NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ख़ारिज होगा 50 हस्तियों पर लगा राजद्रोह का मुकदमा,  शिकायतकर्ता वकील पर होगी कार्रवाई
फिल्मकार शयाम बेनेगल, मणिरत्नम, अनुराग कश्यप सहित इतिहासकार राम गुहा जैसे कुल 50 नामचीन लोगों के खिलाफ लगे आरोप फर्जी हैं और शिकायतकर्ता वकील के खिलाफ कानूनी धाराओं में उपयुक्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Oct 2019
50 celebrities
Image courtesy: Global Village Space

‘मॉब लिंचिंग’ (भीड़ हत्या) की बढ़ती घटनाओं में हस्तक्षेप करने के लिए साल की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने वाली करीब 50 जानी-मानी हस्तियों के खिलाफ दर्ज राजद्रोह का मामला बंद करने का यहां पुलिस ने बुधवार को आदेश दिया।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि मामला बंद करने का उन्होंने आदेश दिया है क्योंकि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप शरारतपूर्ण हैं और उनमें कोई ठोस आधार नहीं है।

अंग्रेज़ी दैनिक दि हिंदू के मुताबिक मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने कहा है कि फिल्मकार शयाम बेनेगल, मणिरत्नम, अनुराग कश्यप सहित इतिहासकार राम गुहा जैसे कुल 50 नामचीन लोगों के खिलाफ लगे आरोप फर्जी हैं और शिकायतकर्ता वकील के खिलाफ कानूनी धाराओं में उपयुक्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब है कि स्थानीय अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की एक याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पिछले हफ्ते इन नामचीन लोगों पर सदर पुलिस थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

यह मामला पिछले हफ्ते से तूल पकड़ता जा रहा था। मॉब लिंचिंग के विरोध में पीएम को लिखे गए49 हस्तियों के हस्ताक्षर वाले पत्र के समर्थन में खड़े होने वाले लेखक-कलाकारों व अन्य बुद्धिजीवियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। इंडियन कल्चर फोरम की ओर से शुरू की गई  हस्ताक्षर मुहिम में इस मुकदमे के खिलाफ विरोध दर्ज करने वाले प्रसिद्ध लोगों की संख्या 185 से बढ़कर 1389 तक पहुंच गई थी।

इनमें लेखिका अरुंधति रॉय, प्रताप भानु मेहता, असगर वजाहत, मकरंद साठे, राजेश जोशी, अर्शिया सत्तार, सुनील शानबाग, पंकज बिष्ट; कलाकार अतुल डोडिया, पुष्पमाला एन, अनीता दूबे, सुदर्शन शेट्टी, राम रहमान; शिक्षाविद् डीएन झा, उत्सा पटनायक, केएम श्रीमाली, कुमकुम रॉय, राजन गुरुकुल; पत्रकार हरीश खरे, पार्वती मेनन और टीके राजलक्ष्मी और सांस्कृतिक समाज से संजना कपूर और जौहर सिरकार जैसे अन्य लोग शामिल थे। केरल से प्रधानमंत्री को डेढ़ लाख पत्र इस मामले में भेजे गये थे। कुछ विश्वविद्यालयों से भी पीएम को पत्र भेजे जा रहे थे।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

FIR against 50 celebrities
50 celebrities will be dismissed for treason
mob lynching
Narendera Modi
BJP
Stand against mob lynching

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License