 26 जनवरी को 50 हज़ार से अधिक ट्रैक्टर के साथ दिल्ली की सड़कों पर किसान परेड करेंगे। 

इसी तरह से किसानों का जत्था टिकरी और सिंघु बॉर्डर से निकल रहा है। वहाँ भी इस मार्च में हज़ारों ट्रैक्टर शामिल हैं।

हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे आज दिल्ली में प्रवेश नहीं करेंगे।

मालूम हो कि खराब मौसम के मद्देनजर किसीनों ने बुधवार को होने वाले ‘ट्रैक्टर मार्च' को टाल दिया था।

गाज़ीपुर बॉर्डर के यूपी गेट से किसान ट्रैक्टर NH-9 के दिल्ली-गाजियाबाद कैरिजवे से होते हुए डासना तक लगभग 19 किमी की दूरी तय  करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में यह यात्रा निकाली जा रही है।
ट्रैक्टर यात्रा इस्टर्न पेरीफेरल रोड पर गाजियाबाद के दुहाई, डासना व गौतमबुद्ध नगर के बील अकबरपुर, सिरसा होते हुए पलवल जाएगी और फिर वहां से वापस आएगी। यह 26 जनवरी को एक समान रैली के लिए पूर्वाभ्यास है। केंद्र सरकार के साथ अगले दौर की वार्ता कल आयोजित की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के प्रमुख जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि 3500 से ज्यादा ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के साथ किसान मार्च में हिस्सा ले रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि 26 जनवरी को हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ट्रैक्टरों की प्रस्तावित परेड के पहले यह ‘‘रिहर्सल’’ की तरह है।

दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के कर्मियों की भारी तैनाती के बीच ट्रैक्टर पर सवार किसानों ने कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे की ओर मार्च शुरू किया। भाकियू नेता राकेश टिकैत की अगुवाई में ट्रैक्टर मार्च पलवल की तरफ बढ़ा है।

संयुक्त किसान मोर्चा के एक वरिष्ठ सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘आगामी दिनों में हम तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करेंगे। आज के मार्च में हरियाणा से करीब 2500 ट्रैक्टर आए हैं।’’

उन्होंने, ‘‘हम आगाह करना चाहते हैं कि अगर सरकार हमारी मांगें स्वीकार नहीं करेगी तो किसानों का प्रदर्शन आगे और तेज होगा।’’

इससे पहले कल शाम को किसान संगठनों ने आंदोलनों का पूरा रूट मैप गूगल लोकेशन के साथ मिडिया के साथ साझा किया था और रस्ते में पड़ने वाले गाँवो से भी इस मार्च में शामिल होने की अपील की थी।

सिंघु बॉर्डर से टिकरी बॉर्डर की तरफ़ एक जत्था निकलेगा जिसकी शुरूआत कुंडली से होगी जो केएमपी का एंट्री पॉइंट है।
 
दूसरा जत्था टिकरी बॉर्डर से कुंडली की तरफ़ जाएगा जिसकी  शुरुआत सांपला से होगी। यह दोनो जत्थे सांपला और कुंडली के मध्य को छूकर वापस अपने शुरुआती बिंदु पर पहुंच जाएंगे।

तीसरा गाज़ीपुर से पलवल की तरफ़ से जाएगा जिसकी शुरूआत डासना में केएमपी के एंट्री पॉइंट से होगी।
 
चौथा जत्था रेवासन से पलवल की तरफ जाएगा जिसकी शुरुआत रेवासन में केएमपी का एंट्री पॉइंट से होनी है। यह दोनों जत्थे पलवल से वापस अपने प्रस्थान बिंदु पर वापिस आ जाएंगे।

किसान नेताओं ने कहा है कि आज का मार्च केवल झांकी है, अगर सरकार नहीं मानी तो इससे कई गुना बड़ा मार्च दिल्ली के राजपथ पर 26 जनवरी को होगा।

farmers protest
Farm Bills
farmers protest update
Tractor March
AIKS
BJP
Modi government

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Mirganj Redlight Area
    विजय विनीत
    मीरगंज रेडलाइट एरियाः देह व्यापार में धकेली गईं 200 से ज़्यादा महिलाओं को आख़िर कैसे मिला इंसाफ़?
    31 Jan 2022
    EXCUSIVE:  यह दुनिया में सबसे बड़ा मामला है,  जिसमें एक साथ 41 मानव तस्करों को कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसी प्रकरण में आगरा के राजकीय नारी संरक्षण गृह की अधीक्षक गीता राकेश को…
  • Hum Bharat Ke Log
    कुमुदिनी पति
    विशेष: लड़ेगी आधी आबादी, लड़ेंगे हम भारत के लोग!
    31 Jan 2022
    सचमुच हम भारत के लोग.....हम देश की आधी आबादी आज इतिहास के किस मोड़ पर खड़े हैं? जो हो रहा है वह अप्रत्याशित है!
  • akhilesh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    बहस: अखिलेश यादव अभिमन्यु बनेंगे या अर्जुन!
    31 Jan 2022
    अगर भाजपा और संघ के प्रचारकों के दावों पर जाएं तो उन्हें यकीन है कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह की तरह राजनीति के सभी दांव जानने वाले ज़मीनी नेता नहीं हैं। सात चरणों में होने वाले यूपी के…
  •  Julian Assange
    अब्दुल रहमान
    पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 
    31 Jan 2022
    विकीलीक्स द्वारा साझा की गई जानकारी ने दमनकारी सरकारों की कथनी और करनी के बीच अंतर और उनके सावधानीपूर्वक तैयार किये गये आख्यानों का भंडाफोड़ कर उनके खिलाफ प्रतिरोध को सशक्त बनाने का काम किया है। 
  • reclaim republic
    लाल बहादुर सिंह
    देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है
    31 Jan 2022
    अभी जो युवाओं के आक्रोश का विस्फोट हुआ उसके पीछे मामला तो रेलवे की कुछ परीक्षाओं का था, लेकिन आंदोलन का विस्तार और आवेग यह बता रहा है कि यह महज़ एक परीक्षा नहीं वरन रोज़गार व नौकरियों को लेकर युवाओं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License