NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इज़रायल के बाद मिस्र भी गाजा से लगी अपनी सीमाओं पर दीवार बना रहा
जब ये दीवार बनकर तैयार हो जाएगी तो यह इजरायल की दीवार के साथ गाजा पट्टी के अमानवीय घेराबंदी को मुकम्मल कर देगा।
पीपल्स डिस्पैच
20 Feb 2020
Egypt

मिस्र "सुरक्षा कारणों से और तस्करी पर अंकुश लगाने" के लिए अपनी सीमा पर एक दीवार का निर्माण कर रहा है। इसके बारे में मिड्ल ईस्ट मॉनिटर ने रिपोर्ट की है। ये दीवार 2008 में निर्मित एक पुराने अवरोध के साथ खड़ी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ये दीवार जमीन से 6 मीटर ऊंची और 5 मीटर गहरी होगी।

इस दीवार को प्रत्यक्ष रुप से हमास के अधिकारियों द्वारा मंज़ूर किया गया है और इसे कई चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में रफा बॉर्डर क्रॉसिंग के पास 2 किलोमीटर तक इसके निर्माण का कार्य चल रहा है। मिस्र और गाजा के बीच की सीमा कुल मिलाकर लगभग 14 किलोमीटर लंबी है।

मिस्र के साथ लगी सीमा विशेष रूप से इज़रायली अवरोध के संबंध में गाजा पट्टी के लगभग 2 मिलियन लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाला महत्वपूर्ण मार्ग रहा है।

गाजा इजरायली अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र है जो हमास का सशक्त समर्थन आधार रहा है।

इज़रायल ने पहले ही गाजा से लगी अपनी 37 मील लंबी सीमा पर कंक्रीट की एक दीवार बना ली है जो ज़मीन कई मीटर नीचे तक है। ये दीवार पिछले फिलिस्तीनी विधान सभा चुनावों में हमास के जीतने के बाद निर्माण किया गया है।

सीमा पार लोगों के सभी गतिविधियों को प्रतिबंधित करते हुए इजरायल ने वर्ष 2008 से गाजा को गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट में डाल दिया है। इज़रायल का गाजा के तट पर भी सख्त नियंत्रण है, जो इसे एक बड़ा खुला जेल बना रहा है। इस कब्जे के चलते गाजावासियों को उसके मछली पकड़ने के बड़े क्षेत्र और कृषि योग्य भूमि के इस्तेमाल से वंचित कर दिया है जो कि उनके जिंदगी को प्रभावित करती है और मिस्र के साथ व्यापार पर काफी अधिक निर्भर करती है।

वर्ष 2013 में मोहम्मद मुर्सी की सरकार के तख्तापलट के बाद मिस्र की अब्देल फत्ताह अल-सिसी सरकार ने गाजा के इजरायली घेराबंदी को लागू करने की कोशिश की है और रफा सीमा के माध्यम से लोगों की गतिविधियों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इसने 2014 में मिस्र और गाजा के बीच 1500 मीटर चौड़ा बफर जोन बनाया था। यह दीवार इसी नीति का हालिया क़दम है जो गाजा पट्टी में लोगों की परेशानी को और बढ़ा सकती है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Israel
egypt
Mohammad mursi
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License