NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की
इंटर-अमेरिकन कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स (आईएसीएचआर) के अनुसार तख्तापलट के बाद पुलिस और सैन्य दमन के दौरान बोलीविया के विभिन्न हिस्सों में 36 लोगों की जान चली गई।
पीपल्स डिस्पैच
16 Nov 2020
साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

इस साल 15 नवंबर को बोलीविया के कोचाबम्बा डिपार्टमेंट में साकाबा शहर में नरसंहार के एक साल हो गए। इस दुखद घटना के एक साल पूरे होने पर ग्यारह पीड़ितों के परिवार, विभिन्न मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर उतरे और इनके लिए न्याय की मांग की साथ ही इनकी मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों को दंडित करने की मांग की।

हज़ारों लोगों ने साकाबा के हुएलानी पुल तक मार्च किया जहां एक साल पहले बोलीविया की पुलिस और सैन्य बलों ने ग्यारह प्रदर्शनकारियों को मार दिया था जो 10 नवंबर को राष्ट्रपति इवो मोरालेस के ख़िलाफ़ किए गए नागरिक-सैन्य तख्तापलट के ख़िलाफ़ आंदोलन की भीड़ का हिस्सा थे। पुल पर मृतक की तस्वीरों वाली वेदी स्थापित की गई थी और उनके फोटो के नीचे फूलों की मालाएं रखी गई थी।

लोकपाल नादिया क्रूज़ की कोचाबम्बा में उनके प्रतिनिधि नेल्सन कॉक्स, कोका उत्पादकों की पूर्व नेता और सीनेटर लियोनार्डो लोज़ा के साथ ही यूनाइटेड नेशन्स हाई कमीशनर फॉर ह्यूमन राइट्स (ओएचसीएचआर) के सदस्य इस समारोह में शामिल हुए।

पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मोरालेस ने ट्वीट में लिखा, “साकाबा नरसंहार के एक साल बाद हम उन भाइयों के लिए न्याय की मांग करते हैं जो मारे गए हैं। सरकार इन घटनाओं को बिना दंड के नहीं छोड़ सकती है, इसकी जांच होनी चाहिए, सच्चाई को फिर से स्थापित करना और पीड़ितों को पहचानना चाहिए। परिवारों के साथ हमारी सॉलिडरिटी है।”

15 नवंबर 2019 को बोलीविया के सुरक्षा बलों ने शहर के स्थानीय और किसान समुदायों के शांतिपूर्ण मार्च को बेरहमी से दबा दिया। इन समुदायों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ घातक बल के उपयोग के लिए तख्तापलट राष्ट्रपति जीनिन एनेज और इनके आंतरिक मंत्री आतुरो मुरिलो की निंदा की।

इंटर-अमेरिकन कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स (आईएसीएचआर) के अनुसार राष्ट्रपति मोरालेस के इस्तीफे और एनेज कार्यभार ग्रहण के बाद सुरक्षा बलों द्वारा हिंसक दमन के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में 36 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।

इस जांच को गति देने के लिए अक्टूबर के अंत में प्लूरिनेशनल लेजिस्लेविटव एसेंबली के नव निर्वाचित सदस्यों ने पूर्व अंतरिम राष्ट्रपति और उनके कई पूर्व मंत्रियों के ख़िलाफ़ साकाबा और सेनकटा के नरसंहार की जांच के लिए एक लायबलिटी ट्रायल शुरू करने की मंजूरी दी।

bolivia
Inter-American Commission on Human Rights
IACHR

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की

बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!

बोलिविया के ट्रेड यूनियनों ने ऑरलैंडो गुटिएरेज की मौत की जांच की मांग की


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License