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सत्ता का टूल-किट यानी हर दिशा में दमन-अत्याचार का अंधड़!
अजीब दौर है, जब सत्ता से असहमत कोई 22 साल की दिशा हो या 83 साल के स्टैन स्वामी हों, सबके-सब देश के लिए 'खतरनाक' बता दिये जा रहे हैं! टूल-किट प्रकरण में दिशा रवि की असंवैधानिक गिरफ्तारी के बहाने पूरे हालात पर AajKiBaat के प्रस्तोता उर्मिलेश की टिप्पणी.
न्यूज़क्लिक टीम
17 Feb 2021

अजीब दौर है, जब सत्ता से असहमत कोई 22 साल की दिशा हो या 83 साल के स्टैन स्वामी हों, सबके-सब देश के लिए 'खतरनाक' बता दिये जा रहे हैं! सन् 1975-77 की इमर्जेंसी में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाने पर लिया गया. अब तो वह हर व्यक्ति या संस्था निशाने पर है जिसकी पसंद संविधान और लोकतंत्र है. इमर्जेंसी में  'गिरफ्तारी' सत्ता का सबसे बड़ा हथकंडा था, अब तो इत्ते सारे 'हथकंडे' हैं, जिनका कोई अंदाज नहीं.. इमर्जेंसी में सत्ता क्रूर और असंवैधानिक हो गयी थी. इस वक़्त वह 'क्रूर' और 'असंवैधानिक' तो हो ही रही है, उसके अंदर अपने से असहमत लोगों के लिए जहरीली नफ़रत भी है. टूल-किट प्रकरण में दिशा रवि की असंवैधानिक गिरफ्तारी के बहाने पूरे हालात पर AajKiBaat के प्रस्तोता उर्मिलेश की टिप्पणी.

Disha Ravi
Emergency
Modi government
Attack on dissent
Activist arrests

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