NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अल्जीरिया की मोरक्को के साथ राजनयिक संबंध समाप्त करने की घोषणा
पश्चिमी सहारा सहित इन दोनों देशों के बीच कई ऐतिहासिक और हालिया मुद्दों पर बढ़ते तनाव और मतभेदों के बीच यह फैसला लिया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Aug 2021
forest fire

अल्जीरिया अपने पड़ोसी और कट्टर प्रतिद्वंद्वी मोरक्को के साथ राजनयिक संबंधों को समाप्त कर रहा है। इसकी सरकार ने मंगलवार 24 अगस्त को मोरक्को के पश्चिमी सहारा पर अवैध कब्जे, इज़रायल के साथ संबंधों की स्थापना करने सहित शत्रुतापूर्ण कृत्य जैसे कई कारणों का हवाला देते हुए इसकी घोषणा की।

अल्जीरिया के विदेश मंत्री रामताने लामामरा ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस फैसले की घोषणा की। पिछले हफ्ते, उच्च सुरक्षा परिषद की एक बैठक के बाद अल्जीरियाई सरकार ने अल्जीरिया के खिलाफ मोरक्को के "लगातार शत्रुतापूर्ण कृत्य" बताते हुए मोरक्को के साथ संबंधों की समीक्षा करने के अपने इरादे की घोषणा की थी। इस घोषणा में आगे कहा गया था कि अल्जीरियाई पक्ष मोरक्को के साथ पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत और सुदृढ़ करेगा।

मंत्री ने हालांकि स्पष्ट किया कि दोनों देशों में संबंधित वाणिज्य दूतावास खुले रहेंगे। अल्जीरिया के फैसले की प्रतिक्रिया में मोरक्को की सरकार ने कहा कि वह "इस अन्यायपूर्ण लेकिन अपेक्षित निर्णय पर पूरी तरह से खेद व्यक्त करती है।"

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। विशेष रूप से 2020 में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के अधीन अमेरिका के पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के कब्जे को मान्यता देने के बदले मोरक्को के इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद रिश्तों में करवाहट बढ़ी है। इस निर्णय ने अल्जीरिया में सख्त नाराजगी को जन्म दिया जो मोरक्को के कब्जे के खिलाफ लड़ने वाले वेस्टर्न सहारा पोलिसारियो फ्रंट का समर्थन करता है। दोनों देशों के बीच की ये सीमा भी 1994 से बंद है।

मोरक्को और इजरायल के विदेश मंत्रियों के बीच इस महीने की बैठक में उन्होंने "इस क्षेत्र में अल्जीरिया की भूमिका" पर चिंता व्यक्त की और इजरायल के मंत्री ने ईरान के साथ अल्जीरिया के संबंधों पर संदेह व्यक्त किया जिसको अल्जीरिया में पूरी तरह से खारिज कर दिया गया और नाराजगी व्यक्त की गई। मोरक्को ने हाल ही में अल्जीरियाई बर्बर बहुसंख्यक कबायली क्षेत्र की स्वतंत्रता का विवादास्पद मुद्दा भी उठाया है। अल्जीरियाई अधिकारियों ने देश में इस महीने जंगल में लगी आग के साथ-साथ आग लगाने के झूठे आरोप में एक अल्जीरियाई व्यक्ति की लिंचिंग में शामिल होने को लेकर एमएके के साथ-साथ मोरक्को को भी दोषी ठहराया है। जंगल में आग लगने से करीब 90 लोग मारे गए और हज़ारों हेक्टेयर जंगल जल गए।


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License