NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया ने नवंबर में नए संविधान पर जनमत संग्रह की घोषणा की
नए संविधान की घोषणा फरवरी 2019 से देश में चल रहे बड़े पैमाने पर विरोध आंदोलनों के प्रतिक्रिया में हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Aug 2020
अल्जीरिया

नए संविधान को लेकर 1 नवंबर 2020 को अल्जीरिया में जनमत संग्रह किया जाएगा। राष्ट्रपति अब्देलमदीद तेब्बाउंस के कार्यालय ने सोमवार 24 अगस्त को इसकी जानकारी दी। संविधान का मसौदा चर्चा और अनुमोदन के लिए जनमत संग्रह से पहले संसद में पेश किया जाएगा।

प्रस्तावित संविधान में राष्ट्रपति के लिए दो कार्यकाल की सीमा होगी और इससे संसद और प्रधानमंत्री को अधिक अधिकार मिलेंगे। 1989 में अल्जीरिया के वर्तमान संविधान के मूल मसौदे को अपनाया गया था और 1996 में संशोधित किया गया था जिसमें राष्ट्रपति के लिए कार्यकाल की सीमा भी थी। हालांकि, यह अब्देलज़ीज़ बाउटेफ्लिका (1999-2019) के लंबे शासन के दौरान संशोधित किया गया था।

प्रस्तावित नया संविधान विख्यात विरोध आंदोलन द्वारा उठाए गए देश में बड़े पैमाने पर राजनीतिक सुधारों की मांगों की प्रतिक्रिया को लेकर है। इस आंदोलन को हिरक आंदोलन के रूप में जाना जाता है जो बाउटेफ्लिका द्वारा पांचवें कार्यकाल के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद फरवरी 2019 के बाद से जारी है।

पिछले साल अप्रैल महीनेमें बाउटेफ्लिका के इस्तीफ़े के बावजूद इस विरोध प्रदर्शन में देश की राजनीतिक प्रणाली में व्यापक सुधार और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की जाती रही है। मौजूदा राष्ट्रपति तेब्बाउंस दिसंबर में चुने गए थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मसलों को दूर करने का वादा किया था। कुछ पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित कई राजनेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में डाल दिया गया है। हालांकि, उनकी सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दमनकारी क़दम भी उठाए हैं।

इन विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने के कारण कई एक्टिविस्ट और पत्रकारों को गिरफ़्तार किया गया है और उन्हें जेल की सजा दी गई। इस साल मार्च महीने में COVID-19 के प्रकोप के बहाने सरकार ने देश में सभी विरोध प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

Algeria
Algeria announces referendum
new constitution in Algeria
Bouteflika’s resignation

Related Stories

प्रसिद्ध अल्जीरियाई पत्रकार मोहम्मद मौलौद्ज को आतंकवाद के आरोप में हिरासत में लिया गया

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

अल्जीरियाई स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंद हिरक आंदोलन के 18 कार्यकर्ता रिहा

अल्जीरियाई वामपंथी पार्टी के नेता फेथी घारेस फ़र्ज़ी आरोपों में गिरफ़्तार

वित्त मंत्री अयमन बेनअब्दर्रह्मान अल्जीरिया के नए प्रधानमंत्री

अल्जीरियाई पुलिस ने प्रमुख मानवाधिकार और अत्याचार-विरोधी कार्यकर्ता फ़ातिहा ब्रिकी को हिरासत में लिया

सत्ता-समर्थक दल अल्जीरियाई चुनावों में आगे

यूएन ने अल्जीरिया से हिरक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ मानवाधिकारों के हनन को रोकने का आह्वान किया

अल्जीरिया के हिरक आंदोलन ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फ़ैसले की निंदा की

अल्जीरिया : हिरक आंदोलन के नेता संदिग्ध आरोपों में गिरफ़्तार


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License