NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ऑटिस्टिक पीड़ित फ़िलिस्तीनी व्यक्ति की हत्या करने वाले अधिकारियों को बचाने का इज़रायली सरकार पर आरोप
ऑटिस्टिक पीड़ित फिलिस्तीनी व्यक्ति 32 वर्षीय इयाद अल-हलाक इस साल 30 मई को अपने स्कूल जा रहे थे। इस दौरान उन्हें क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशलम में एक इज़रायली पुलिस अधिकारी ने पीछा करके गोली मारकर हत्या कर दी।
पीपल्स डिस्पैच
22 Oct 2020
ऑटिस्टिक पीड़ित

जिस पुलिस अधिकारी ने 30 मई को फिलिस्तीन के ऑटिस्टिक पीड़ित व्यक्ति इयाद हलाक की गोली मारकर हत्या कर दी थी उस पर बुधवार 21 अक्टूबर को उक्त घटना के चार महीने से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद इज़रायल के अधिकारियों द्वारा "ग़ैर ज़िम्मेदाराना हत्या" (reckless homicide) का आरोप लगाया गया है। सिविल सोसायटी और मानवाधिकार समूहों ने उक्त अधिकारी पर लगाए गए आरोप के निर्णय को लेकर आलोचना की है कि जब यह संदेह से परे था कि उसने आदेशों का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए और जानबूझकर इयाद की हत्या कर दी।

इजरायल के न्याय मंत्रालय की जांच के बाद एक और अधिकारी के ख़िलाफ़ इसे मामले को समाप्त कर दिया गया जिसने पाया है कि उसने अपने अधीनस्थ को गोली न चलाने का आदेश दिया था।

32 वर्षीय इयाद अल-हलाक को पुलिस अधिकारी ने 30 मई को क़ब्ज़े वाले पूर्वी येरुशेलम में उस समय मार डाला था जब वह अपने स्कूल जा रहे थे। इस हत्या ने फिलिस्तीनियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। ये लोग "फिलिस्तीनियों का जीवन मायने रखता है" के नारों के साथ न्याय की मांग करते हुए सड़कों पर उतर आए।

मिड्ल ईस्ट आई ने रिपोर्ट किया कि इज़रायल के न्याय मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि हलाक "उस इलाके में पुलिस और नागरिकों के लिए ख़तरा नहीं था" जब उसे मारा गया था और जिस पुलिस अधिकारी ने उसे गोली मारी थी वह उनके आदेश का उल्लंघन किया था।

कई फिलिस्तीनी समूहों ने हत्या के बजाय आरोपी अधिकारी पर मामूली अपराध का आरोप लगाने के लिए इज़रायल सरकार के इस फैसले की निंदा की है। हलाक के परिवार ने पहले इज़रायली सरकारी अधिकारियों पर इस मामले में सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया था।

अरब ज्वाइंट लिस्ट के इजरायली केसेट के सदस्य यूसुफ जबरीन ने इयाद के लिए न्याय की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों को बचाने के लिए न्याय मंत्रालय के प्रयास की आलोचना की और कहा कि, “एक व्यक्ति को किसी कूड़े घर में जबरन मारना ग़ैर ज़िम्मेदाराना हत्या नहीं है। यह हत्या है।"

इज़रायल ने सभी क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में कई चेक पोस्ट बना रखा है और उन्हें पार करते समय कई फिलिस्तीनियों को जबरन गोली मार दी गई है। ज्यादातर मामलों में ऐसी हत्याओं के लिए जिम्मेदार पुलिस या सुरक्षा अधिकारियों पर कभी आरोप नहीं लगाए जाते हैं। उनमें से कुछ को छोटे अपराधों के लिए आरोपित किया गया है और जो दोषी पाए गए हैं उनके प्रति भी इज़रायल की न्याय प्रणाली उदार है।

Israel
Palestine
Autistic sufferer
Human Rights

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License