NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
भारत
दिल्ली में क़रीब 10 महीने बाद 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए खुले स्कूल
स्कूल ने यहां गलियारों में ‘‘वापसी पर स्वागत है’’ के पोस्टर लगाए और शिक्षक हाथ में सेनिटाइज़र लिए खड़े थे। स्कूल में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक छात्रा का तापमान भी मापा गया।
भाषा
18 Jan 2021
दिल्ली में क़रीब 10 महीने बाद 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए खुले स्कूल
Image courtesy: Hindustan

नयी दिल्ली: गुब्बारों, फूलों, सेनिटाइज़र और मुस्कुराते चेहरों के साथ राष्ट्रीय राजधानी में करीब 10 महीने बाद सोमवार को खुले स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों का स्वागत किया गया।

दिल्ली सरकार ने कोविड-19 निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर स्थित स्कूलों को 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 18 जनवरी से खोलने की अनुमति दी है। हालांकि विद्यार्थियों के लिए स्कूल आना अनिवार्य नहीं, वे चाहें तो अब भी ऑनलाइन कक्षाएं ले सकते हैं।

कक्षा 12वीं की छात्रा प्रगति दिवान ने कहा, ‘‘ यह वैकल्पिक था लेकिन मुझे आना ही था। यह मेरे स्कूल का आखिरी साल है और मैं एक दिन भी अभी तक स्कूल नहीं आई थी।’’

‘गीता बाल भारती स्कूल’ की एक अन्य छात्रा ने कहा, ‘‘ ऐसा नहीं लग रहा कि मैं 10 महीने बाद स्कूल आ रही हूं, बल्कि ऐसा लग रहा है कि मैं पहली बार स्कूल आई हूं। मैं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी करने को लेकर उत्साहित हूं।’’

स्कूल ने यहां गलियारों में ‘‘वापसी पर स्वागत है’’ के पोस्टर लगाए और शिक्षक हाथ में सेनिटाइज़र लिए खड़े थे। स्कूल में प्रवेश करने से पहले प्रत्येक छात्रा का तापमान भी मापा गया।

मंडावली में ‘सर्वोदय कन्या विद्यालय’ में परिसर को गुब्बारों सजाया गया था और छात्रों के आने पर शिक्षकों ने उन पर फूल भी बरसाए।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सोमवार को चिराग एनक्लेव के एक स्कूल का दौरा कर तैयारी का मुआयना किया।

इस अकादमिक सत्र में पहली बार 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए हैं। इस दौरान छात्रों को अलग-अलग समय बुलाया गया है और बार-बार परिसर को रोगाणु मुक्त भी किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी में 10 महीने बाद स्कूल खुले हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल मार्च में स्कूलों को बंद कर दिया गया था और ये तभी से बंद हैं। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि सोमवार से स्कूल खुलने पर कोविड-19 संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

दिल्ली सरकार ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं व प्रायोगिक परीक्षाओं के मद्देनज़र 10वीं और 12 वीं कक्षा के लिए 18 जनवरी से प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट, काउंसिलिंग आदि के लिए स्कूल खोलने की अनुमति थी। साथ ही स्पष्ट कर दिया था कि छात्रों को अभिभावकों की सहमति से ही (स्कूल) बुलाया जाएगा, स्कूल आना किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं होगा।

दिल्ली में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए तीन लाख से ज्यादा छात्रों ने पंजीकरण कराया है जबकि 12वीं कक्षा के लिए 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

गौरतलब है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए पहले ही बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर चुका है। ये परीक्षाएं चार मई से 10 जून के बीच होंगी।

दिल्ली सरकार ने पहले सुझाव दिया था कि स्कूलों में कक्षा 12वीं के लिए 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच प्री बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जाएं जबकि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच प्री बोर्ड के इम्तिहान लिए जाएं।

COVID-19
Delhi school
Delhi School Reopen

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • केवल बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    बढ़ती अव्यवस्था के कारण
    14 Sep 2021
    हम कैसे समय में जी रहे हैं जहाँ हमसे एक ऐसी दुनिया में तर्कसंगत रहने की बात कही जाती है जहाँ केवल अव्यवस्था ही एकमात्र आदर्श है, युद्ध और बाढ़ के कारण अव्यवस्था, किसी-न-किसी महामारी के कारण अव्यवस्था।
  •  'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    प्रभात पटनायक
    'मैं देश नहीं बिकने दूंगा' से 'मैं शेष नहीं बचने दूंगा' तक का सफर
    14 Sep 2021
    भारत में मोदी सरकार का अपना ही विचित्र एजेंडा है। हरेक चीज को एक माल में तब्दील कर देने का एजेंडा। कुछ भी पवित्र नहीं हैं, कुछ भी पूजनीय नहीं है, कुछ भी बाजार से ऊपर नहीं है, सब कुछ बिकाऊ है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन
    14 Sep 2021
    संयुक्त किसान मंच ने सरकार को चेताया है कि अगर आगामी 15 दिनों के भीतर सरकार बागवानों और किसानों के साथ मिलकर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो संयुक्त किसान मंच, अन्य संगठनों के साथ मिलकर 27 सितंबर…
  • इको गॉर्डन, लखनऊ में 10 सितंबर को युवाओं को सम्बोधित करते किसान नेता डॉ. दर्शन पाल।
    लाल बहादुर सिंह
    युवा रोज़गार आंदोलन किसान-मज़दूर आंदोलन के साथ जुड़कर नवउदारवाद और फ़ासीवाद के लिए चुनौती बनेगा
    14 Sep 2021
    27 सितम्बर का भारत बन्द इस मिशन का अहम पड़ाव है। इसके अलावा मोदी जी के जन्मदिन 17 सितंबर को इस वर्ष भी युवाओं ने जुमला दिवस-बेरोजगार दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया है।
  • अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    जूलियन इंजुगारट, एना डागोरेट
    अर्जेंटीना में भूख से निपटने में मदद करते सामुदायिक संगठन, उनकी हमदर्दी और एकजुटता
    14 Sep 2021
    महामारी अपने साथ पहले से कहीं ज़्यादा ग़ैर-बराबरी और नाइंसाफ़ी लेकर आयी। लेकिन,ज़मीनी स्तर के आंदोलनों ने संघर्ष कर रहे लोगों को एकजुट किया, संगठित किया और उनके लिए खाने-पीने का इंतज़ाम किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License