NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
आर-पार: लंबी तैयारी के साथ दिल्ली आ रहे हैं पंजाब के किसान
किसान नेताओं का कहना है कि वे छह महीने का राशन इकट्ठा करके दिल्ली जा रहे हैं क्योंकि उन्हें खुद भी नहीं पता कि यह आंदोलन कितना लम्बा चलेगा।
शिव इंदर सिंह
25 Nov 2020
आर-पार: लंबी तैयारी के साथ दिल्ली आ रहे हैं पंजाब के किसान
इंक़लाबी नारों के साथ दिल्ली कूच करने की तैयारी में बरनाला, पंजाब के किसान।

पंजाब के तीस किसान संगठनों ने 21 नवंबर को मालगाड़ियों के अलावा यात्री गाड़ियों को भी चलने की छूट दे दी है लेकिन 26-27 नवंबर के ‘दिल्ली कूच’ (दिल्ली चलो) की तैयारियां पूरे जोर शोर से चल रही हैं। पंजाब का हर वर्ग किसानों के साथ खड़ा नज़र आ रहा है। लोग किसानों को दिल्ली प्रदर्शन के लिए चंदा, आटा-दाल आदि दे रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि वे छः महीने का राशन इकट्ठा करके दिल्ली जा रहे हैं क्योंकि उन्हें खुद भी नहीं पता कि यह आंदोलन कितना लम्बा चलेगा। राज्य के किसानों को आशा है कि उनकी दिल्ली कूच मुहिम सफल होगी और वे किसान विरोधी कानून वापस करवाने में सफल होंगे। दिल्ली पुलिस व प्रशासन ने किसानों को प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी है।

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी पंजाब-हरियाणा व दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर सख्ती बरते जाने का ऐलान किया है। लेकिन पंजाब के किसानों के हौसले बुलंद हैं। ‘दिल्ली कूच’ मुहिम में महिलाएं, नौजवान व बच्चे बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

किसान यूनियनों के झंडे तले विभिन्न गांवों में मार्च कर रही किसान महिलाओं द्वारा दिल्ली मोर्चे में समूहलियत करने का घर-घर संदेश दिया जा रहा है। वे खेती कानूनों व मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों को लामबंद कर रहीं हैं। किसान नेता चरणजीत कौर, अमरजीत कौर और मलकीत कौर ने हमें बताया कि महिलाएं भी इस संघर्ष में पीछे नहीं हैं वे पिछले करीब डेढ़ महीने से भी अधिक समय से पंजाब की सड़कों पर बैठी हैं पर केन्द्र सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। किसान अपनी जमीनें बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं जिसमें वे भी चुप करके नहीं बैठ सकती।

संगरूर के किसान नेता गोबिंद सिंह मंगवाल ने हमें बताया, “किसान महिलाओं द्वारा हमारे जिला में भाजपा नेताओं के घरों के सामने, रिलायंस पम्पों के सामने और टोल प्लाज़ों के सामने हो रहे प्रदर्शनों में भरपूर समूहलियत की जा रही है।” भारतीय किसान यूनियन उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि उनके संगठन ने दस जिलों के 351 गांवों की महिलाओं को संघर्ष में कूदने के लिए लामबंद किया है।

पंजाब के गांवों में जहां लाल झंडे झूल रहे हैं वहां बसंती दुपट्टों की भी बाढ़ आई हुई है। जहां भी देखो हरी व केसरी पगड़ियां दूर से नज़र आ जाती हैं। नौजवानों की जेबों पर बैज़ व हाथों में झंडे हैं। किसानी व जवानी हाथों में हाथ डालकर केन्द्र सरकार को ललकार रही है। बठिंडा जिला के गांव मलूका का नौजवान सेमा न बोल सकता है और न सुन सकता है, बचपन से जिंदगी को टक्कर दे रहा है लेकिन अब वह दिल्ली को टक्कर देने के इशारे कर रहा है। बरनाला जिला के कुछ नौजवान कई हफ्तों से टोल प्लाज़ों के सामने धरने दे रहे हैं और अब दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। मानसा जिला की कुछ औरतें इकट्ठी होकर आटा छानने में व्यस्त हैं। मोगा जिला के गांव माहलकलां में ट्रालियों को विशेष तौर पर तैयार किया जा रहा है ताकि ठंड से बचा जा सके। बठिंडा के गांव ज्यौंद में छोटे-छोटे बच्चों ने ढोल की थाप पर मोदी सरकार के खिलाफ मुक्के ताने हुए हैं।

