NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस
पेरिस में आतंकवाद से मुकाबला करने के विषय पर भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों सहित आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और इस बुराई के ख़िलाफ़ लड़ाई में एकजुटता का संकल्प व्यक्त किया।
भाषा
17 Nov 2021
अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस

नयी दिल्ली: भारत और फ्रांस ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है कि अफगानिस्तान की जमीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए और साथ ही उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन समेत सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के बयान में यह जानकारी दी गई है।    

बयान के अनुसार, पेरिस में आतंकवाद से मुकाबला करने के विषय पर भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों सहित आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और इस बुराई के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता का संकल्प व्यक्त किया।     

दोनों देशों ने ‘आतंक के लिये कोई धन नहीं’ विषय पर भारत की ओर से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण की तैयारियों के मद्देनजर सक्रिय समन्वय की इच्छा जतायी।   

मंगलवार को हुई बैठक में, उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक उपकरण के रूप में आतंकवादियों और ऐसे समूहों का बहिष्कार करने और आतंकी समूहों एवं व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंध की प्रक्रिया एवं प्राथमिकताओं के बारे में सूचना साझा करने के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया।     

बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों एवं क्षेत्रीय परिवेश में उत्पन्न होने वाले आतंकवाद के खतरे के संबंध में अपना आकलन साझा किया ।     

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ दोनों देशों ने इस बात को रेखांकित किया कि यह सुनिश्चित किये जाने की जरूरत है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 2593 प्रस्ताव के अनुरूप अफगानिस्तान की जमीन क्षेत्रीय या वैश्विक (स्तर पर) आतंकवाद एवं कट्टरवाद का स्रोत नहीं बने तथा इसे फिर से किसी देश पर हमला करने या धमकाने अथवा आतंकवादियों को पनाह देने, भर्ती एवं प्रशिक्षित करने या आतंकवादी हमले की योजना और वित्त पोषण के लिये इस्तेमाल नहीं किया जा सके।’’

बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी समूहों एवं व्यक्तियों से उत्पन्न खतरों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया तथा अलकायदा और आईएसआईएस के साथ लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन सहित सभी आतंकवादी नेटवर्को के खिलाफ ‘ठोस कार्रवाई’ करने की जरूरत बतायी।  

दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वालों को सुनियोजित तरीके और तेजी से न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए। 

यह बैठक ऐसे समय मे हुई है जब 13 वर्ष पहले 2008 में नवंबर में ही मुम्बई में आतंकवादी हमला हुआ था तथा 2015 में नवंबर माह में ही पेरिस में हमला हुआ था।     

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में भारत और फ्रांस ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की एक स्वर में निंदा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी देशो को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके क्षेत्र का आतंकवादी हमले की योजना बनाने या आतंकवादी हमले के लिये इस्तेमाल नहीं किया जाए।

दोनों देशों ने इस बात को भी रेखांकित किया कि सभी देशों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके नियंत्रण वाले क्षेत्र का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ आतंकवादी हमला करने, आतंकवादियों को प्रशिक्षण या पनाह देने के लिये नहीं किया जाए।   

दोनों देशों ने आतंकवाद से मुकाबला के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग तथा वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) के बारे में भी चर्चा की।

 

Afghanistan'
terrorism: India
France

Related Stories

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

मॉस्को कर रहा है 'गुड कॉप, बैड कॉप' का सामना

विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका

कटाक्ष: ये जासूसी-जासूसी क्या है?

क़यामत का एक निरर्थक गिरजाघर

अतिदक्षिणपंथी और मैक्रोनवादी फ़्रांस का क्षेत्रीय चुनाव हार गए, जबकि ट्रेडिशनल पार्टियों ने बनाई पकड़

अमेरिका ने डेनमार्क की गुप्त एजेंसी की मदद से जर्मनी, फ़्रांस सहित यूरोप में अपने क़रीबी सहयोगियों की जासूसी की

क्यों पराजित हुआ पेरिस कम्यून ?

जब पेरिस कम्यून को खून में डूबो दिया गया


बाकी खबरें

  • यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 16 सीटों का हुआ नुक़सान
    एम.ओबैद
    यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान
    11 Mar 2022
    वर्ष 2017 के चुनाव नतीजों की तुलना में इस बार भाजपा को पहले दो चरणों में 18 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार उसने 91 सीट हासिल की थीं जबकि इस बार उसे 73 सीटें ही मिल पाई हैं।
  • election results
    न्यूज़क्लिक टीम
    BJP से हार के बाद बढ़ी Akhilesh और Priyanka की चुनौती !
    11 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज Abhisar Sharma चर्चा कर रहे हैं Uttar Pradesh में फिर से BJP की सरकार बनने और साथ ही बात कर रहे हैं अखिलेश यादव और प्रियंका गाँधी वाड्रा की। 2024 के चुनाव…
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना
    11 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक दल के पराजित होने या फिर उसके वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट आने का अर्थ यह नहीं होता है कि हम तुरंत उसकी राजनीतिक मृत्यु की घोषणा कर दें। लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उतनी ही मज़बूती के…
  • pakistan
    जस्टिन पॉडुर  
    पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है
    11 Mar 2022
    राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए पाकिस्तान की कोशिश के संघर्ष के केंद्र में अपनाई जा रही आतंकवाद विरोधी मॉडल की विफलता है।
  • zelsenky
    एम के भद्रकुमार
    ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया
    11 Mar 2022
    वाशिंगटन को जो रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है, वह दुनिया भर में अमेरिकी प्रतिष्ठा को कम करेगा, उसके ट्रान्साटलांटिक-नेतृत्व को कमजोर करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License