NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया : राष्ट्रपति का संसद भंग करने का ऐलान, समय से पहले चुनाव की उम्मीद
राष्ट्रपति ने अगले 48 घंटों के भीतर सरकार में फेरबदल की घोषणा की और जेल में बंद हिरक आंदोलन के दर्जनों सदस्यों और एक्टिविस्टों को राष्ट्रपति के क्षमादान की घोषणा की।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2021
अल्जीरिया : राष्ट्रपति का संसद भंग करने का ऐलान, समय से पहले चुनाव की उम्मीद

अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बाउने ने गुरुवार को घोषणा की कि वह देश की संसद के निचले सदन को भंग कर देंगे और जल्दी ही विधायी चुनावों कराएंगे। ये रिपोर्ट अल जज़ीरा ने गुरुवार 18 फरवरी प्रकाशित की। उन्होंने यह भी कहा कि वे देश की जेलों में बंद हिरक आंदोलन के कई एक्टिविस्ट और सदस्यों को क्षमा करेंगे।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि तेब्बाउने चाहते हैं कि इस साल जून में या सितंबर तक चुनाव करा लिया जाए। विधायी चुनाव साल 2022 में होना निर्धारित था।

तेब्बाउने ने अगले 48 घंटों में सरकार में फेरबदल करने की अपनी मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि "मंत्रिस्तरीय फेरबदल में वे क्षेत्र शामिल होंगे जहां कार्यों के निष्पादन में कमी का अनुभव किया गया है।"

देश के लोकप्रिय व सरकार-विरोधी हिरक आंदोलन के संदर्भ में तेब्बाउने ने अल्जीरिया को बचाने वाले "हिरक" को श्रेय दिया और विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत से पिछले 2 वर्षों में कैद लगभग 55-60 लोगों को क्षमा किया। 30 लोग जिन्हें राष्ट्रपति की ओर से क्षमा दी जाएगी वे पहले विभिन्न आरोपों में दोषी करार दिए जा चुके हैं जबकि अन्य हिरासत में रहते हुए सुनवाई का इंतजार कर रहे थे। उनमें से कई को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन पोस्ट के कारण गिरफ्तार किया गया और जेल में डाल दिया गया। ये पोस्ट सरकार की आलोचना वाले थे या इसके खिलाफ थे।

अल्जीरिया वर्तमान में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है। इसकी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है जिसके चलते देश में खासकर युवाओं में बड़े पैमाने पर गरीबी और बेरोजगारी बढ़ गई है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार अर्थव्यवस्था में 5.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। देश में उत्पन्न होने वाले तेल राजस्व में भारी कमी के साथ-साथ कोरोनोवायरस महामारी को लेकर मंदी और आर्थिक क्षति के कारण गिरावट दर्ज की गई।

देश में राजनीतिक और सामाजिक माहौल भी तनाव में है क्योंकि सरकार अभी तक हिरक आंदोलन द्वारा रखी गई मांगों को पूरा नहीं कर पाई है जिससे प्रदर्शन फिर शुरू हो गई है।

Algeria
Abdelmadjid Tebboune
Algeria Government

Related Stories

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा

अल्जीरियाई वामपंथी पार्टी के नेता फेथी घारेस फ़र्ज़ी आरोपों में गिरफ़्तार

वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री

अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया

सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे

यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया

अल्जीरिया के हिरक आंदोलन ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फ़ैसले की निंदा की

अल्जीरिया : हिरक आंदोलन के नेता संदिग्ध आरोपों में गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • RELIGIOUS DEATH
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़
    27 Jan 2022
    कथित रूप से 'जबरन धर्मांतरण' के बाद एक किशोरी की हालिया खुदकुशी और इसके ख़िलाफ़ दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की मांग को फिर से केंद्र में ला दिया है।
  • cb
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: ‘बीजेपी-कांग्रेस दोनों को पता है कि विकल्प तो हम दो ही हैं’
    27 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद उत्तराखंड में 2000, 2007 और 2017 में भाजपा सत्ता में आई। जबकि 2002 और 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई। भाजपा और कांग्रेस ही बारी-बारी से यहां शासन करते आ रहे…
  •  नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    27 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • सोनिया यादव
    यूपी: महिला वोटरों की ज़िंदगी कितनी बदली और इस बार उनके लिए नया क्या है?
    27 Jan 2022
    प्रदेश में महिलाओं का उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने का औसत भले ही कम रहा हो, लेकिन आधी आबादी चुनाव जिताने का पूरा मददा जरूर रखती है। और शायद यही वजह है कि चुनाव से पहले सभी पार्टियां उन्हें लुभाने…
  • यूपी चुनाव:  उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    27 Jan 2022
    यूपी में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रियंका गांधी की तलाश लगातार जारी है, प्रियंका गांधी ने पहले उन्नाव रेप पीड़िता की मां पर दांव लगाया था, और अब वो सोनभद्र नरसंहार में अपने भाई को खो चुकी महिला को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License