NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया : हिरक आंदोलन के प्रमुख नेताओं को रिहा किया गया
दो एक्टिविस्ट को सोमवार को एक अदालत द्वारा उनकी सज़ा में कमी करने के बाद रिहा कर दिया गया। एक एक्टिविस्ट की सज़ा को घटा दिया गया जबकि दूसरे एक्टिविस्ट की सज़ा को रद्द कर दिया गया है। ये सज़ाएं मार्च-अप्रैल महीने में उनके मुक़दमों के दौरान तुच्छ और कपटपूर्ण मनगढ़ंत आरोपों का परिणाम थीं।
पीपल्स डिस्पैच
19 May 2020
अल्जीरिया

अल्जीरिया की एक अदालत ने रविवार 17 मई को प्रख्यात क्रांतिकारी अल्जीरियाई 'हिरक' सरकार-विरोधी के दो प्रमुख नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। हिरक प्रदर्शनकारियों के प्रति अल्जीरियाई सरकार का ये समझौतावादी एक संकेत प्रतीत होता है। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के बीच विपक्षी लोगों, स्वतंत्र मीडिया और सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों के असंतोष और विरोध पर कार्रवाई धीमी होने के कोई संकेत नहीं दिखते हैं।

राजधानी अल्जीयर्स स्थित अदालत ने 39 साल के अब्देलौहाब फरसौई की जेल की एक साल की सजा से घटाकर छह महीने कर दिया। उन्होंने पहले के निर्धारित सजा में से छह महीने की सजा काट ली है इस तरह वे अब इस सजा से आज़ाद हो चुके हैं। फरसौई नागरिक समाज संगठन 'यूथ एक्शन रैली (आरएजे)’ के प्रमुख हैं। फरसौई के वकील होसिन बेनीसाद ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए इस ख़बर की जानकारी दी।

बेनिसाद ने एक बयान में यह भी कहा कि एक अन्य एक्टिविस्ट “इब्राहिम दाऊदजी, को छह महीने की सज़ा दी गई थी। वह भी रिहा हो जाएंगे।” दाऊदजी भी रविवार को अल्जीयर्स कोर्ट के समक्ष पेश हुए। कोरोनोवायरस निवारक उपायों के चलते अदालत की कार्यवाही बंद दरवाज़े में की गई और वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोनों एक्टिविस्ट के लिए सख्त सजा की मांग की।

अल्जीयर्स में मुख्य अदालत के सामने अल्जीरियाई पुलिस हिरासत में हिरक एक्टिविस्ट के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में भाग लेते समय 10 अक्टूबर 2019 को फरसौई को गिरफ़्तार किया गया था। बाद में उन पर "राष्ट्रीय क्षेत्र की अखंडता पर हमले" के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप लगाया गया।

साथी एक्टिविस्ट के साथ-साथ नागरिक एवं मानवाधिकार समूहों के बीच हिरक आंदोलन के दो सदस्यों की रिहाई की ख़बर सामने आने के बाद खुशी की लहर फैल गई। अल्जीरियन लीग फॉर डिफेंस ऑफ ह्यूमन राइट्स(एलएडीडीएच) के उपाध्यक्ष सईद सलही ने एक बयान में उनकी रिहाई का स्वागत करते हुए कहा, “हम वास्तव में राहत महसूस कर रहे हैं। हम इस रिहाई से खुश हैं क्योंकि फरसौई लंबे समय तक हिरासत में रहे हैं। यह एक घोर अन्याय की केवल क्षतिपूर्ति है।”

पिछले साल फरवरी महीने में अल्जीरिया में हिरक आंदोलन ने अल्जीरियाई तानाशाह-राष्ट्रपति, अब्देलअज़ीज बाउटेफ्लिका को जबरन राष्ट्रपति पद का चुनाव न लड़ने देने और फिर सत्ता से हटने और 20 साल के उनके भ्रष्ट और दमनकारी शासन से देश को मुक्त करने के लिए असंभव उपलब्धि हासिल की। देश में राजनीतिक और आर्थिक सुधारों की और अधिक मांग करते हुए तब से विरोध प्रदर्शन जारी है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Algeria
Hirak Protest
Algerian Government
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा

अल्जीरियाई वामपंथी पार्टी के नेता फेथी घारेस फ़र्ज़ी आरोपों में गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • PUNJAB
    शिव इंदर सिंह
    कृषि कानूनों की वापसी के बाद क्या सोच रहे हैं पंजाब के लोग?
    29 Nov 2021
    कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद पंजाब में जश्न का माहौल है। पंजाब के लोग इसे किसान आंदोलन की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रति विरोध और गुस्से का भाव कम होने का नाम नहीं ले रहा।
  • civil society
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    खुला पत्र : क्या नागरिक समाज देश का दुश्मन है?
    29 Nov 2021
    अखिल भारतीय और केन्द्रीय सेवाओं के पूर्व सिविल सेवकों के समूह ने देशवासियों के नाम एक खुला पत्र जारी करके नागरिक समाज को देश और शासन के दुश्मन के रूप में रेखांकित किए जाने पर चिंता जताई है।
  • Munawar Faruqui
    सत्यम् तिवारी
    "अनेकता में एकता" वाले देश भारत में अल्पसंख्यकों की हैसियत क्या है?
    29 Nov 2021
    मुनव्वर फ़ारूक़ी, चर्च की घटना या नमाज़ में ख़लल डालने की ख़बरें सिर्फ़ 3 घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि यह उन सैकड़ों हज़ारों घटनाओं की झलक भर हैं जो देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ घटित हो रही हैं।
  • Yogi
    सोनिया यादव
    यूपी: परीक्षाओं का पेपर लीक और रद्द होना योगी सरकार की बड़ी विफलता है!
    29 Nov 2021
    सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरों टॉलरेंस के दावे के बीच बार-बार सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले कैसे सामने आ रहे हैं, क्या सरकार की नीयत और नीति अलग-अलग है?
  • kisan andolan
    ओँकार सिंह
    तमाम मुश्किलों के बीच किसानों की जीत की यात्रा और लोकतांत्रिक सबक़
    29 Nov 2021
    जब एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मांग और अधिकार की लड़ाई को देशद्रोह के खांचे में फिट किया जा रहा था, तब किसान आंदोलन संघर्ष की संजीवनी के रूप में उभरा। साल भर सड़क पर दमन और क्रूरता की हदें झेलकर अंतत…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License