NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अटलांटा में हुई गोलीबारी में 8 लोगों की मौत, एशिया-विरोधी भेदभाव का संदेह
पुलिस ने कहा कि ज़्यादातर पीड़ित एशियाई-अमेरिकी मूल की महिला हैं वहीं दक्षिण कोरिया की सरकार ने कम से कम चार लोगों के कोरियाई मूल के होने की पुष्टि की है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Mar 2021
अटलांटा में हुई गोलीबारी में 8 लोगों की मौत, एशिया-विरोधी भेदभाव का संदेह

अमेरिका के अटलांटा और इससे सटे उनगर जॉर्जिया में मंगलवार 16 मार्च को तीन स्थानों पर गोलीबारी हुईं। माना जा रहा है कि इन हमलों को एक ही शख्स ने अंजाम दिया है। इन हमलों में आठ लोगों की मौत हो गई वहीं एक व्यक्ति घायल है। 21 वर्षीय संदिग्ध शख्स का नाम रॉबर्ट आरोन लॉन्ग है। इसे दक्षिण-पश्चिम जॉर्जिया में घंटों की तलाशी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

ये तीनों हमले मसाज पार्लरों में हुए। इनमें दो पार्लर शहर में हैं जबकि एक एकवर्थ उपनगर में है जिसने एशियाई अमेरिकी मूल की महिला कर्मचारियों को भर्ती किया था। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि पीड़ितों में से कम से कम चार कोरियाई मूल के थे, जबकि अटलांटा के स्थानीय अधिकारियों ने मारे गए कर्मचारियों के देश और उनके मूल स्थान के बारे में जानकारी अभी नहीं दी है।

लॉन्ग को एक्वर्थ गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार किया गया और पुलिस द्वारा जांच की जा रही सर्विलांस कैमरे के सबूतों के अनुसार उस पर शहर में दो जगह गोलीबारी करने का संदेह है। मानवाधिकार और घृणा-विरोधी अपराधों के लिए मुखर रहने वाले समूह इन हत्याओं को अमेरिका भर में एशियाई-अमेरिकी हिंसा की बढ़ती घटना से जोड़ कर देख रहे हैं।

एशियाई-अमेरिकी व्यक्तियों के खिलाफ हिंसा पर नज़र रखने वाले 'स्टॉप एएपीआई हेट' के अनुसार मार्च 2020 और फरवरी 2021 के बीच अमेरिका भर में कम से कम 3,795 "घृणा वाली घटनाएं" हुई हैं।

एक ट्वीट में अटलांटा स्थित एशियन अमेरिकन एडवांसिंग जस्टिस समूह ने लिखा कि वे "इस हिंसा से विचलित हो गए हैं।" इस समूह ने कहा कि यह अभी इन घटनाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे है और इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के परिवारों को अपनी मदद पहुंचाने की बात कही है।

अमेरिका में COVID-19 महामारी के प्रकोप के बाद घृणा वाले अपराध तेजी से बढ़े हैं। तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित दक्षिणपंथी नेताओं ने अमेरिका में चीन और एशियाई-अमेरिकी समुदाय को निशाना बनाने के लिए निराधार षड्यंत्र और नस्लीय भाषा का इस्तेमाल किया।

America
South Korea
COVID-19
Anti-Asia discrimination

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License