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COVID-19 के प्रकोप के बीच 8 देशों ने वैश्विक प्रतिबंध हटाने का यूएन से आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों से पता चलता है कि वैश्विक प्रतिबंधों के चलते कोरोनावायरस से प्रभावित देशों में आवश्यक दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों को पहुंचाने में बाधा हो रही है।
पीपल्स डिस्पैच
26 Mar 2020
Covid19

वैश्विक COVID-19 महामारी के बीच 25 मार्च को रूस, चीन, ईरान, सीरिया, उत्तर कोरिया, क्यूबा, निकारागुआ और वेनेजुएला के प्रतिनिधियों ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र भेजा जिसमें उनसे इन देशों के अलावा अन्य देशों पर लगे एकतरफा आर्थिक प्रतिबंध को उठाने का आह्वान किया गया।

इस पत्र में राजनयिकों ने इस नोवल कोरोनावायरस को "आम दुश्मन" के रूप में बताया है और कहा है कि ये जरुरी उपाय प्रतिबंध से जूझ रहे सभी देशों के लिए कोरोनोवायरस के खिलाफ लड़ाई को मुश्किल बना रहे हैं।

पत्र में लिखा गया, "हम सम्मानपूर्वक आपसे आग्रह करते हैं कि आप कोरोनोवायरस और इस तरह के महामारी के राजनीतिकरण को अस्वीकार करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सभी सदस्यों की पूर्ण, प्रभावी और कुशल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के क्रम में आर्थिक दबाव के ऐसे अवैध, ज़बरदस्त और मनमाने तरीकों को पूरी तरह और तत्काल उठाने का अनुरोध करें।"

इस सप्ताह के शुरू में गुटेरेस ने महामारी से लड़ने और इसके प्रसार को रोकने के लिए दुनिया भर के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को वापस लेने का आह्वान करते हुए जी 20 समूह की आर्थिक शक्तियों को एक पत्र भेजा था। गुटेरेस ने लिखा, "मैं देशों को भोजन, आवश्यक स्वास्थ्य आपूर्ति और COVID-19 चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं। यह बहिष्कार का नहीं बल्कि एकजुटता दिखाने का समय है।"

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार रिपोर्टों ने संकेत दिया है कि ये प्रतिबंध "आवश्यक दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों जैसे कि श्वासन यंत्र और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के लिए सुरक्षात्मक उपकरण तक पहुंच को बाधित कर रहे हैं।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने COVID-19 के प्रकोप को 11 मार्च को महामारी घोषित किया। यू.एस.आधारित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में 4,72,000 से अधिक लोग कोरोनोवायरस से संक्रमित हैं और 21,000 से अधिक लोग की मौत हो गई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

COVID-19
Coronavirus
UN
WHO

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