NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
देश की 90 हस्तियों ने की ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ FIR की निंदा
इंडियन कल्चरल फोरम (आईसीएफ) की ओर से जारी बयान में इसे मीडिया को धमकाने और उसकी आज़ादी पर लगाम लगाने की कोशिश कहा गया है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Apr 2020
सिद्धार्थ वरदराजन

देश की 90 जानी-मानी हस्तियों जिनमें लेखक, पत्रकार, बुद्धिजीवी, कलाकार-संस्कृतिकर्मी और अन्य शामिल हैं ने ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एफआईआर दर्ज किए जाने की तीखी आलोचना की है।

 इंडियन कल्चरल फोरम (आईसीएफ) की ओर से ‘स्वतंत्र मीडिया को डराने की कोशिश बंद करो!’ शीर्षक से जारी बयान में इसे मीडिया को धमकाने और उसकी आज़ादी पर लगाम लगाने की कोशिश कहा गया है।  
बयान इस प्रकार है :

 “हम उत्तर प्रदेश के फ़ैजाबाद ज़िले की पुलिस द्वारा द वायर के संस्थापक सम्पादक सिद्धार्थ वरदराजन् पर दर्ज़ की गयी FIR की कड़े शब्दों में निंदा करते हैंI यह साफ़ तौर से मीडिया को धमकाने और उसकी आज़ादी पर लगाम कसने की कोशिश हैI 

द वायर पर आरोप है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का 25 मार्च को  देशभर में जारी लॉकडाउन के बावजूद अयोध्या में राम नवमी के अवसर पर एक कार्यक्रम में शामिल होने की ख़बर को छापकर उसने डर या पैनिक फैलाया है। ‘द वायर’ ने जवाब में कहा है कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का जाना सार्वजनिक रिकॉर्ड और जानकारी का विषय हैI इसलिए, FIR में लिखे गए IPC के प्रावधान 'सरकारी मुलाज़िम द्वारा पारित आदेश की अवज्ञा' और 'विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य, नफ़रत और बुरी भावनाएँ पैदा करने या भड़काने वाले बयान' जारी करना इस मामले में लागू नहीं होतेI

31 मार्च को द वायर में छपे लेख में ग़लती से एक वक्तव्य कि भगवान् राम अपने श्रद्धालुओं को कोरोना से बचायेंगे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नाम से छप गया था जो कि असल में आचार्य परमहंस ने कहा था। इसे अगले ही दिन वेबसाइट से हटा दिया गया था और ज़रूरी सुधार कर दिए गए थे।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने पहले वरदराजन् का एक ट्वीट के ज़रिये मज़ाक उड़ाते हुए कहा, "अब वेबसाइट चलाने के साथ-साथ, [तुम्हें] ये केस लड़ने के लिए भी चंदा माँगना पड़ेगाI" 

 यह लोकतंत्र में मीडिया के सही से काम कर पाने के लिए बेहद ज़रूरी आलोचना करने के अधिकार को न बर्दाश्त कर पाने की अति हैI इसलिए हमारे साथी सिद्धार्थ वरदराजन् के ख़िलाफ़ दर्ज़ इस FIR को राजनीतिक रूप से प्रेरित मानते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और विवेकशील नागरिकों से गुज़ारिश करते हैं कि वे एक आज़ाद और आत्मनिर्भर मीडिया के हमारे अधिकार पर ज़ोर देंI”

 बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ, परंजॉय गुहा ठाकुरता, सीमा मुस्तफ़ा, विनोद के जोस, नरेश फर्नांडिस, भाषा सिंह, लेखक अमित चौधरी और बद्री रैना के साथ आनंद तेलतुंबडे, अकील बिलग्रामी, जी एन देव्या और ज़ोया हसन जैसे बुद्धिजीवी और टी एम कृष्णा, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, मल्लिका साराभाई, पुष्पमाला एन और अनुराधा कपूर जैसे सांस्कृतिक समुदाय के सदस्य शामिल हैं।

 हस्ताक्षरकर्ताओं की पूरी लिस्ट यहां पढ़ सकते हैं-

Stop the attempt to intimidate independent media!

The Wire
Siddharth Varadarajan
FIR
UttarPradesh
90 celebrities
Yogi Adityanath
BJP
journalism
Journalists
Press freedom

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

डिजीपब पत्रकार और फ़ैक्ट चेकर ज़ुबैर के साथ आया, यूपी पुलिस की FIR की निंदा

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • institutional_casteism
    सबरंग इंडिया
    क्या आप संस्थागत जातिवाद की भयावहता लगातार सुन सकते हैं?
    30 Sep 2021
    रिपोर्ट अपर्याप्त निवारण तंत्र को देखती है और हाशिए के समुदायों के लोगों के बारे में बात करती है, जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह के भेदभाव का खुले तौर पर या गुप्त रूप से सामना किया है और यह उन…
  • Kerala: Muslim woman made a painting of Lord Krishna, got a special place in the temple
    भाषा
    केरल: मुस्लिम महिला ने भगवान कृष्ण की बनाई पेंटिंग, मिला मंदिर में  खास स्‍थान
    30 Sep 2021
    पथानमथिट्टा जिले के पांडलम के करीब स्थित उलानादु श्री कृष्णा स्वामी मंदिर ने कृष्ण के बालरूप की पेंटिंग के लिए जसना से औपचारिक तौर पर अनुरोध किया और रविवार को उन्हें आमंत्रित कर उनसे पेंटिंग ली जसना…
  • dhalpur
    सबरंग इंडिया
    ढालपुर से तस्वीरें: बेदखल परिवारों के संघर्षों को दर्शाता फोटो फीचर
    30 Sep 2021
    हमारी टीम आपके लिए उन लोगों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें लेकर आई है, जो अपने जीवन को संगठित रखने के लिए संघर्ष करते हैं। प्रशासन ने उन स्थानों को समतल कर दिया जहां उनके मामूली घर कभी खड़े थे, अब एक…
  • covid
    अमिताभ रॉय चौधरी
    वैक्सीन को मान्यता देने में हो रही उलझन से वैश्विक हवाई यात्रा पर पड़ रहा असर
    30 Sep 2021
    अब जब वैश्विक स्तर पर कोविड-19 की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आती लग रही है, तब अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। खासकर उन देशों में हवाई बाज़ार तेजी से खुल रहा है, जहां बड़े
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 23,529 नए मामले, 311 मरीज़ों की मौत
    30 Sep 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 37 लाख 39 हज़ार 980 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License