NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार के गठन की घोषणा की, मुल्ला अखुंद प्रधानमंत्री नियुक्त
अफ़ग़ानिस्तान में सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व के आश्वासन के विपरीत 33 सदस्यीय नई सरकार में बहुत कम अल्पसंख्यक हैं और एक भी महिला मंत्री नहीं है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Sep 2021
तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार के गठन की घोषणा की, मुल्ला अखुंद प्रधानमंत्री नियुक्त
Asia &Pacific (Photo by Saifurahman Safi/Xinhua)

तालिबान ने मंगलवार 7 सितंबर को नई सरकार के गठन की घोषणा की। इस सरकार में प्रधानमंत्री के रूप में मुल्ला हसन अखुंद और उपप्रधानमंत्री के रुप में मुल्ला गनी बरादर और मावलवी हन्नाफी की नियुक्ति की गई। नई सरकार में 33 मंत्री हैं जिनमें कोई महिला प्रतिनिधि नहीं है और देश के अल्पसंख्यकों का बहुत कम प्रतिनिधित्व है।

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्रियों की सूची की घोषणा की जिसमें उन्हें भी सूचना और संस्कृति के उप मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है।
नए कैबिनेट की घोषणा के बाद तालिबान के नेता मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा ने कहा कि नई सरकार "इस्लामी नियमों और शरिया कानून को कायम करने की दिशा में कड़ी मेहनत करेगी", अफगानिस्तान की सीमाओं की सुरक्षा और "स्थायी शांति, समृद्धि और विकास सुनिश्चित करने" सहित देश के "सर्वोच्च हितों" की रक्षा करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि "इस्लाम धर्म की मांगों के ढांचे के भीतर" नई सरकार देश के अल्पसंख्यकों और वंचित समूहों के मानवाधिकारों की रक्षा करेगी। टोलो न्यूज ने ये रिपोर्ट प्रकाशित किया।

हसन अखुंद 1996 और 2001 के बीच अफगानिस्तान में पहली तालिबान सरकार के दौरान मुल्ला उमर के डिप्टी पीएम थे। अब्दुल गनी बरादर कतर में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय का नेतृत्व कर रहे थे। ये दोनों तालिबान के सह-संस्थापक हैं।

मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याकूब नई सरकार में कार्यवाहक रक्षा मंत्री होंगे और हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक के बेटे सिराजुद्दीन हक्कानी कार्यवाहक आंतरिक मंत्री के रूप में काम करेंगे। तालिबान ने मौलवी अमीर खान मुत्ताकी को कार्यवाहक विदेश मंत्री और हेदयातुल्ला बद्री को कार्यवाहक वित्त मंत्री नियुक्त किया। मुत्ताकी बरादर के नेतृत्व वाली टीम का हिस्सा थे, जिसने पिछले साल अमेरिका के साथ समझौते पर बातचीत की थी, जिसके कारण देश से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी हुई थी।

तथाकथित इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान की नई सरकार की घोषणा के बाद विपक्षी समूहों और विपक्षी लोगों ने भारी आलोचना की। आलोचकों ने नई सरकार में महिलाओं और अल्पसंख्यकों की अनुपस्थिति और देश में नाटो के नेतृत्व वाले आक्रमण से पहले अपने पहले कार्यकाल के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन के मौजूद रिकॉर्ड के साथ कट्टरपंथियों की उपस्थिति की ओर इशारा किया। हसन अखुंद संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में है और 2001 में बामियान बुद्ध के विनाश के लिए जिम्मेदार माना जाता है।

Afghanistan
TALIBAN
Government
prime minister
Mullah Hasan Akhund
Mullah Baradar

Related Stories

उथल-पुथल: राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जूझता विश्व  

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान: महिला खिलाड़ियों के लिए जेल जैसे हालात, एथलीटों को मिल रहीं धमकियाँ

पाकिस्तान ने फिर छेड़ा पश्तून का मसला

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में स्कूल के निकट सीरियल ब्लास्ट, छात्रों समेत 6 की मौत

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को


बाकी खबरें

  • worker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमपीः रीवा में मज़दूरी मांगने गए दलित मज़दूर का मालिक ने काटा हाथ, आईसीयू में भर्ती
    25 Nov 2021
    पीड़ित अशोक की पत्नी ने कहा गणेश मिश्रा पर लगभग 15,000 रुपये बकाया थे, लेकिन कई महीनों से वे भुगतान नहीं कर रहे थे। हम ग़रीब लोग हैं, अपना पेट पालने के लिए मज़दूरी पर निर्भर हैं।
  • Farmers
    रवि कौशल
    आंशिक जीत के बाद एमएसपी और आपराधिक मुकदमों को ख़ारिज करवाने के लिए किसान कर रहे लंबे संघर्ष की तैयारी
    25 Nov 2021
    कृषि क़ानूनों की वापसी की घोषणा के बावजूद, किसान, अपने संघर्ष की दूसरी मांगों पर अडिग हैं, जिनमें एमएसपी पर गारंटी, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज केस रद्द किए जाने, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की…
  • workers
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: देश की सबसे बड़ी कोयला मंडी में छोटी होती जा रही मज़दूरों की ज़िंदगी
    25 Nov 2021
    यूपी के चंदौली जिले में चंधासी, देश की सबसे बड़ी कोयला मंडी है। यह इलाका उस संसदीय क्षेत्र के साथ लगा है, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है। ..."जिस सड़क से पांच मिनट गुजरने में दम निकलता हो…
  • Gandhi ji
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    ख़तो-किताबत: आंदोलनजीवी बापू की चिट्ठी आई है
    25 Nov 2021
    पेशे से चिकित्सक, व्यंग्यकार डॉ. द्रोण कुमार शर्मा ने दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर उनके नाम एक चिट्ठी लिखकर उन्हें देश के हालात से अवगत कराया था। अब उन्होंने इसका जवाब लिखा है। यानी लेखक…
  • farmers
    अजय गुदावर्ती
    कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के बाद भाजपा-आरएसएस क्या सीख ले सकते हैं
    25 Nov 2021
    सत्ताधारी पार्टी संकट आने पर हर बार हिंदू-मुस्लिम का बटन नहीं दबा सकती और कामयाब भी नहीं हो सकती। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License