 

संगरूर जिला का पांचवीं में पढ़ रहा बच्चा करनवीर कह रहा है कि वह अपने किसान मां-बाप के साथ दिल्ली जाएगा, वह गलियों में लाल झंडा उठाए फिरता है। नरमा पट्टी के चार जिलों में ‘खेती शहीदों’ (कर्जे के कारण मरे किसान) की विधवाएं पति की तस्वीरें हाथ में पकड़कर दिल्ली जाने की तैयारी कर रही हैं। पंजाब के गांव में गायक कंवर गरेवाल व हरफ चीमा गीत गा रहे हैं ‘खिच्च लै जट्टा, खिच्च तैयारी, पेचा पै गिया सैंटर नाल’। बलविंदर सोनी अपनी कविता सुना रहा है, ‘कसो कमरां खिच्च लो तैयारी, दिल्ली वल्ल कूच करीये’। खेत मज़दूर यूनियन के लछमण सिंह सेवेवाला का कहना है कि दिल्ली अकेले किसान नहीं बल्कि खेत मज़दूर, बेज़मीने, बेरोजगार, अंगहीन व विधवाएं भी जाएंगी।

किसानों ने धरने के लिए ट्रालियों को घरों में ही सजाने की तैयारियां शूरू कर दी हैं। हरेक ट्राली में राशन के लिए आटा, दाल, सर्दियों के बिस्तरे, पानी की टंकियों, जैनरेटर का प्रबंध किया हुआ है। किसान नेताओं का कहना है कि हमें जिस स्थान पर रोका गया वहीं पर पक्के मोर्चे लगा कर बैठ जाएंगे। गांवों में गुरुद्वारों के स्पीकरों द्वारा सवेरे शाम दिल्ली मोर्चे में शामिल होने के लिए अनाउसमेंट्स हो रही हैं। नौजवान अपने-अपने गांवों में राशन, ईंधन व अन्य जरूरी वस्तुएं इकट्ठी कर रहे हैं। जिला लुधियाना के नौजवान नवी ने कहा कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ट्रालियों में राशन, लकड़ियां, सिलेंडर, आटा, दालें, चावल, चीनी आदि व दवाईयों, मेडिकल किटों का प्रबंध किया है, इस काम में बहुत सारी समाज सेवी संस्थाओं ने भी हमारी मदद की है। नौजवान व विद्यार्थी नेता अजायब सिंह ने जानकारी दी, “हम दो महीनों से पर्चे बांटकर और जन सभाएं करके लोगों को मोदी सरकार के बनाए काले कानूनों के बारे बता रहे हैं।”

