NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरियाः नवंबर में जनमत संग्रह के बाद जल्द संसदीय चुनाव
देश में वर्तमान राष्ट्रीय संसद को साल 2017 में पांच साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। अधिकांश सदस्य पूर्व राष्ट्रपति बाउटफ़्लिका के क़द्दावर सहयोगी हैं।
पीपल्स डिस्पैच
22 Sep 2020
tebboune

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेबौने ने रविवार 20 सितंबर को घोषणा की कि 1 नवंबर को संवैधानिक संशोधनों पर निर्धारित जनमत संग्रह के बाद देश में जल्दी संसदीय चुनाव होगा। राष्ट्रपति ने हालांकि चुनावों के लिए कोई निर्धारित तिथि नहीं बताई। एक स्थानीय टेलीविजन चैनल को दिए एक साक्षात्कार में तेबौने ने कहा, "ये प्रस्ताव पूरी तरह से आधुनिक राष्ट्र निर्माण की आवश्यकताओं के अनुरूप है और लोकप्रिय आंदोलन (हीरक) की मांगों के प्रति अनुकूल है।"

हाथ उठाकर संवैधानिक सुधारों के मसौदे को अल्जीरिया की संसद में पारित होने के बाद अगले महीने राष्ट्रीय जनमत संग्रह होगा। इस महीने के शुरू में संवैधानिक संशोधनों के पक्ष में नेशनल एसेंबली में उपस्थित 462 सदस्यों में से 256 सदस्यों ने मतदान किया। इन सुधारों के बारे में कहा जाता है कि यह देश की संसद और प्रधानमंत्री को अधिक स्वतंत्रता और बड़ी भूमिकाएं देगा। इस सरकार ने यह भी दावा किया है कि नए सुधार "शासन प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन" लाएंगे। आगे कहा कि यह भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक प्रमुख क़दम होगा और साथ ही देश में सामाजिक समानता, न्याय और प्रेस की स्वतंत्रता को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

सरकार ने यह भी कहा कि नए सुधार "शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत, राजनीतिक जीवन में नैतिकता और सार्वजनिक धन के प्रबंधन में पारदर्शिता" को सुदृढ़ करेंगे, ताकि "देश को अत्याचारी निरंकुशता की ओर जाने से रोका जा सके।" नए सुधारों में राष्ट्रपति के लिए पांच-पांच साल की दो अवधि की सीमाएं शामिल हैं, अविकसित क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए एक विशेष निकाय की स्थापना और अल्जीरियाई सेना को संसद में दो-तिहाई बहुमत से अनुमोदन के साथ विदेशों में ऑपरेशन करने के लिए अधिकृत करना शामिल है।

अन्य महत्वपूर्ण सुधारों में राष्ट्रपति को किसी ऐसे दल से प्रधानमंत्री चुनने के लिए अधिकार संपन्न बनाना शामिल है जिसका संसद में बहुमत हो बजाय इसके कि अपनी पसंद के किसी भी राजनेता को चुनने की मौजूदा प्रथा के अनुसार। नए सुधारों ने "न्यायिक निर्णय को छोड़कर" मीडिया कार्य के निलंबन या राजनीतिक दलों और एसोसिएशनों के विघटन को प्रतिबंधित कर दिया है।

प्रगति और सुधारों के मामले में समग्र रूप से अल्जीरियाई समाज और देश के लिए इसके योगदान के लिए इस आंदोलन को याद करने की योजना और विशेष रूप से पूर्व राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ी बाउटफ़्लिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इसकी अत्यंत प्रासंगिक भूमिका के कारण नए सुधार प्रख्यात हीरक विरोध आंदोलन का सम्मान करता है।

Algeria
Parliamentary elections
Abdelmadjid Tebboune

Related Stories

विज्ञापन में फ़ायदा पहुंचाने का एल्गोरिदम : फ़ेसबुक ने विपक्षियों की तुलना में "बीजेपी से लिए कम पैसे"  

फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा

अल्जीरियाई वामपंथी पार्टी के नेता फेथी घारेस फ़र्ज़ी आरोपों में गिरफ़्तार

वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री

अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया

सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे

यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया


बाकी खबरें

  • Lakhimpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वाम दलों ने की लखीमपुर घटना की कड़ी निंदा, सीपीआई-एम के राज्य सम्मेलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि
    04 Oct 2021
    सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारे वीर और दृढ़निश्चयी किसानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
  • afghanistan taliban
    विजय प्रसाद
    बेहिसाब दौलत के बीच जीते अफ़ग़ानिस्तान के ग़रीब लोग
    04 Oct 2021
    ख़ासकर महिलाओं के ख़िलाफ़ तालिबान की सख़्त सामाजिक नीति से कई सहायता समूह इस देश  में वापस आने से हिचकेगी।
  • Launch of NMP
    सुबोध वर्मा
    भारत के इतिहास की सबसे बड़ी 'सेल' की तैयारी
    04 Oct 2021
    मोदी सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की नीति एक झटके में भारत के प्रमुख बुनियादी ढांचे को निजी संस्थाओं को सौंप देगी।
  • Lakhimpur Kheri Update
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी अपडेट: किसानों के साथ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा, हड़बड़ी में सरकार 
    04 Oct 2021
    लखीमपुर खीरी की ओर जाने वाले विपक्षी नेताओं को ज़िले में पहुंचने से पहले ही हिरासत में लिया जा रहा है, भाजपा सरकार ने न केवल ज़िले का इंटरनेट बंद कर दिया है बल्कि पूरे ज़िले में धारा 144 भी लगा दी है।
  • no hate
    राम पुनियानी
    असम: नफ़रत की इंतिहा
    04 Oct 2021
    साम्प्रदायिक सोच वाली भाजपा, बांग्लाभाषी प्रवासी मुसलमानों को 'विदेशी' मानती है जबकि तथ्य यह है कि असम में बंगाली मुसलमानों के बसने का बहुत पुराना इतिहास है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License