NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मिनेसोटा में क़रीब 250 पाइपलाइन-विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया
आदिवासी समूह और पर्यावरण एक्टिविस्ट उत्तर पश्चिमी मिनेसोटा में एनब्रिज के स्वामित्व वाली तेल पाइपलाइन परियोजना के अंतिम चरण के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
10 Jun 2021
मिनेसोटा में क़रीब 250 पाइपलाइन-विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया

अमेरिका में मिनेसोटा के हबर्ड काउंटी में एक तेल पंप स्टेशन के नियंत्रित क्षेत्र से लगभग 250 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार 9 जून को पुलिस ने पुष्टि की कि उसने 179 लोगों को अतिक्रमण के अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया है और 68 लोगों को छोटा अपराध और गैरकानूनी सभा करने के लिए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कनाडाई तेल कंपनी एनब्रिज इंक के स्वामित्व वाली लाइन 3 पाइपलाइन परियोजना पाथ-वे क्षेत्र से जबरन हटाने के बाद ये गिरफ्तारियां कीं।

ये विरोध प्रदर्शन सोमवार 7 जून को उस समय शुरू हुआ जब आदिवासी एक्टिविस्ट के एक गठबंधन ट्रीटी पीपल गैदरिंग ने इस पाइपलाइन निर्माण के विरोध में एक रैली निकालने का आह्वान किया। करीब 1,000 से अधिक पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों ने इस पाइपलाइन के खिलाफ हबर्ड काउंटी में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन किया है।

इस रैली के दौरान दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने पंप स्टेशन पर कब्जा कर लिया और प्रस्तावित पाइपलाइन के रास्ते को अवरुद्ध करने वाले बैरिकेड्स लगा दिए। इस कब्जे के कारण परियोजना स्थल पर 44 श्रमिकों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने जबरन कब्ज़ा हटाना शुरू कर दिया और वहां मौजूद अधिकांश लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बचे प्रदर्शनकारियों और बैरिकेड्स को मंगलवार 8 जून की सुबह तक हटा दिया गया था।

लाइन 3 पाइपलाइन परियोजना मौजूदा लाइन 3 पाइपलाइन को सुरक्षित और बड़ी क्षमता वाली पाइपलाइन से बदलने का एक प्रयास है। इसे पहली बार 2014 में प्रस्तावित किया गया था और परियोजना के सार्वजनिक विरोध के बावजूद नवंबर 2020 में निर्माण शुरू हुआ था। पुरानी पाइपलाइन कनाडा के अल्बर्टा प्रांत से प्रतिदिन लगभग 400,000 बैरल तेल को मध्य-पश्चिमी अमेरिका में रिफाइनरियों तक पहुंचाती है और इस पाइपलाइन को बदल देने से इस क्षमता को लगभग दोगुना करने की उम्मीद है।

अधिकांश पाइपलाइन को बदलने का कार्य कनाडा और यूएस के राज्यों विस्कॉन्सिन और नॉर्थ डकोटा में पूरा किया जा चुका है लेकिन इस पाइपलाइन का केवल विवादास्पद मिनेसोटा का भाग बचा है। स्थानीय निवासी और मूल अमेरिकी समुदायों ने नई पाइपलाइन का कड़ा विरोध किया है, इसका मुख्य कारण स्थानीय भूमि और नदियों में तेल रिसाव और प्रदूषण का लंबा इतिहास है।

लाइन 3 पाइपलाइन अकेले मिनेसोटा में दो विनाशकारी तेल रिसाव के लिए जिम्मेदार है। पहला 1973 में हुआ था जो इसके निर्माण के बमुश्किल पांच साल बाद ही हुआ और दूसरा 1991 में, जिससे मिसिसिपी नदी की एक प्रमुख सहायक नदी प्रेयरी नदी में 1.7 मिलियन बैरल तेल का रिसाव हुआ। 1991 का रिसाव अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा अंतर्देशीय तेल रिसाव था जिसके बाद से रेगुलेटरों ने इस पाइपलाइन के द्वारा प्रतिदिन भेजे जाने वाले तेल की मात्रा में उल्लेखनीय रूप से कटौती कर दी।

इस पाइपलाइन को वर्तमान में मिनेसोटा कोर्ट ऑफ अपील्स में एक मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 21 जून को फैसला सुनाया जाएगा। अदालत तय करेगी कि तेल की मौजूदा मांग तेल पाइपलाइन के निर्माण को उचित ठहराती है या नहीं।

Minnesota
Tribal Groups
environmental activists
Protest

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

लखीमपुर खीरी कांड में एक और अहम गवाह पर हमले की खबर  

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 


बाकी खबरें

  • donkey
    शिरीष खरे
    हमारे लिए गधा आज भी 'गधा', जबकि विदेश में बढ़ रही कद्र!
    10 Feb 2022
    आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2012 की पशुधन गणना से वर्ष 2019 की नवीनतम पशुधन गणना तक, गधों की आबादी में सबसे तेज 61.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।
  • Banaras
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: बनारस में गांजे से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी, धर्म की आड़ में खुलेआम होता है नशा!
    10 Feb 2022
    बनारसियों के आदर्श राम-कृष्ण, गौतम बुद्ध, कणादि, जैमिनि, पाणिनी, पतंजलि से लेकर रविदास, कबीर, नानकदेव, पार्श्वनाथ में से कोई चिलम नहीं पीता था। इस शहर में अब तमाम ढोंगी साधु-संत परंपरा की आड़ में…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक दिन में फिर 1200 से ज़्यादा लोगों की मौत 
    10 Feb 2022
    देश में 24 घंटे में कोरोना से 1,241 लोगों की मौत हुई है। इस तरह अब तक कुल 5 लाख 6 हज़ार 520 लोग अपनी जान गँवा चुके है।
  • UP West
    प्रज्ञा सिंह
    यूपी चुनाव: क्यों हो रहा है भाजपा मतदाता का हृदय परिवर्तन
    10 Feb 2022
    उस किसान की कहानी, जो ग्रामीण मध्य वर्ग के बीच हिंदुत्व से प्रेरित आकांक्षाओं से उपजे संघर्षों का प्रतीक है।
  • Health budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    स्वास्थ्य बजट: कोरोना के भयानक दौर को क्या भूल गई सरकार?
    10 Feb 2022
    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वर्ष 2021-22 का वास्तविक स्वास्थ्य बजट जीडीपी का .34 प्रतिशत था जो 2022-23 में .06 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के बाद .40 प्रतिशत हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License