NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफगानिस्तान में वार्ता से पहले राष्ट्रपति गनी 1500 तालिबान कैदियों को रिहा करने पर सहमत
प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने जब सोमवार को एक समानांतर सरकार बनाई तो देश के भीतर पड़ी दरार के बाद कैदियों को रिहा करने के गनी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हस्ताक्षरित इस फैसले को तालिबान समूह के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के लिए उठाए गए कदम के रूप में देखा जाएगा।
पीपल्स डिस्पैच
11 Mar 2020
su

राष्ट्रपति अशरफ गनी ने 1,500 तालिबान कैदियों को एक प्रावधान के तहत रिहा करने का फैसला किया है कि ये लड़ाके "युद्ध के मैदान में वापस नहीं" आएंगे। तालिबान को रिहा करने के इस कदम को अफगानिस्तान में सरकार और तालिबान विद्रोहियों के बीच प्रस्तावित वार्ता से पहले विश्वास निर्माण का एक महत्वपूर्ण फैसला बताया गया था जो कि मूल रूप से 10 मार्च से शुरू होने वाला था।

प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने जब सोमवार को एक समानांतर सरकार बनाई तो देश के भीतर पड़ी दरार के बाद गनी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हस्ताक्षरित इस फैसले को तालिबान समूह के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के लिए उठाए गए कदम के रूप में देखा जाता है जो अफगानिस्तान के भीतर बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

 

राष्ट्रपति गनी के प्रवक्ता के तौर पर सादिक सिद्दिकी ने ट्वीट किया: "ये फैसला तालिबान और अफ़गान सरकार के बीच बातचीत की शुरुआत के लिए एक स्वीकृत ढांचे के अनुसार तालिबान कैदियों की रिहाई की सुविधा प्रदान करेगा। फैसला के विवरण को कल साझा किया जाएगा।”

ये दो-पेज के फैसले में लिखा गया है कि कैदियों की रिहाई चार दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी।


 

तालिबान ने 1 मार्च को दोहा में अमेरिका के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते के अनुसार अमेरिका अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को 14 महीने के भीतर वापस लेने पर सहमत हो गया है। यह समझौता अफगान के भीतर वार्ता को प्रेरित किया जिसे मुख्य निर्णायक कहा गया था चाहे 18 वर्षों से चल रहा ये संघर्ष अफगानिस्तान में समाप्त होगा या नहीं।


 

राष्ट्रपति गनी ने चर्चा के पूर्वशर्त को लेकर शुरू में तालिबान विद्रोहियों में से किसी को भी रिहा करने से ये कहते हुए इनकार कर दिया था कि “कैदियों की रिहाई के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अनुरोध किया गया है और यह वार्ता का हिस्सा हो सकता है लेकिन यह पूर्व शर्त नहीं हो सकता है।"

मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से अमेरिका और तालिबान के बीच समझौते को मंजूरी दे दी जो कि एक सशस्त्र समूह के साथ एक समझौते को लेकर मुश्किल से होने वाली सहमति है।



 


 



 


 


 

 

 

 

 

 

 

 

intra-Afghan talks
Ashraf Ghani
Afghanistan War Logs
US invasion of Afghanistan
TALIBAN

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की

पाकिस्तान को मिला अफ़ग़ानिस्तान से झटका

2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत

अफ़ग़ानिस्तान की घटनाओं पर विचार

अफ़ग़ानिस्तान: सौ दिन का एकांत


बाकी खबरें

  • wildlife
    सीमा शर्मा
    भारतीय वन्यजीव संस्थान ने मध्य प्रदेश में चीता आबादी बढ़ाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया
    11 Jan 2022
    इस एक्शन प्लान के तहत, क़रीब 12-14 चीतों(8-10 नर और 4-6 मादा) को भारत में चीतों की नई आबादी पैदा करने के लिए चुना जाएगा।
  • workers
    सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में बेरोजगारी, कम कमाई और बढ़ती महंगाई के बीच पिसते मजदूरों का बयान
    11 Jan 2022
    मजदूर वर्ग सरकार की योजनाओं का नाम तक नहीं बता पा रहा है, योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर की बात है।
  • Swami Prasad Maurya
    रवि शंकर दुबे
    चुनावों से ठीक पहले यूपी में बीजेपी को बड़ा झटका, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद तीन और विधायकों के इस्तीफे
    11 Jan 2022
    यूपी में चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है, ऐसे वक्त में बीजेपी को बहुत बड़ा झटका लगा है, दरअसल यूपी सरकार में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
  • Schemes workers
    कुमुदिनी पति
    उत्तर प्रदेश में स्कीम वर्कर्स की बिगड़ती स्थिति और बेपरवाह सरकार
    11 Jan 2022
    “आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रही हैं। पर तमाम वार्ताओं के बाद भी उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की गई। उनकी सबसे प्रमुख मांग है सरकारी कर्मचारी का दर्जा।”
  • AKHILESH AND YOGI
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    80/20 : हिंदू बनाम हिंदू की लड़ाई है यूपी चुनाव
    11 Jan 2022
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक ही कहते हैं कि यह 80 प्रतिशत बनाम 20 प्रतिशत की लड़ाई है। बस वे इसकी व्याख्या ग़लत तरीके से करते हैं। पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार त्रिपाठी का विचार-विश्लेषण
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License