NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीएए के विरोध में भाजपा के 80 मुस्लिम नेताओं ने प्राथमिक सदस्यता छोड़ी
"सीएए के वजूद में आने के बाद हमारा अपने समुदाय के आयोजनों में शामिल होना दूभर होता जा रहा था। इन आयोजनों में लोग हमें यह कहकर कोसते थे कि हम सीएए जैसे विभाजनकारी कानून पर कब तक चुप रहेंगे?"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jan 2020
BJP
फोटो : राजिक कुरैशी फर्शीवाला के ट्वीटर हैंडल से साभार

इंदौर (मध्यप्रदेश): संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को "धार्मिक आधार पर बनाया गया विभाजनकारी प्रावधान" बताते हुए यहां भारतीय जनता पार्टी के करीब 80 मुस्लिम नेताओं ने पार्टी की प्राथमिकता सदस्यता छोड़ने की घोषणा की है। 

इन भाजपा नेताओं में शामिल राजिक कुरैशी फर्शीवाला ने शुक्रवार को "पीटीआई-भाषा" को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 80 मुस्लिम नेताओं ने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को कल बृहस्पतिवार को पत्र भेजकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी है। इनमें भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के कई पदाधिकारी शामिल हैं। 

कुरैशी ने कहा, "सीएए के वजूद में आने के बाद हमारा अपने समुदाय के आयोजनों में शामिल होना दूभर होता जा रहा था। इन आयोजनों में लोग हमें यह कहकर कोसते थे कि हम सीएए जैसे विभाजनकारी कानून पर कब तक चुप रहेंगे?"

उन्होंने कहा, "किसी भी समुदाय के वास्तविक तौर पर पीड़ित शरणार्थी को भारतीय नागरिकता मिलनी चाहिये। आप महज धर्म के आधार पर तय नहीं कर सकते कि फलां व्यक्ति घुसपैठिया या आतंकवादी है।" 

सीएए के खिलाफ भाजपा छोड़ने वाले मुस्लिम नेताओं के पत्र में कहा गया, "भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत किसी भी भारतीय नागरिक को समानता का अधिकार प्राप्त है। किंतु भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार के सीएए को धार्मिक आधार पर लागू कर देश को बांटने का कार्य किया गया है जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में भाजपा के मुस्लिम नेताओं की बेचैनी और पार्टी छोड़ने के बारे में न्यूज़क्लिक ने पहले भी ख़बर दी थी। 

इसे पढ़ें :‘Fellow BJP Leaders Taunt us, Treat us as Infiltrators’, Say Muslim BJP Leaders Who Quit Party in MP

गौरतलब है कि सीएए के विरोध में जिन भाजपा नेताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की है, उनमें से कुछ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। राजिक कुरैशी फर्शीवाला खुद विजयवर्गीय के काफी करीब समझे जाते थे। लेकिन उनकी बगावत के सुर भी पहले ही दिखने लगे थे। अभी 10 जनवरी को उन्होंने इसका खुला ऐलान कर दिया था।

ना हवा मे उडूँगा ना पानी में बहूँगा
प्यार है वतन की मिट्टी से
मरकर भी इसमें दफ़न रहूँगा
No NRC ,No CAA pic.twitter.com/PlSy5ywzYM

— Rajik Farshiwala Qureshi (@RajikFOnline) January 9, 2020

इसके बाद 16 जनवरी को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर मशहूर शायर जावेद अख़्तर की नज़्म वे पंक्तियां साझा कीं जो सीएए-एनआरसी के विरोध में आजकल काफी इस्तेमाल की जा रही हैं। 

"जो बात कहते डरते हैं सब तू वो बात लिख
इतनी अंधेरी न थी कभी पहले रात लिख 
जिनसे क़सीदे लिख्खे थे तू वो फैंक दे कलम
फिर खून-ए-दिल से सच्चे कलम की सिफ़ात लिख"

जो बात कहते डरते हैं सब तू वो बात लिख
इतनी अंधेरी न थी कभी पहले रात लिख
जिनसे क़सीदे लिख्खे थे तू वो फैंक दे कलम
फिर खून-ए-दिल से सच्चे कलम की सिफ़ात लिख

— Rajik Farshiwala Qureshi (@RajikFOnline) January 15, 2020

अल्पसंख्यक समुदाय के भाजपा नेताओं के सामूहिक इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने बृहस्पतिवार शाम कहा, "मुझे हालांकि इस मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति गुमराह हो रहा है, तो हम उसे समझाएंगे।" 

 

सीएए, एनआरसी के विरोध में द्रमुक, सहयोगी चलाएंगे ‘व्यापक’ हस्ताक्षर अभियान

चेन्नई से ख़बर है कि द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्ष ने नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में शुक्रवार को ‘व्यापक’ हस्ताक्षर अभियान चलाने का संकल्प लिया। 

उन्होंने कहा कि सीएए वापस लिया जाना चाहिए और तमिलनाडु में एनपीआर की गतिविधियां नहीं होने दिया जाना चाहिए और एनआरसी की तैयारी का प्रयास नहीं होना चाहिए।

इस संबंध में द्रमुक की अध्यक्षता वाली कांग्रेस और एमडीएमके समेत सहयोगी पार्टियों के साथ बैठक में एक प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।
स्टालिन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने इस संबंध में दो रिपीट दो फरवरी से आठ फरवरी तक व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाने का फैसला किया है।’’

उन्होंने कहा कि इन हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपने का फैसला किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CAA
CAA Protest
BJP
Muslims
BJP-Muslims
Religion Discrimination
Constitution of India
article 14
Illegal Immigration

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • एजाज़ अशरफ़
    दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान
    12 May 2022
    जाने-माने एक्टिविस्ट बताते हैं कि कैसे वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी दलित को जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और आस्था से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत
    12 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के एक हज़ार से कम यानी 970 नए मामले दर्ज किए गए है, जबकि इस दौरान 1,230 लोगों की ठीक किया जा चूका है |
  • सबरंग इंडिया
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल
    12 May 2022
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ एमपी के आदिवासी सड़कों पर उतर आए और कलेक्टर कार्यालय के घेराव के साथ निर्णायक आंदोलन का आगाज करते हुए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की।
  • Buldozer
    महेश कुमार
    बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग
    11 May 2022
    जब दलित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के दलित समुदाय में गुस्सा है।
  • Professor Ravikant
    न्यूज़क्लिक टीम
    संघियों के निशाने पर प्रोफेसर: वजह बता रहे हैं स्वयं डा. रविकांत
    11 May 2022
    लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ आरएसएस से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता हाथ धोकर क्यों पड़े हैं? विश्वविद्यालय परिसरों, मीडिया और समाज में लोगों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License