NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
भाजपा शासित एमसीडी की नीतियों के खिलाफ आप ने एक लाख हस्ताक्षर जुटाए : भारद्वाज
भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा शासित एमसीडी की ‘‘कठोर नयी नीतियों’’ तथा कर वृद्धि के खिलाफ उनकी पार्टी एक लाख हस्ताक्षर जुटाने का मील का पत्थर तय कर चुकी है।
भाषा
15 Jul 2021
Saurabh Bhardwaj

नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में भाजपा शासित नगर निगम (एमसीडी) की ‘‘कठोर नयी नीतियों’’ और करों में वृद्धि के खिलाफ उनके दल ने एक लाख हस्ताक्षर जुटाए हैं।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने कहा कि आप नेता दिन में सपने देखते हैं तथा चाहते हैं कि वे जो सपना देखते हैं, उसपर हर कोई विश्वास करे।

भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा शासित एमसीडी की ‘‘कठोर नयी नीतियों’’ तथा कर वृद्धि के खिलाफ उनकी पार्टी एक लाख हस्ताक्षर जुटाने का मील का पत्थर तय कर चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित नगर निकायों द्वारा लाई गईं नयी नीतियों तथा कर वृद्धि को लेकर बाजारों में दुकानदारों में भारी असंतोष है। आप के दावे पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, ‘‘मैं पुरानी दिल्ली निवासी व्यापारी हूं और पुरानी दिल्ली या अन्य किसी जाने-माने बाजार में आप के सर्वेक्षण अभियान के बारे में कभी नहीं सुना।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारी हमेशा भाजपा के साथ रहते हैं और यदि कुछ निकाय शुल्क की वजह से कारोबारियों को कोई समस्या होगी तो उसका जल्द समाधान कर लिया जाएगा।

AAP
Saurabh Bhardwaj
BJP
MCD

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग


बाकी खबरें

  • Privatisation
    अजय कुमार
    महाशय आप गलत हैं! सुधार का मतलब केवल प्राइवेटाइजेशन नहीं होता!
    12 Dec 2021
    भारत के नीतिगत संसार में सुधार का नाम आने पर प्राइवेटाइजेशन को खड़ा कर दिया जाता है। इसका नतीजा यह हुआ है कि भारत की बीहड़ परेशानियां प्राइवेटाइजेशन की वजह से खड़ी हुई गरीबी की वजह से जस की तस बनी…
  • god and man
    शंभूनाथ शुक्ल
    ईश्वर और इंसान: एक नाना और नाती की बातचीत
    12 Dec 2021
    मैंने अगला प्रश्न किया, कि क्या तुम मानते हो कि दुनिया में कोई ईश्वर है? अब वह थोड़ा झिझका और बोला, ‘कोई है तो जो हम सब को बनाता है’। मैंने एक जिज्ञासा उठाई, कि मनुष्य का पैदा होना एक बायोलॉजिकल…
  • unemployment
    रूबी सरकार
    ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ के नारों के साथ शिक्षित युवा रोज़गार गारंटी बिल की उठाई मांग
    12 Dec 2021
    युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के 3 माह के भीतर सरकार को नौकरी मुहैया कराना चाहिए अथवा जब तक शिक्षित को नौकरी न मिले, तब तक सरकार की ओर से स्किल्ड लेबर की न्यूनतम मजदूरी के बराबर करीब साढ़े नौ…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    खुशहाली की बजाय बेहाली,संविधान से उलट राजसत्ता और यूपी का रिकार्ड
    11 Dec 2021
    वैश्विक असमानता रिपोर्ट के नये तथ्य और आंकड़े भारत की सामाजिक आर्थिक स्थिति की भयावह तस्वीर पेश करते हैं. आखिर आजादी के इन चौहत्तर वर्षो में हमारे समाज में इस कदर असमानता और दुर्दशा क्यों बढ़ी है?…
  • kisan andolan
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: किसानो, कुछ तो रहम करो...लिहाज करो!
    11 Dec 2021
    मनाएं, किसान अपनी जीत का जश्न। बस, सरकार को हराने का शोर नहीं मचाएं। इस शोर से दुनिया भर में छप्पन इंच की छाती वालों की बदनामी होगी सो होगी, देश में मजदूरों-वजदूरों और न जाने किस-किस को कैसा गलत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License