NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
जेएनयू के बाद विश्व भारती विश्वविद्यालय के छात्रों को ''एबीवीपी'' के गुंडों ने पीटा!
इकनॉमिक्स डिपार्टमेंट के स्वप्निल मुखर्जी और संथाली विभाग के देबोब्रत नाथ को गंभीर चोटें आई हैं। इनमें से एक अब भी हॉस्पिटल में है।
दित्सा भट्टाचार्य
17 Jan 2020
Visva Bharati Students

आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर एक बार फिर छात्रों की पिटाई करने का आरोप लगा है। पश्चिम बंगाल की विश्व भारती यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपने आरोप में कहा कि एबीवीपी से जुड़े लोगों ने कैंपस के भीतर 15 जनवरी की शाम को करीब दस बजे कुछ छात्रों को बुरी तरह पीटा। हमले में इकनॉमिक्स डिपार्टमेंट के स्वप्निल मुखर्जी और संथाली विभाग के देबोव्रत नाथ गंभीर तौर पर घायल हुए हैं। इनमें से एक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

student.png

न्यूज़क्लिक से बात करते हुए इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे मैनुल हसन ने बताया, ''हमने आठ जनवरी को ऑल इंडिया जनरल स्ट्राइक के दिन कैंपस में एक विरोध प्रदर्शन किया था। इसके चलते गुंडे हमसे बदला लेना चाहते थे।'' छात्रों द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन के दो लक्ष्य थे। पहला, हड़ताल करने वाले मजदूरों के साथ एकजुटता दिखाना, बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा पर लगातार हमले (जिसमें हाल में की गई फीस वृद्धि भी शामिल है) और सीएए-एनआरसी का विरोध करना इस प्रदर्शन का पहला लक्ष्य था।

प्रदर्शन का दूसरा लक्ष्य बीजेपी सांसद स्वप्नदास गुप्ता के खिलाफ विरोध जताना था। स्वप्नदास नागरिकता संशोधन अधिनियम पर यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर देने वाले थे। इसे यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बिद्युत चक्रबर्ती ने आयोजित करवाया था। चक्रबर्ती पर सत्ताधारी पार्टी से जु़ड़े होने का आरोप है। आखिरकार विरोध करने वाले छात्रों ने सांसद स्वप्नदास गुप्ता का घेराव कर लिया औऱ वे लेक्चर नहीं दे पाए। इस तरह छात्रों ने अपने प्रदर्शन को सफल बताया।

मैनुल ने बताया,''जब गुंडे छात्रों पर हमला कर रहे थे, तब वो छात्रों से पूछ रहे थे कि वे आठ जनवरी को प्रदर्शन में शामिल क्यों हुए। स्वप्निल और देवोव्रत को लड़कों के हॉस्टल से दौड़ाकर मारा गया।'' आरोप है कि इन गुंडों का नेतृत्व अचिंत्य बागदी, सुलभ करमाकर और साबिर अली शाह कर रहे थे। साबिर यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र है। बाकी दो फिलहाल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। मैनुल ने आगे बताया, ''यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी ऑफिसर सुप्रियो गांगुली की मौजूदगी के बाद भी यह भयानक हमला नहीं रुका। जब छात्रों ने गांगुली से कार्रवाई की मांग की तो उन्होंने कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते।''

स्वप्निल को कैंपस के भीतर ही पियरसन मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। वह फिलहाल वहां डॉक्टरों की देखभाल में है। मैनुल ने बताया, ''मैं और सात दूसरे छात्र उसे हॉस्पिटल ले गए। लेकिन गुंडे वहां भी भीतर घुस गए और हम पर हमला करने की कोशिश की। उन्हें सिक्योरिटी ने भी नहीं रोका। हमला तभी रुका, जब यूनिवर्सिटी के दूसरे छात्र हमारे साथ आए।''

छात्रों की एक ज्वाइंट कमेटी ने स्टेटमेंट में कहा, "हम इस भयावह हमले के लिए वाइस चांसलर बिद्युत चक्रबर्ती को जिम्मेदार मानते हैं। वह वाइस चांसलर होने के साथ आरएसएस के आर्गेनाइज़र भी हैं। उन्होंने छात्रों की एक प्राइवेट आर्मी बनाई है। जिन गुंडों ने आज हमपर हमला किया, वे इसी आर्मी से थे। कल गुंडे बाइक पर लाठी और रॉड लेकर कैंपस में घुसे। हमारा मानना है कि वे शायद ही इन छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे। हम उनके तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं।''

ज्वाइंट कमेटी ने हमले की निंदा करते हुए गुरूवार सुबह सेंट्रल ऑफिस के सामने छात्रों से इकट्ठा होने की भी मांग की थी। छात्रों ने गुरूवार सुबह से ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि सिक्योरिटी ऑफिसर सुप्रियो गांगुली का तुरंत इस्तीफा लिया जाए और हमला करने वालों के समूह में शामिल छात्रों पर तुरंत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मैनुल का कहना है, ''जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन कार्रवाई का मौखिक और लिखित आश्वासन नहीं दे देता, हम अपना प्रदर्शन नहीं रोकेंगे।

16 जनवरी को एबीवीपी के सदस्य अचिंत्या बागदी और साबिर अली बक्श को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। उन्हें बोलपुर कोर्ट में पेश किया गया।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

ABVP Attacks Students
VISVA BHARATI UNIVERSITY
ABVP Goons
Attack on Students
Violence Against Students

Related Stories

बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!

विश्वभारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने साथियों के निष्कासन का किया विरोध, वीसी पर कैंपस के 'भगवाकरण' का आरोप

अहमदाबादः जेएनयू में हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में एबीवीपी के सदस्यों का दख़ल


बाकी खबरें

  • उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग क्यों है ग़लत?
    संदीप चक्रवर्ती
    उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग क्यों है ग़लत?
    15 Jul 2021
    उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग, प्रमुखत: भाजपा सांसद जॉन बारला उठा रहे हैं। याद रहे कि इस क्षेत्र में अलग राज्य की मांग को लेकर हिंसक आंदोलनों का इतिहास रहा है।
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 41,806 नए मामले, 581 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 41,806 नए मामले, 581 मरीज़ों की मौत
    15 Jul 2021
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 41,806 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4 लाख 32 हज़ार 41 हो गयी है।
  • एमएसएमईज़ (MSMEs) के मदद के लिए अपनाई गई लोन की नीति रही बेअसर: सर्वे
    बी. सिवरामन
    एमएसएमईज़ (MSMEs) के मदद के लिए अपनाई गई लोन की नीति रही बेअसर: सर्वे
    15 Jul 2021
    बैंक जब अपना ही एनपीए नहीं संभाल पा रहे तो नए MSMEs को लोन कैसे देंगे? बैंक के बड़े अधिकारियों का कहना है कि MSMEs को देने में बड़ा ‘क्रेडिट रिस्क’ है।’
  • न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ 
    संगम
    असहमति कुचलने के लिए आतंक-निरोधक क़ानून का दुरुपयोग हरगिज़ न हो : जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़
    15 Jul 2021
    हाल ही में, यूएपीए के तहत निरुद्ध किए गए और जेल में वर्षों से रह रहे अनेक लोगों को रिहा कर दिया गया है।
  • म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की
    कलीम अहमद
    म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की
    15 Jul 2021
    ज़ी न्यूज़ के प्राइम टाइम शो DNA के एक एपिसोड की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल पोस्ट के अनुसार, ‘कोलकाता के एक छोटे से गांव से हज़ारों हिंदू गायब हैं और 45 हिंदू मार दिए गए’. साथ ही पोस्ट में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License