भारतीय किसान यूनियन उगराहां के जसविंदर सिंह सेमा ने जानकारी दी कि किसान महिलाओं को दिल्ली मोर्चे में ले जाने के लिए विशेष बसों का प्रबंध किया गया है। बड़ी गिनती में लोगों ने अपने निजी वाहनों और नौजवानों ने मोटसाइकिलों पर कूच करने की तैयारी की हुई है। सेमा के मुताबिक सिर्फ पांच जिलों संगरूर, बरनाला, मानसा, पटियाला व लुधियाना से ही एक लाख से अधिक लोग दिल्ली रवाना होंगे। अकेले जिला संगरूर से करीब 1500 से अधिक वाहन दिल्ली जाएंगे। किसान नेता ने हमें बताया पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर पड़ते कस्बे खनौरी में किसान संगठनों ने लंगर भी शुरु कर दिया है। खबरें यह भी आ रही हैं कि दिल्ली वाले प्रदर्शन में पंजाब से कई पंजाबी गायक, पंजाबी रंगकर्मी, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता भी जा रहे हैं। किसान नेता किसानों से यह अपील करते हुए नज़र आ रहे हैं कि केन्द्र सरकार उनके दिल्ली मोर्चे को फेल करने के लिए कई शकुनी चालें भी चल रही है इसलिए वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) के माझा इलाके से नेता अशोक भारती का कहना है कि इस इलाके में भी दिल्ली कूच को लोगों की तरफ से पूरा समर्थन मिल रहा है। लोग बढ़चढ़ कर चंदा और राशन पानी मुहैया करवाने के लिए आगे आ रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा ,“दिल्ली चलो आंदोलन दुनिया में नया इतिहास रचेगा। मोदी सरकार ने अब ऐसे कानून बनाने शुरु कर दिए हैं जिससे सब कुछ कोरपोरेट घरानों को बेचा जा रहा है। 26 नवंबर को पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान व देश के विभिन्न राज्यों से किसान लाखों की गिनती में दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। अगले प्रोग्राम में पंजाब के विधायकों व सांसदों को भी कहा जाएगा कि वे भी बड़े जत्थे लेकर दिल्ली की ओर कूच करें। मोदी सरकार इस जन-सैलाब को नहीं रोक सकेगी।”

केन्द्र सरकार ने किसानों से दोबारा मीटिंग करने के लिए 3 दिसम्बर का समय दिया है पर किसानों ने पक्का इरादा किया हुआ है कि वे 26 नवंबर को दिल्ली में अपना मोर्चा जरूर लगाएंगे।

 

सभी फोटो : शिव इंदर सिंह

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

 

panjab
laborers
punjab
Delhi
delhi police
National Strike
General Strike November 26
November 26 Strike
Central Trade Unions Protest on November 26
Samyuktha Karshaka Samithi
Kerala Karshaka Sangham
CITU
AIKS
AIKSCC
General Strike in Kerala
DILLI CHALO

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • Oxfam report
    अब्दुल रहमान
    सरकारों द्वारा होने वाली आर्थिक हिंसा की तरह है बढ़ती असमानता- ऑक्सफ़ैम रिपोर्ट
    20 Jan 2022
    रिपोर्ट अपने दावे में कहती है कि ग़लत सरकारी नीतियों के चलते असमानता में भारी वृद्धि हुई है। शुरुआती 10 अमीर पुरुषों ने, मार्च 2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से नवंबर 2021 तक अपनी संपत्ति दोगुनी कर…
  • election commission
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म होती जा रही है
    19 Jan 2022
    चुनाव आयोग की जो विश्वसनीयता और जो एक मज़बूती उनके नियमों में होनी चाहिए, वह इस सरकार यानी मोदी सरकार में कमज़ोर नज़र आ रही है।
  • round up
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021 में बढ़ी आर्थिक असमानता, लगातार बढ़ते कोरोना मामले और अन्य ख़बरें
    19 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे Oxfam की हालिया रिपोर्ट, कोरोना के बढ़ते मामले और अन्य ख़बरों पर।
  • rbi
    अजय कुमार
    RBI कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे: अर्थव्यवस्था से टूटता उपभोक्ताओं का भरोसा
    19 Jan 2022
    आरबीआई ने जब कंज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे में लोगों से यह पूछा कि भारत की अर्थव्यवस्था का हाल पहले से बेहतर है या पहले से खराब? तो खराब बताने वालों की संख्या, बेहतर बताने वालों से 57% अधिक निकली। 
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश गरमाया! अखिलेश भी लड़ेंगे चुनाव!
    19 Jan 2022
    बोल की लब आज़ाद हैं तेरे के इस अंक में अभिसार शर्मा अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने के फैसले पर बात कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License